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ससुराल में हक न मिला तो दामाद ने अपनाया विरोध का अजब तरीका
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली (सिरसा)
Updated Sat, 10 Sep 2016 09:19 AM IST
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दामाद ने ससुरालियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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ससुराल में दामाद का हक न मिलने से खफा एक युवक ने विरोध का अजब तरीका अपनाया। महिला की तरह घूंघट निकालकर लघुसचिवालय में विरोध करने पहुंच गया। एसडीएम डॉ. संगीता तेत्रवाल के कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो सिक्योरिटी गार्ड ने उसे रोककर घूंघट उठवा दिया।
विरोध जताने वाले युवक ने बताया कि वह कई बार शिकायत कर चुका है। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार लड़की बनकर रिपोर्ट लिखवाने आया हूं, ताकि मेरी सुनवाई हो सके। एसडीएम ने जांच के लिए शिकायत को डीएसपी डबवाली के पास भेजा है।
शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष जमकर तमाशा हुआ। घूंघट में मुंह छिपाए युवक मेरा ससुराल गुम हो गया है, चिल्लाने लगा। उसने अपने हाथ में तख्तियां भी पकड़ी हुई थी।
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जिस पर लिखा हुआ था कि कोई लड़कों की रिपोर्ट दर्ज नहीं करता, लड़की बनकर आए हैं रिपोर्ट दर्ज करवाने। करीब 11 बजे जैसे ही एसडीएम संगीता तेत्रवाल अपने कार्यालय में आईं तो यह युवक अपने परिजनों तथा अन्य सहयोगियों को लेकर एसडीएम कार्यालय की ओर चल दिया।
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विरोध जताने वाले युवक ने बताया कि वह कई बार शिकायत कर चुका है। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार लड़की बनकर रिपोर्ट लिखवाने आया हूं, ताकि मेरी सुनवाई हो सके। एसडीएम ने जांच के लिए शिकायत को डीएसपी डबवाली के पास भेजा है।
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शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष जमकर तमाशा हुआ। घूंघट में मुंह छिपाए युवक मेरा ससुराल गुम हो गया है, चिल्लाने लगा। उसने अपने हाथ में तख्तियां भी पकड़ी हुई थी।
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जिस पर लिखा हुआ था कि कोई लड़कों की रिपोर्ट दर्ज नहीं करता, लड़की बनकर आए हैं रिपोर्ट दर्ज करवाने। करीब 11 बजे जैसे ही एसडीएम संगीता तेत्रवाल अपने कार्यालय में आईं तो यह युवक अपने परिजनों तथा अन्य सहयोगियों को लेकर एसडीएम कार्यालय की ओर चल दिया।
एसडीएम के सिक्योरिटी गार्ड ने रोका
दामाद ने ससुरालियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम के सिक्योरिटी गार्ड राजपाल ने घूंघट में मुंह छिपाए युवक को कार्यालय में घुसने से रोक लिया। उसका घूंघट उठवाकर उसे भीतर जाकर एसडीएम से मिलने दिया। डबवाली के प्रेमनगर निवासी सतीश कुमार ने 11 लोगों के खिलाफ शिकायत देते हुए कहा कि उसकी शादी 2001 में श्वेता के साथ हुई थी। रिश्ते के समय एक आरोपी उसकी पत्नी को अपनी बेटी कहता था। जिसके बाद रिश्ता तय हुआ था।
शादी के इतने वर्षों बाद उसकी पत्नी को न तो बेटी का दर्जा देते हैं और न ही उसे दामाद मानते हैं। ससुरालियों ने उसे घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया है। वे कई बार शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। मामला थाना में जाता है। आरोपियों के भारी दबाव में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। उल्टा उसे ही धमकी देती है कि आरोपियों से बचना है तो ये शहर छोड़कर चला जा।
एसडीएम ने जांच के लिए शिकायत को डीएसपी डबवाली सत्यपाल के पास भेजा है। सतीश के अनुसार उसे मजबूरन लड़की बनकर विरोध दर्ज करवाना पड़ा। चूंकि लड़कों की कोई सुनता नहीं है, लड़कियों की सुनवाई अधिक है। विरोध के दौरान सतीश की पत्नी श्वेता, बेटी तथा अन्य परिजन भी मौजूद थे।
शादी के इतने वर्षों बाद उसकी पत्नी को न तो बेटी का दर्जा देते हैं और न ही उसे दामाद मानते हैं। ससुरालियों ने उसे घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया है। वे कई बार शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। मामला थाना में जाता है। आरोपियों के भारी दबाव में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। उल्टा उसे ही धमकी देती है कि आरोपियों से बचना है तो ये शहर छोड़कर चला जा।
एसडीएम ने जांच के लिए शिकायत को डीएसपी डबवाली सत्यपाल के पास भेजा है। सतीश के अनुसार उसे मजबूरन लड़की बनकर विरोध दर्ज करवाना पड़ा। चूंकि लड़कों की कोई सुनता नहीं है, लड़कियों की सुनवाई अधिक है। विरोध के दौरान सतीश की पत्नी श्वेता, बेटी तथा अन्य परिजन भी मौजूद थे।