पीएम की सुरक्षा में चूक का मामला: इधर केंद्र की तीन सदस्यीय टीम फिरोजपुर पहुंची, उधर पंजाब सरकार ने भेजी अपनी रिपोर्ट
गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी शुक्रवार को पंजाब के फिरोजपुर पहुंची। कमेटी पीएम की सुरक्षा में चूक मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट 72 घंटे में सौंपेगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले की जांच करने तीन सदस्यीय केंद्रीय कमेटी पंजाब के फिरोजपुर पहुंच चुकी है। जांच कमेटी फिरोजपुर-मोगा राजमार्ग पर पहुंची। उस स्थान का मुआयना भी किया, जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फ्लाईओवर पर फंसा गया था। कैबिनेट सचिवालय सचिव (सुरक्षा) सुधीर कुमार सक्सेना, आईबी संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह, एसपीजी महानिरीक्षक एस सुरेश जांच कमेटी के सदस्य हैं। कमेटी ने पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय समेत 12 पुलिस अधिकारियों को फिरोजपुर तलब किया है।
उधर, पंजाब सरकार ने भी इस मामले में एक रिपोर्ट केंद्र को भेजी है। पंजाब के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि इस घटना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और राज्य सरकार ने खामियों की जांच के लिए दो सदस्यीय पैनल का गठन किया है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री के सड़क मार्ग से जाने की राज्य सरकार को जानकारी न होने की बात कही गई है।
Centre's three-member panel arrived at Ferozepur-Moga highway to probe the security lapses that led to Prime Minister Narendra Modi’s convoy being stranded on the flyover pic.twitter.com/EmmbTjqbc6— ANI (@ANI) January 7, 2022
पंजाब ने भी गठित की उच्चस्तरीय कमेटी, तीन दिन में सौंपेगी रिपोर्ट
Three-member panel formed to probe security lapse during PM Modi's Punjab visit has reached Ferozepur: Govt Sources— ANI (@ANI) January 7, 2022
प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा में चूक की गहन जांच के लिए पंजाब सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है।पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सेवानिवृत्त जस्टिस महताब सिंह गिल और गृह एवं कानून मामलों के प्रधान सचिव अनुराग वर्मा इस बात की सघन जांच करेंगे कि आखिर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। हुसैनीवाला जाते समय पीएम मोदी का काफिला प्रदर्शनकारियों के बीच फंसने की घटना पर सियासी भूचाल मच गया। भाजपा ने कांग्रेस पर पीएम मोदी की जान जोखिम में डालने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से इस मामले में तत्काल रिपोर्ट तलब की थी और जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। हालांकि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने सुरक्षा इंतजाम में किसी तरह की चूक या इसके पीछे किसी तरह के राजनीतिक इरादे से इनकार किया है। उन्होंने कहा, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति कोविंद ने भी जताई चिंता
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएम की सुरक्षा में चूक पर चिंता जताई। मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन में कोविंद से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। बाद में मोदी ने ट्वीट किया, आज राष्ट्रपति से मुलाकात हुई। मेरे लिए उनकी चिंता जताने व हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित करने वाली उनकी शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं। इससे पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी मोदी से बात की और इस घटना पर चिंता जाहिर की।
मामले का संज्ञान लेने का बार काउंसिल ने किया मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार काउंसिल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। बार काउंसिल के चेयरमैन मिंदरजीत ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखते हुए कहा कि इस चूक के लिए राज्य सरकार की लापरवाही है। राज्य सरकार को पहले ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की जानकारी दी जा चुकी थी। बावजूद इसके सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। इस चूक के कारण प्रधानमंत्री की हुसैनीवाला यात्रा के दौरान उनके रास्ते को किसान प्रदर्शनकारियों की ओर से बंद कर दिया गया। इसके कारण प्रधानमंत्री को 20 मिनट तक असुरक्षित माहौल में रहना पड़ा।