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Chandigarh News: एचएसवीपी के सेक्टरों में यूएलबी ने लगाया कचरा कलेक्शन चार्ज
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-हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण खुद संभाल रहा सेक्टरों में सफाई व्यवस्था
-प्रदेशभर के लाखों सेक्टरवासी प्रभावित, ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के अधीन सेक्टरों में भी शहरी स्थानीय विभाग की ओर से गारबेज (कचरा कलेक्शन) चार्ज लगाकर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे प्रदेशभर के लाखों सेक्टर निवासी परेशान हैं। ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इसपर कड़ा विरोध जताया और आंदोलन का एलान किया है। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और ठीक करके प्रॉपर्टी टैक्स के बिल दिए जाएं।
प्रदेश में कुल मिलाकर 435 सेक्टर हैं। सरकार द्वारा वर्ष 2016 में लगभग 207 विकसित सेक्टरों को रखरखाव के लिए स्थानीय निकाय विभाग को सौंप दिया गया। इनमें रिहायशी सेक्टर 181, इंडस्ट्रीयल 23 और इंस्टीट्यूशनल के 3 सेक्टर शामिल हैं। जबकि एचएसवीपी के पास 228 नए सेक्टर हैं, जो पूर्ण विकसित नहीं हुए हैं। नियमानुसार जब तक कोई सेक्टर पूर्ण विकसित नहीं हो जाता तो वो एचएसवीपी के अधीन रहता है। ऐसे में इन सेक्टरों में साफ-सफाई व कचरा कलेक्शन की सुविधाएं एचएसवीपी खुद करवाता है। इसकी एवज में अलाॅटियों से विकास शुल्क व एक्सटेंशन फीस ली जाती है। इन सेक्टरों में निगम द्वारा साफ-सफाई की कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जातीं। इसलिए निगम द्वारा इन सेक्टरों में गारबेज चार्ज वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके निगमों द्वारा इन सेक्टरों के निवासियों पर गारबेज चार्ज लगाकर भेजा जा रहा है।
बाक्स
निगम ने पुराने सेक्टरों में प्रॉपर्टी टैक्स के साथ जोड़ा तीन साल का गारबेज चार्ज
एचएसवीपी के अंतर्गत आने वाले नए सेक्टरों में गलत तरीके से गारबेज चार्ज जोड़ा गया है। इसी प्रकार जो पुराने व विकसित सेक्टर निगम के अधीन हैं, उनमें हाउस टैक्स के साथ पिछले तीन वर्ष का कचरा कलेक्शन शुल्क बिलों में जोड़कर भेजा जा रहा है। जबकि नियमानुसार नवंबर या दिसंबर 2022 से एक वर्ष का शुल्क लागू होना चाहिए था।
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प्रॉपटी टैक्स छूट की योजना के लाभ से वंचित लाखों परिवार
प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान का भुगतान 15 नवंबर तक करने पर वर्ष 2023-24 के बिल राशि पर 15 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। स्थानीय निकाय विभाग ने शहरी क्षेत्रों की लगभग 48 लाख प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड कर रखी हैं। लेकिन प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी और हाउस टैक्स बिलों के साथ गलत गारबेज चार्ज जोड़ने से लाखों परिवार लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए कचरा कलेक्शन का मासिक शुल्क
-100 स्क्वायर मीटर तक के प्लाॅट एरिया में बने आवासीय भवन/हॉस्टल -20 रुपये मासिक
-200 स्क्वायर मीटर तक के प्लॉट एरिया में बने आवासीय भवन/हॉस्टल -40 रुपये मासिक
-200 स्क्वायर मीटर से अधिक और 400 स्क्वायर मीटर तक के प्लॉट एरिया में बने आवासीय भवन/ हॉस्टल- 50 रुपये मासिक
-400 स्क्वायर मीटर से अधिक प्लॉट एरिया के आवासीय भवन/ हॉस्टल - 100 रुपये मासिक
-बीपीएल हाउस, ईडब्ल्यूएस फ्लैट, स्लम बस्ती - 5 रुपये मासिक
-2000 स्क्वायर फुट तक कवर एरिया वाले फ्लैट्स (ईडब्ल्यूएस को छोड़कर) - 50 रुपये प्रति फ्लैट
-2000 स्क्वायर फुट से अधिक कवर क्षेत्र वाले फ्लैट्स -100 रुपये प्रति फ्लैट
कॉमर्शियल साइटों के लिए मासिक शुल्क
