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भुवनेश्वर का सीटीटीसी: रॉकेट से रोबोट तक बनाना सीख रहे युवा, देश को तकनीकी रूप से बना रहा आत्मनिर्भर
Thu, 17 Sep 2026 11:00 AM IST
Nivedita
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:00 AM IST
सार
सीटीटीसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत काम करता है। संस्थान के महाप्रबंधक प्रभारी डॉ. केएम राजन ने बताया कि केंद्र देश में सटीक विनिर्माण क्षमता और तकनीकी कौशल विकसित करने में भूमिका निभा रहा है।
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जानकारी देते सुसंता कुमार राउत (बाएं) और एचओडी डॉ. केएम राजन (दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रॉकेट के पुर्जों से लेकर रोबोट और 3डी प्रिंटिंग तक… देश में आधुनिक विनिर्माण के लिए युवाओं को किस तरह तैयार किया जा रहा है, इसकी झलक भुवनेश्वर के केंद्रीय टूल रूम एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीटीटीसी) में देखने को मिली। पीआईबी भुवनेश्वर की ओर से आयोजित एक्सपोजर टूर में चंडीगढ़ के पत्रकारों ने संस्थान की अत्याधुनिक मशीनों, प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।
सीटीटीसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत काम करता है। संस्थान के महाप्रबंधक प्रभारी डॉ. केएम राजन ने बताया कि केंद्र देश में सटीक विनिर्माण क्षमता और तकनीकी कौशल विकसित करने में भूमिका निभा रहा है। संस्थान का जुड़ाव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ भी है। यहां प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को सीधे काम के लिए तैयार किया जा सके।
4 हजार से ज्यादा वर्कस्टेशन, मशीनों पर सीख रहे छात्र
पत्रकारों ने 3डी मेटल और प्लास्टिक प्रिंटिंग, इंडस्ट्री-4.0, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की प्रयोगशालाओं का दौरा किया। हाई-प्रिसीजन सीएनसी मिलिंग और टर्निंग मशीनों पर चल रहे प्रशिक्षण को भी देखा। संस्थान में डिजिटल डिजाइन के लिए 4,000 से अधिक वर्कस्टेशन हैं, जिन पर आधुनिक कंप्यूटर एडेड डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है।
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प्रशिक्षण ले रहे छात्रों ने मशीनों पर लाइव काम करके अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने प्रशिक्षण व्यवस्था और व्यावहारिक सीखने के तरीके को देखा। सीटीटीसी के प्रशासन, लेखा एवं मानव संसाधन प्रमुख सुशांत कुमार राउत ने कहा कि उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और सटीक इंजीनियरिंग की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है।
दौरे में पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर संवाद हुआ।
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सीटीटीसी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत काम करता है। संस्थान के महाप्रबंधक प्रभारी डॉ. केएम राजन ने बताया कि केंद्र देश में सटीक विनिर्माण क्षमता और तकनीकी कौशल विकसित करने में भूमिका निभा रहा है। संस्थान का जुड़ाव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ भी है। यहां प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को सीधे काम के लिए तैयार किया जा सके।
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4 हजार से ज्यादा वर्कस्टेशन, मशीनों पर सीख रहे छात्र
पत्रकारों ने 3डी मेटल और प्लास्टिक प्रिंटिंग, इंडस्ट्री-4.0, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की प्रयोगशालाओं का दौरा किया। हाई-प्रिसीजन सीएनसी मिलिंग और टर्निंग मशीनों पर चल रहे प्रशिक्षण को भी देखा। संस्थान में डिजिटल डिजाइन के लिए 4,000 से अधिक वर्कस्टेशन हैं, जिन पर आधुनिक कंप्यूटर एडेड डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है।
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प्रशिक्षण ले रहे छात्रों ने मशीनों पर लाइव काम करके अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने प्रशिक्षण व्यवस्था और व्यावहारिक सीखने के तरीके को देखा। सीटीटीसी के प्रशासन, लेखा एवं मानव संसाधन प्रमुख सुशांत कुमार राउत ने कहा कि उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और सटीक इंजीनियरिंग की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है।
दौरे में पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर संवाद हुआ।