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एक घंटे के भीतर एक ही टूरिस्ट बस पर नजर आई दो नंबर प्लेट, मालिक ने जताई हैरानी, जांच शुरू

Mon, 02 Mar 2020 03:32 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 02 Mar 2020 03:32 PM IST
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Two number plates on the same tourist bus within an hour .. checking start
एक टूरिस्ट बस पर दो नंबर प्लेट - फोटो : अमर उजाला
रॉक गार्डन के नजदीक एक घंटे के भीतर ट्रेवल एजेंसी की एक ही बस पर दो अलग-अलग नंबरों को देखा गया। हैरानी की बात यह है कि पहली नंबर प्लेट हरियाणा के जिला हिसार की जबकि दूसरा नंबर टेंपरेरी था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बस को पहले पकड़ा, फिर छोड़ दिया, जिसके बाद नंबर प्लेट को बदलकर टेंपरेरी नंबर लगा दिया गया। मामला एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले के संज्ञान में आने के बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। चंडीगढ़ टूरिस्ट हब है। यहां देश-विदेश के पर्यटकों को लेकर अलग-अलग राज्यों से ट्रेवल एजेंसी की बसें आती हैं।
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शनिवार दोपहर करीब सवा बारह बजे रॉक गार्डन के पास टूरिस्टों को सैर करवाई जा रही थी। बस में करीब 30 से ज्यादा टूरिस्ट थे। सूत्रों का कहना है कि बस को पुलिस ने रॉक गार्डन के पास रुकवाकर कागजात जांचने के बाद चालक समेत बस को छोड़ दिया। इसके थोड़ी देर बाद उसी बस की पुरानी नंबर प्लेट को बदलकर टेंपरेरी नंबर लगा दिया गया। इतना ही नहीं, इस टेंपरेरी नंबर को छिपाने की कोशिश में इसे खुरचा भी गया था। इस संबंध में थाना प्रभारी जसपाल सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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मालिक ने जताई हैरानी
यह नंबर मेरे नाम पर रजिस्टर्ड है। ऐसे कैसे हो सकता है कि उनकी बस पर अलग-अलग नंबर प्लेट लगाई गई हो। अगर ऐसा कुछ हुआ तो मुझे जरूर बताया जाता। बाकी मैं अपने मैनेजर से चेक करवा लेता हूं।
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- जयवीर गिल, मालिक (जय बाला जी ट्रेवल एजेंसी)

मामला संज्ञान में आया है। सेंट्रल डीएसपी से इस संबंध में पूछा गया है, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी

ट्रेवल एजेंसी संचालक ऐसे करते हैं खेल
जानकारों का कहना है कि ट्रेवल एजेंसी संचालकों को अन्य राज्यों का परमिट आसानी से नहीं मिलता। ऐसे में कई ट्रेवल एजेंसी संचालक दूसरे राज्यों में बसें भेजते समय उन पर किसी ऐसी बस का नंबर प्लेट लगा देते हैं, जिसका परमिट उस राज्य का होता है। ऐसे में वह आसानी से ट्रैफिक पुलिस की नजर में आने से बच जाते हैं।
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