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अति कठोर शर्तें ठीक नहीं, इससे तो पैरोल का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा: हाईकोर्ट
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-दो लाख रुपये की दो जमानत जमा के आदेश को हाईकोर्ट ने किया रद्द, 1 लाख किया
-हत्या के मामले में सजा काट रहे व्यक्ति ने लगाई थी हाईकोर्ट से गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हत्या के मामले में सजा काट रहे व्यक्ति पर पैरोल के लिए दो लाख रुपये की दो जमानत की शर्त को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अति कठोर बताते हुए कहा कि इससे तो पैरोल का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। हाईकोर्ट ने जमानत की राशि को घटाकर 1 लाख करते हुए याची को पैरोल का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए महेंद्रगढ़ निवासी जगदीश ने बताया कि वह 2018 में हुई हत्या के मामले में जेल में है और उसने 10 सप्ताह की पैरोल के लिए आवेदन किया था। उसकी पैरोल को सरकार ने मंजूर कर लिया लेकिन उसे 2 लाख रुपये की दो जमानत जमा करवाने का आदेश जारी कर दिया। याची ने कहा कि उसकी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और ऐसे में यदि इस प्रकार की शर्त रखी गई तो पैरोल मिलने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। हरियाणा सरकार ने कहा कि इससे पहले भी इसी शर्त पर याची पैरोल का लाभ ले चुका है और ऐसे में इसे अधिक राशि नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि पैरोल के आवेदन पर विचार करते हुए याची की वित्तीय स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। पहले किसी शर्त पर जिसे जमानत मिली है उसके लिए न्यायालय के समक्ष उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। कैदियों को पैरोल के पीछे सुधारात्मक उद्देश्य भी होते हैं और यदि इस प्रकार दमनकारी व कठोर आदेश जारी हुए तो वह निरर्थक हो जाएगा। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत की राशि आधा करने का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
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-हत्या के मामले में सजा काट रहे व्यक्ति ने लगाई थी हाईकोर्ट से गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हत्या के मामले में सजा काट रहे व्यक्ति पर पैरोल के लिए दो लाख रुपये की दो जमानत की शर्त को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अति कठोर बताते हुए कहा कि इससे तो पैरोल का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। हाईकोर्ट ने जमानत की राशि को घटाकर 1 लाख करते हुए याची को पैरोल का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए महेंद्रगढ़ निवासी जगदीश ने बताया कि वह 2018 में हुई हत्या के मामले में जेल में है और उसने 10 सप्ताह की पैरोल के लिए आवेदन किया था। उसकी पैरोल को सरकार ने मंजूर कर लिया लेकिन उसे 2 लाख रुपये की दो जमानत जमा करवाने का आदेश जारी कर दिया। याची ने कहा कि उसकी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और ऐसे में यदि इस प्रकार की शर्त रखी गई तो पैरोल मिलने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। हरियाणा सरकार ने कहा कि इससे पहले भी इसी शर्त पर याची पैरोल का लाभ ले चुका है और ऐसे में इसे अधिक राशि नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि पैरोल के आवेदन पर विचार करते हुए याची की वित्तीय स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। पहले किसी शर्त पर जिसे जमानत मिली है उसके लिए न्यायालय के समक्ष उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। कैदियों को पैरोल के पीछे सुधारात्मक उद्देश्य भी होते हैं और यदि इस प्रकार दमनकारी व कठोर आदेश जारी हुए तो वह निरर्थक हो जाएगा। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत की राशि आधा करने का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।