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टोक्यो ओलंपिक : खिलाड़ियों ने ठाना.. सोना पर लगाएंगे निशाना
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चंडीगढ़। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस बार ट्राइसिटी से निशानेबाजी, मुक्केबाजी, जेवलिन के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए नजर आएंगे। ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू हो रहा है। शूटिंग प्रतियोगिता 24 से शुरू हो जाएगी और 26 तक मुख्य मुकाबले खत्म हो जाएंगे। निशानेबाजी में अंजुम मोदगिल, यशस्विनी देशवाल, अंगद वीर बाजवा ट्राइसिटी से ओलंपिक में अपना दमखम दिखाएंगे। वहीं मुक्केबाजी में मनीष कौशिक और जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा पदक के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। संवाद
स्विस बॉल पर बैलेंस बनाकर अभ्यास कर रहे नीरज
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 के छात्र रहे जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के पास एक समय जेवलिन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इन्होंने अपनी जिंदगी में कई कठिनाइयों के बाद टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। आज वह ओलंपिक में जेवलिन थ्रो प्रतिस्पर्धा में पदक जीतने के प्रमुख दावेदारों मे से एक हैं। इनके पहले कोच नसीम अहमद ने बताया कि इन दिनों वह स्वीडन में अभ्यास कर रहे हैं। फिलहाल नीरज स्वीडन में इनडोर में स्विस बॉल पर जेवलिन के साथ बैलेंस बनाने के लिए घंटों कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। वह दिन में छह घंटे इनडोर और आउटडोर अभ्यास कर रहे हैं। अगले दो-तीन दिन तक वह ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए जापान रवाना हो जाएंगे।
अंजुम ने दिलाया था शूटिंग का पहला कोटा
टोक्यो ओलंपिक के महिला वर्ग में पहला कोटा दिलाने वाली अंजुम मोदगिल चंडीगढ़ के सेक्टर-37 की रहने वाली हैं। मौजूदा समय में भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ क्रोएशिया में हैं। वह ओलंपिक में 50 मीटर 3 प्री और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स इवेंट में हिस्सा ले रही है। अंजुम मोदगिल की मां शुभ मोदगिल ने बताया कि जब से अंजुम ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग किया है। वह सुबह-शाम अभ्यास में जुटी रहती है। उसने मौजूदा कोच दीपाली देश पांड्ेय संग दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कई घंटे अभ्यास करते हुए बिताए हैं। उम्मीद है कि वह ओलंपिक में पदक पर निशाना साधने मे कामयाब होगी।
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क्वालीफाइंग के बाद से नहीं छुआ मोबाइल
यशस्विनी देशवाल पंचकूला की रहने वाली युवा शूटर है और ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स इवेंट में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। फिलहाल अभी भारतीय टीम के साथ क्रोएशिया में अभ्यास कर रही हैं। यहीं से वह टोक्यो ओलंपिक के लिए रवाना हो जाएंगी। इनके पिता एसएस देशवाल आईटीबीपी में डीजीपी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह रेंज में ट्रेनिंग ली है। ओलंपिक क्वालीफाइंग होने के बाद इसकी तैयारियों को देखते हुए उसका मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है, ताकि उसके दोस्त, रिश्तेदार उसे फोन कर उसका ध्यान भंग न कर दें।
पदक जीतना ही जिंदगी का लक्ष्य
अंगद वीर बाजवा डेराबस्सी के रहने वाले हैं। ओलंपिक में स्कीट शूटिंग प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेंगे। मौजूदा समय में इटली में अभ्यास कर रहे हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने बताया था कि ओलंपिक में पदक जीतना ही मेरी जिंदगी का एकमात्र लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने डेराबस्सी स्थित घर पर ही शूटिंग रेंज बनाई हुई है। जहां पर सुबह, दोपहर, शाम तीनों समय दो-दो घंटे अभ्यास करता हूं। अपने दिमाग को शांत रखने के लिए योग भी करता हूं। वहीं जिम में कसरत के साथ डाइट पर पूरा ध्यान दे रहा हूं।
इटली में अभ्यास कर रहे हैं मनीष
