फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   UBS is doing PhD admissions, UIAMS department also raised the demand

यूबीएस कर रहा पीएचडी में दाखिले, यूआईएएमएस विभाग ने भी उठाई मांग

Thu, 20 Jan 2022 02:39 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 20 Jan 2022 02:39 AM IST
विज्ञापन
UBS is doing PhD admissions, UIAMS department also raised the demand
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूबीएस विभाग में इस समय पीएचडी के दाखिले चल रहे हैं। इसी के साथ यूआईएएमएस विभाग ने भी मांग शुरू कर दी है। कुछ शिक्षकों ने पीयू प्रशासन से कहा है कि उनके विभाग में भी पीएचडी की प्रक्रिया शुरू की जाए और पीएचडी के लिए अभ्यर्थियों का चयन खुद विभाग ही करे। तर्क दिया है कि शोध न होने के कारण विभाग का विकास पूरा नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

पीयू के यूबीएस विभाग में एमबीए की पढ़ाई होती है। इसी तरह यूआईएएमएस विभाग में एमबीए की पढ़ाई मैनेजमेंट के जरिए होती है। फीस आदि का कुछ अंतर है। बाकी शिक्षक दोनों ही विभागों में स्थायी हैं। वर्ष 2018 से यूआईएएमएस विभाग में पीएचडी बंद हो गई। इस कारण शिक्षक शोध नहीं करवा पा रहे हैं जबकि शोध शिक्षकों के अलावा विभाग के विकास में सहायक होता है। इस प्रकरण को सीनेट की बैठक में सीनेटर डॉ. निधि गौतम ने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि पीएचडी जल्द शुरू की जाए। दूसरे विभाग के भरोसे विभाग को नहीं बैठना है।
विज्ञापन

शोध शुरू होगा तो विभाग और तरक्की करेगा
इस समय यूबीएस विभाग में पीएचडी की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच यूआईएएमएस विभाग के कुछ शिक्षकों ने मांग उठाई है कि वह भी शोधार्थियों का प्रवेश करना चाहते हैं। पीयू इसके लिए अनुमति दे। उन्होंने कहा कि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और अनुभवी शिक्षक हैं। यहां शोध होगा तो विभाग ही नहीं, पीयू का भी नाम होगा। उन्होंने एमबीए की रैंकिंग आदि के आंकड़े भी अफसरों के सामने रखें हैं। तर्क दिया है कि यदि शोध यहां शुरू होता तो विभाग काफी आगे पहुंचता। कई विदेशी एजेंसी शोध के डाटा उठाकर ही रैंक जारी कर देती हैं। ऐसे में यूआईएएमएस विभाग के पास तीन साल से शोध के आंकड़े नहीं हैं। इस पर पीयू ध्यान दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट---
यूबीएस विभाग को नहीं मिला स्थायी अध्यक्ष
पीयू के यूबीएस विभाग का देश दुनिया में नाम है। रैंकिंग भी विभाग की बेहतर है, लेकिन इसको एक साल से स्थायी अध्यक्ष नहीं मिल सका। विभाग के ही कुछ शिक्षकों का कहना है कि यदि अध्यक्ष विभाग में होता है तो काम जल्दी होते हैं। फाइलें जल्दी पास होती हैं। इस समय चार शिक्षकों को अधिकार बांटे गए हैं। अध्यक्ष का कार्यभार डीयूआई के पास है। डीयूआई महत्वपूर्ण पद है, जिसके पास पहले ही फाइलों का ढेर लगा होता है। ऐसे में पीयू को रास्ता निकालने के लिए शिक्षकों ने कहा है ताकि विभाग का संचालन और बेहतर हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed