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भारतीय कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू, हरियाणा के मंत्री अनिल विज भी हुए शामिल

Fri, 20 Nov 2020 12:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 20 Nov 2020 12:03 PM IST
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Trial dose of Covaxin given to Haryana Health Minister Anil Vij
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में कोरोना की देसी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के तीसरे चरण का परीक्षण शुक्रवार को शुरू हुआ। सबसे पहला टीका हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में लगाया गया। पीजीआई रोहतक की टीम की निगरानी में ही मंत्री विज को वैक्सीन का टीका लगाया गया। इसके बाद आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया। भले ही इस दौरान मंत्री विज के चेहरे पर मुस्कुराहट थी लेकिन डॉक्टरों की सांसें अटकी हुई थीं। 

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इससे पहले रोहतक पीजीआई की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खून का नमूना लिया। सफल ट्रायल के बाद मंत्री विज ने जीत का निशान दिखाया और सीधे चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय के लिए रवाना हो गए। मंत्री ने खुद आराम की जगह कार्यालय जाकर काम करने की इच्छा जताई। 
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इस पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें अनुमति दी। बता दें कि हरियाणा में कोवैक्सीन के टीके के परीक्षण की जिम्मेदारी पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पीजीआईएमएस को सौंपी गई है। टीम में कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, रिसर्च की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा, को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा, नर्सिंग स्टाफ व एलटी स्टाफ मौजूद रहे। 
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रोहतक, हैदराबाद व गोवा में शुरू हुआ ट्रायल
कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल पीजीआईएमएस रोहतक, हैदराबाद व गोवा में शुरू हुआ। इसके तहत तीनों संस्थानों में 200-200 वालंटियर्स को शुक्रवार से वैक्सीन की डोज दी जाएगी। यह डोज छह-छह एमजी की होगी। पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी और 48 दिन बाद उनके शरीर में एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। सही परिणाम मिलने पर देशभर में चिह्नित 21 संस्थानों में कुल 25,800 वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी। 

यह जानकारी बुधवार को पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने दी। उन्होंने बताया कि कोवैक्सीन के खतरे काफी कम हैं। अभी तक की रिसर्च में एक दो वालंटियर को हल्का बुखार व टीके के स्थान पर दर्द जैसी समस्या आई है। हमारे सभी वालंटियर स्वस्थ हैं और अभी तक किसी को कोरोना होने की रिपोर्ट भी नहीं है।

फरवरी के बाद बाजार में आ सकती है वैक्सीन

Trial dose of Covaxin given to Haryana Health Minister Anil Vij
Haryana - फोटो : अमर उजाला

कुलपति ने बताया कि फरवरी के बाद वैक्सीन बाजार में आ सकती है। फिलहाल भारत बॉयोटैक कंपनी इस वैक्सीन पर शोध करवा रही है। शोध में सफल होने पर आईसीएमआर की ओर से वैक्सीन निर्माण का काम संबंधित कंपनी को दिया जाएगा। उसके बाद बाजार में वैक्सीन उपलब्ध होगी। 

वैक्सीन से अधिक उम्मीद
एक्सपर्ट मानते हैं कि विदेश में चल रही रिसर्च की तुलना में भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन अधिक कामयाब होगी, क्योंकि इसे देश में पाए जाने वाले वायरस के स्टेन के आधार पर तैयार किया गया है। हम इसे प्रयोग करेंगे तो अधिक प्रभावशाली रहेगा।



ऐसे समझे वैक्सीन का विज्ञान
वैक्सीन की रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा बताते हैं कि कोवैक्सीन किल्ड वैक्सीन है। इसलिए इसके नुकसानदायक होने की आशंका नहीं रहती। रोहतक पीजीआईएमएस के पास तीसरे फेज के परीक्षण के लिए 200 वैक्सीन आ गई हैं। इसमें पहली डोज स्वास्थ्य मंत्री को दी गई। एक्सपर्ट ने बताया कि वैक्सीन दो प्रकार की होती है। एक लाइव व दूसरी किल्ड। 

किल्ड वैक्सीन में जो मैटेरियल इंजेक्शन से शरीर में भेजा जाता है, उसके वॉल को केमिकल से किल कर दिया जाता है। वह शरीर के अंदर जाकर धीरे-धीरे एंटी बॉडी प्रोड्यूस करता है और शरीर को लड़ने लायक बनाता है। लाइव वैक्सीन में वॉल को केमिकल से हटा दिया जाता है और यह खतरा पैदा नहीं कर सकता, क्योंकि वॉल का आउटर एरिया ही परेशान करता है। वैक्सीन इसलिए सुरक्षित है, यह शरीर में जा कर धीरे-धीरे अपना प्रोडक्शन करती है।

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