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के कॉलेज के छात्र रहे मुक्केबाज मनीष कौशिक मूल रूप से भिवानी के देवसर गांव के रहने वाले हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी प्रतिस्पर्धा में 63 किलो भार वर्ग में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इन्होंने आस्ट्रेलिया के हैरिसन गरसिडे को 4-1 से हराकर ओलंपिक क्वालीफाइंग किया था। मौजूदा समय में वह इटली में अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओलंपिक में खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। इसके लिए मैं कई सालों से कड़ी मेहनत कर रहा हूं।
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स्विस बॉल पर बैलेंस बनाकर अभ्यास कर रहे नीरज
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 के छात्र रहे जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के पास एक समय जेवलिन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इन्होंने अपनी जिंदगी में कई कठिनाइयों के बाद टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। आज वह ओलंपिक में जेवलिन थ्रो प्रतिस्पर्धा में पदक जीतने के प्रमुख दावेदारों मे से एक हैं। इनके पहले कोच नसीम अहमद ने बताया कि इन दिनों वह स्वीडन में अभ्यास कर रहे हैं। फिलहाल नीरज स्वीडन में इनडोर में स्विस बॉल पर जेवलिन के साथ बैलेंस बनाने के लिए घंटों कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। वह दिन में छह घंटे इनडोर और आउटडोर अभ्यास कर रहे हैं। अगले दो-तीन दिन तक वह ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए जापान रवाना हो जाएंगे।
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अंजुम ने दिलाया था शूटिंग का पहला कोटा
टोक्यो ओलंपिक के महिला वर्ग में पहला कोटा दिलाने वाली अंजुम मोदगिल चंडीगढ़ के सेक्टर-37 की रहने वाली हैं। मौजूदा समय में भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ क्रोएशिया में हैं। वह ओलंपिक में 50 मीटर 3 प्री और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स इवेंट में हिस्सा ले रही है। अंजुम मोदगिल की मां शुभ मोदगिल ने बताया कि जब से अंजुम ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग किया है। वह सुबह-शाम अभ्यास में जुटी रहती है। उसने मौजूदा कोच दीपाली देश पांड्ेय संग दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कई घंटे अभ्यास करते हुए बिताए हैं। उम्मीद है कि वह ओलंपिक में पदक पर निशाना साधने मे कामयाब होगी।
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क्वालीफाइंग के बाद से नहीं छुआ मोबाइल
यशस्विनी देशवाल पंचकूला की रहने वाली युवा शूटर है और ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स इवेंट में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। फिलहाल अभी भारतीय टीम के साथ क्रोएशिया में अभ्यास कर रही हैं। यहीं से वह टोक्यो ओलंपिक के लिए रवाना हो जाएंगी। इनके पिता एसएस देशवाल आईटीबीपी में डीजीपी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह रेंज में ट्रेनिंग ली है। ओलंपिक क्वालीफाइंग होने के बाद इसकी तैयारियों को देखते हुए उसका मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है, ताकि उसके दोस्त, रिश्तेदार उसे फोन कर उसका ध्यान भंग न कर दें।
पदक जीतना ही जिंदगी का लक्ष्य
अंगद वीर बाजवा डेराबस्सी के रहने वाले हैं। ओलंपिक में स्कीट शूटिंग प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेंगे। मौजूदा समय में इटली में अभ्यास कर रहे हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने बताया था कि ओलंपिक में पदक जीतना ही मेरी जिंदगी का एकमात्र लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने डेराबस्सी स्थित घर पर ही शूटिंग रेंज बनाई हुई है। जहां पर सुबह, दोपहर, शाम तीनों समय दो-दो घंटे अभ्यास करता हूं। अपने दिमाग को शांत रखने के लिए योग भी करता हूं। वहीं जिम में कसरत के साथ डाइट पर पूरा ध्यान दे रहा हूं।
इटली में अभ्यास कर रहे हैं मनीष
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 के कॉलेज के छात्र रहे मुक्केबाज मनीष कौशिक मूल रूप से भिवानी के देवसर गांव के रहने वाले हैं। वह टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी प्रतिस्पर्धा में 63 किलो भार वर्ग में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इन्होंने आस्ट्रेलिया के हैरिसन गरसिडे को 4-1 से हराकर ओलंपिक क्वालीफाइंग किया था। मौजूदा समय में वह इटली में अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओलंपिक में खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। इसके लिए मैं कई सालों से कड़ी मेहनत कर रहा हूं।