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Chandigarh News: जीएमसीएच 32 के दो यूरोलॉजिस्ट ने दिया इस्तीफा, वेबसाइट पर अब भी मौजूद

Mon, 26 Feb 2024 01:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Feb 2024 01:49 AM IST
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Two urologists of GMCH 32 resigned, still present on website
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विदुर भल्ला जनवरी 2024 और असिस्टेंट प्रोफेसर दुष्यंत शर्मा चार महीने पहले इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन अस्पताल की वेबसाइट पर अब भी मौजूद हैं। स्थिति यह है कि वेबसाइट देखकर मरीज यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियों का इलाज करवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं जबकि वेबसाइट की गलत सूचना उनकी मुश्किल बढ़ा रही है। इन दोनों डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद से यूरोलॉजी की ओपीडी और सर्जरी ठप हो चुकी है। फॉलोअप के मरीजों को दो सीनियर रेजिडेंट संभाल रहे हैं। बड़ी बात यह है कि ये दोनों यूरोलॉजी विभाग के नहीं बल्कि जनरल सर्जरी के रेजिडेंट हैं। इसके बावजूद इन पर यूरोलॉजी के मरीजों को देखने की जिम्मेदारी डाल दी गई है।
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विशेषज्ञों के न होने से अस्पताल की यूरोलॉजी विभाग की करोड़ों की मशीनें ठप पड़ी हैं। सर्जरी न होने से मरीज परेशान हैं। यूरोलॉजी की ओपीडी सोमवार और बुधवार को चलती थी जबकि मंगलवार व वीरवार को सर्जरी होती थी। मरीजों की संख्या को देखते हुए इस विभाग को अलग ओटी टेबल भी दिया गया था लेकिन अब सारी व्यवस्था बेकार पड़ी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नई नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम चार महीने लगेंगे।
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नर्सिंग ऑफिसर से भी कम वेतन
अस्पताल के एक विशेषज्ञ ने बताया कि केंद्रीय वेतनमान में शामिल होने के बाद विशेषज्ञ का वेतन नर्सिंग अफसर से भी कम हो गया है। यही वजह है कि विशेषज्ञ डॉक्टर निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे पहले भी स्थिति यही थी। इसके चलते यूरोलॉजी विभाग के साथ अन्य विशेषज्ञों के कई पद खत्म किए जा चुके हैं। इससे अस्पताल को नुकसान हो रहा है।
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कोट
यूरोलॉजी विभाग के दो डॉक्टर अस्पताल छोड़ चुके हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को लिखा गया है। एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनाती न होने से वह पद खत्म हो गया है। फिलहाल नई तैनाती की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग चार महीने का समय लगेगा।
-प्रो. एके अत्रि, डायरेक्टर प्रिंसिपल जीएमसीएच 32
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