-200 स्क्वायर फुट तक कवर्ड एरिया की दुकान व निजी कार्यालय - 25 रुपये मासिक
- 200 स्क्वायर फुट से अधिक कवर्ड एरिया की दुकान व निजी कार्यालय - 100 रुपये मासिक
-नर्सिंग होम, क्लिनिक, अस्पताल, औषधालय, बिना इनडोर सुविधा के 50 बेड तक के अस्पताल- 1500 रुपये मासिक
-50 बेड से अधिक और 100 बेड तक के अस्पताल- 3000 रुपये मासिक
-100 बेड से अधिक संख्या वाले अस्पताल - 5000 रुपये मासिक
-शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, बैंक, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, होटल 10 रूम तक- 500 रुपये मासिक
-मैरिज हाॅल, बैंक्वेट हाल, होटल 10 कमरों से अधिक तथा कॉमर्शियल लाॅन- 4000 रुपये मासिक
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कोट
एचएसवीपी के अन्तर्गत आने वाले सेक्टरों में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा कलेक्शन चार्ज लगाना नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन है। सेक्टरवासी पहले से ही प्राधिकरण को डेवलपमेंट चार्ज व एक्सटेंशन फीस दे रहे हैं। बिना साफ-सफाई कराए ही टैक्स वसूली बिल्कुल गलत है और एसोसिएशन इसका खुलकर विरोध करती है। जल्द ही सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो सेक्टरवासी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
-कुलदीप वत्स, राज्य प्रधान, ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन।
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बिना सुविधा नहीं ले सकते शुल्क, ठीक किए जाएंगे बिल : निदेशक
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक डाॅ. यशपाल यादव ने कहा कि निगम केवल उन्हीं सेक्टरों में गारबेज चार्ज ले सकता है, जहां पर वह कचरा कलेक्शन की सुविधा लोगों को देता है। अगर कहीं पर बिना सुविधा दिए गारबेज चार्ज के बिल लगाकर भेजे गए हैं, तो यह गलत है। इनको दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी ने भुगतान भी कर दिया है तो उसे वापस किया जाएगा। शुल्क वसूली नियमों के तहत की जाएगी।
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-प्रदेशभर के लाखों सेक्टरवासी प्रभावित, ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के अधीन सेक्टरों में भी शहरी स्थानीय विभाग की ओर से गारबेज (कचरा कलेक्शन) चार्ज लगाकर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे प्रदेशभर के लाखों सेक्टर निवासी परेशान हैं। ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इसपर कड़ा विरोध जताया और आंदोलन का एलान किया है। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि इसे तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और ठीक करके प्रॉपर्टी टैक्स के बिल दिए जाएं।
प्रदेश में कुल मिलाकर 435 सेक्टर हैं। सरकार द्वारा वर्ष 2016 में लगभग 207 विकसित सेक्टरों को रखरखाव के लिए स्थानीय निकाय विभाग को सौंप दिया गया। इनमें रिहायशी सेक्टर 181, इंडस्ट्रीयल 23 और इंस्टीट्यूशनल के 3 सेक्टर शामिल हैं। जबकि एचएसवीपी के पास 228 नए सेक्टर हैं, जो पूर्ण विकसित नहीं हुए हैं। नियमानुसार जब तक कोई सेक्टर पूर्ण विकसित नहीं हो जाता तो वो एचएसवीपी के अधीन रहता है। ऐसे में इन सेक्टरों में साफ-सफाई व कचरा कलेक्शन की सुविधाएं एचएसवीपी खुद करवाता है। इसकी एवज में अलाॅटियों से विकास शुल्क व एक्सटेंशन फीस ली जाती है। इन सेक्टरों में निगम द्वारा साफ-सफाई की कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जातीं। इसलिए निगम द्वारा इन सेक्टरों में गारबेज चार्ज वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके निगमों द्वारा इन सेक्टरों के निवासियों पर गारबेज चार्ज लगाकर भेजा जा रहा है।
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निगम ने पुराने सेक्टरों में प्रॉपर्टी टैक्स के साथ जोड़ा तीन साल का गारबेज चार्ज
एचएसवीपी के अंतर्गत आने वाले नए सेक्टरों में गलत तरीके से गारबेज चार्ज जोड़ा गया है। इसी प्रकार जो पुराने व विकसित सेक्टर निगम के अधीन हैं, उनमें हाउस टैक्स के साथ पिछले तीन वर्ष का कचरा कलेक्शन शुल्क बिलों में जोड़कर भेजा जा रहा है। जबकि नियमानुसार नवंबर या दिसंबर 2022 से एक वर्ष का शुल्क लागू होना चाहिए था।
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प्रॉपटी टैक्स छूट की योजना के लाभ से वंचित लाखों परिवार
प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान का भुगतान 15 नवंबर तक करने पर वर्ष 2023-24 के बिल राशि पर 15 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। स्थानीय निकाय विभाग ने शहरी क्षेत्रों की लगभग 48 लाख प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड कर रखी हैं। लेकिन प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी और हाउस टैक्स बिलों के साथ गलत गारबेज चार्ज जोड़ने से लाखों परिवार लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए कचरा कलेक्शन का मासिक शुल्क
-100 स्क्वायर मीटर तक के प्लाॅट एरिया में बने आवासीय भवन/हॉस्टल -20 रुपये मासिक
-200 स्क्वायर मीटर तक के प्लॉट एरिया में बने आवासीय भवन/हॉस्टल -40 रुपये मासिक
-200 स्क्वायर मीटर से अधिक और 400 स्क्वायर मीटर तक के प्लॉट एरिया में बने आवासीय भवन/ हॉस्टल- 50 रुपये मासिक
-400 स्क्वायर मीटर से अधिक प्लॉट एरिया के आवासीय भवन/ हॉस्टल - 100 रुपये मासिक
-बीपीएल हाउस, ईडब्ल्यूएस फ्लैट, स्लम बस्ती - 5 रुपये मासिक
-2000 स्क्वायर फुट तक कवर एरिया वाले फ्लैट्स (ईडब्ल्यूएस को छोड़कर) - 50 रुपये प्रति फ्लैट
-2000 स्क्वायर फुट से अधिक कवर क्षेत्र वाले फ्लैट्स -100 रुपये प्रति फ्लैट
कॉमर्शियल साइटों के लिए मासिक शुल्क
-200 स्क्वायर फुट तक कवर्ड एरिया की दुकान व निजी कार्यालय - 25 रुपये मासिक
- 200 स्क्वायर फुट से अधिक कवर्ड एरिया की दुकान व निजी कार्यालय - 100 रुपये मासिक
-नर्सिंग होम, क्लिनिक, अस्पताल, औषधालय, बिना इनडोर सुविधा के 50 बेड तक के अस्पताल- 1500 रुपये मासिक
-50 बेड से अधिक और 100 बेड तक के अस्पताल- 3000 रुपये मासिक
-100 बेड से अधिक संख्या वाले अस्पताल - 5000 रुपये मासिक
-शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, बैंक, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, होटल 10 रूम तक- 500 रुपये मासिक
-मैरिज हाॅल, बैंक्वेट हाल, होटल 10 कमरों से अधिक तथा कॉमर्शियल लाॅन- 4000 रुपये मासिक
कोट
एचएसवीपी के अन्तर्गत आने वाले सेक्टरों में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा कलेक्शन चार्ज लगाना नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन है। सेक्टरवासी पहले से ही प्राधिकरण को डेवलपमेंट चार्ज व एक्सटेंशन फीस दे रहे हैं। बिना साफ-सफाई कराए ही टैक्स वसूली बिल्कुल गलत है और एसोसिएशन इसका खुलकर विरोध करती है। जल्द ही सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो सेक्टरवासी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
-कुलदीप वत्स, राज्य प्रधान, ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन।
बिना सुविधा नहीं ले सकते शुल्क, ठीक किए जाएंगे बिल : निदेशक
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक डाॅ. यशपाल यादव ने कहा कि निगम केवल उन्हीं सेक्टरों में गारबेज चार्ज ले सकता है, जहां पर वह कचरा कलेक्शन की सुविधा लोगों को देता है। अगर कहीं पर बिना सुविधा दिए गारबेज चार्ज के बिल लगाकर भेजे गए हैं, तो यह गलत है। इनको दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी ने भुगतान भी कर दिया है तो उसे वापस किया जाएगा। शुल्क वसूली नियमों के तहत की जाएगी।