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भ्रष्टाचारः कर्मचारियों के लिए सरकार का ताजा फरमान

Mon, 13 Jul 2015 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी Updated Mon, 13 Jul 2015 12:58 PM IST
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to give property detail is compulsory for haryana govt employees

सरकारी सेवा में कार्यरत हर अधिकारी-कर्मचारी को अब अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। उन्हें यह बताना होगा कि उनके नाम से कितनी और कहां-कहां चल-अचल संपत्ति है।

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इस विवरण में पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से ली गई संपत्ति का भी हिसाब-किताब शामिल है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए शासन ने विभागों को यह निर्देश जारी कर दिए हैं, जो अब जिले में भी पहुंच गया है। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द से जल्द यह ब्योरा जमा करने को कहा गया है।
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नौकरशाहों की संपत्ति को लेकर आए दिन सवाल उठते रहे हैं। देश के कई प्रांतों में जांच के दौरान नौकरशाहों के पास आय से कई गुना अधिक संपत्ति बरामद भी हुई है। इनमें सिर्फ प्रथम श्रेणी के अधिकारी ही नहीं, तृतीय श्रेणी तक के कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रभावशाली पदों पर बैठकर निजी हितों को भुनाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की कवायद प्रदेश में भी शुरू हो गई है।
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चीफ सेक्रेट्री की ओर से सभी विभागों को पत्र जारी कर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से संपत्ति का ब्योरा जमा कराने का निर्देश दिया गया है। इस आदेश में आईएएस अधिकारियों को छोड़कर प्रथम श्रेणी से लेकर तृतीय श्रेणी तक के अन्य सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। उन्हें यह विवरण वार्षिक आधार पर तैयार करने होंगे। घोषणा पत्र में मदवार इसका ब्योरा देना होगा।

फार्म-ए में देना होगा चल संपत्तियों का ब्योरा

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अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण ठीक वैसे ही प्रारूप में भरना होगा, जिस तरह चुनाव में उम्मीदवार जमा कराते हैं। इसमें उन्हें अपने पास मौजूद नकदी, जेवर, बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, अपने हिस्से की प्रतिभूतियां, बाइक, कार सबका उल्लेख करना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि उनके घर में टीवी, फ्रिज, एसी जैसे कौन-कौन से इलेक्ट्रानिक उपकरण हैं। उन्होंने कहां से ऋण लिया है और किसको पैसे उधार दिए हैं। यह विवरण उन्हें फार्म-ए में भरना होगा।

घर-मकान की जानकारी को भरेंगे फार्म-बी
प्रारूप-बी में घर, मकान, दुकान, खेत सहित सभी तरह की अचल संपत्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा। फार्म भरने वाले के नाम से कहां और कितनी संपत्ति है, इसका विस्तृत उल्लेख फार्म-बी में दर्ज होगा। यही नहीं अचल संपत्ति के साथ उसकी प्रवृत्ति (आवासीय, कृषि या व्यावसायिक) भी बतानी होगी। यह भी स्पष्ट करना होगा कि यह संपत्ति उन्होंने कब खरीदी या पैतृक रूप में मिली है।

बतानी होगी परिवार के सदस्यों की संपत्ति भी

नौकरशाहों को अपने अलावा पत्नी, पुत्र सहित अन्य सदस्यों के नाम खरीदी गई संपत्ति भी बतानी होगी। आश्रितों ने किसी को कर्जा दिया या लिया है तो भी स्पष्ट करना होगा। दरअसल, कई बार अधिकारी-कर्मचारी खुद की बजाए पत्नी या अन्य सदस्यों के नाम पर संपत्ति खरीदते हैं।

आदेश से मची है अफरा-तफरी

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शासन के इस आदेश के बाद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची हुई है। सबसे ज्यादा चिंतित वह अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिन्होंने चंद वर्षों में ही कई गुना संपत्ति बना ली है।

अब तक ब्योरा देने की बाध्यता न होने से उनकी मौज थी, मगर अब उन्हें यह चिंता सता रही है कि वह घोषणापत्र में सच्चाई कैसे छिपाएं। अगर पूरी संपत्ति का विवरण देंगे तो फिर कमाई का जरिया क्या बताएंगे।

कर्मचारियों के पास छिपाने के लिए है ही क्या। हम भी चाहते हैं कि संपत्ति की जांच हो, मगर इसकी शुरुआत पहले ऊपर से हो। प्रथम श्रेणी के अधिकारी, राजनेता, न्यायाधीश, धर्मगुरू, ट्रस्ट सहित अन्य सभी की संपत्ति भी जांची जानी चाहिए।

कर्मचारी संघ भ्रष्टाचार के खिलाफ है और इसे रोकने में पूरा सहयोग देगा, बशर्ते निर्देश सब पर समान रूप से लागू हो।
-संदीप सांगवान, प्रदेश प्रवक्ता, सर्व कर्मचारी संघ

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