{"_id":"6aa3107a748fce6a4603470a","slug":"three-major-city-roads-to-get-a-facelift-at-a-cost-of-22-crore-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1119972-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: 22 करोड़ से चमकेंगी शहर की तीन प्रमुख सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: 22 करोड़ से चमकेंगी शहर की तीन प्रमुख सड़कें
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर की बेहद महत्वपूर्ण सड़कों दक्षिण मार्ग, मध्य मार्ग और पूर्व मार्ग पर सफर अब हिचकोले वाला नहीं रहेगा। प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने तीनों प्रमुख मार्गों की रीकार्पेटिंग के करीब 22 करोड़ रुपये के टेंडर अलॉट कर दिए हैं। इन सड़कों की टूटी हालत और जगह-जगह बने गड्ढों को दुरुस्त कर रीकार्पेटिंग की जाएगी।
इन तीनों मार्गों पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। राइट्स की ट्रैफिक स्टडी के अनुसार दक्षिण मार्ग पर हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास 9200 पीसीयू और ट्रिब्यून चौक पर पीक ऑवर में 9857 पीसीयू दर्ज किए गए। वहीं, मध्य मार्ग और पूर्व मार्ग के जंक्शन ट्रांसपोर्ट चौक पर पीक ऑवर में 10572 पीसीयू निकलते हैं। राइट्स की गणना में एक बस को तीन कार और एक दोपहिया वाहन को 0.5 कार के बराबर माना गया है।
गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी
मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग और पूर्व मार्ग शहर के प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर हैं। इन पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। तेज गति से चल रहे वाहनों के सामने गड्ढा आते ही चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे सफर मुश्किल होता है।
विज्ञापन
मध्य मार्ग पर ट्रांसपोर्ट एरिया लाइट प्वाइंट से पंचकूला सीमा तक, दक्षिण मार्ग पर जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक और सेक्टर-23/36 से सारंगपुर यूटी सीमा तक तथा पूर्व मार्ग पर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 की लाइट प्वाइंट तक रीकार्पेटिंग की जाएगी।
तीन साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी
रीकार्पेटिंग के बाद सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी ठेकेदार की तीन साल तक होगी। सड़क खराब होने पर ठेकेदार को ही इसकी मरम्मत करवानी होगी।
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि इन सड़कों की हालत खराब हो चुकी है और रीकार्पेटिंग का काम जल्द शुरू होगा। टेंडर अलॉट किए जा चुके हैं। शहर की वी-3 सड़कों की रीकार्पेटिंग 9 सितंबर से शुरू कर दी गई है।
निगम भी 70 करोड़ से अंदरूनी सड़कें सुधार रहा
नगर निगम की तीन रोड डिवीजन में से दो ने शहर की अंदरूनी वी-4, वी-5 और वी-6 सड़कों की रीकार्पेटिंग शुरू कर दी है। निगम ने इन सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग के लिए 70 करोड़ रुपये के काम अलॉट किए हैं। कुल 855 किलोमीटर अंदरूनी सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग होनी है। जुलाई तक 220 किलोमीटर काम पूरा हुआ था। अब सेक्टर-28 की वी-4, वी-5, वी-6 सड़कों और मार्केट पार्किंग की रीकार्पेटिंग शुरू की गई है। एक डिवीजन धनास की सड़कों पर भी काम कर रहा है।
दूसरे राज्यों में काम बंद, इसलिए बिटुमन की उपलब्धता
बरसात के कारण उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड में सड़क रीकार्पेटिंग का काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में ठेकेदारों को फिलहाल बिटुमन उपलब्ध हो रहा है। इन राज्यों में काम शुरू होने के बाद इसकी उपलब्धता कम हो सकती है। वहीं, युद्ध के कारण बिटुमन की आपूर्ति प्रभावित होने से इसकी उपलब्धता पहले ही सीमित है।
विज्ञापन
इन तीनों मार्गों पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। राइट्स की ट्रैफिक स्टडी के अनुसार दक्षिण मार्ग पर हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास 9200 पीसीयू और ट्रिब्यून चौक पर पीक ऑवर में 9857 पीसीयू दर्ज किए गए। वहीं, मध्य मार्ग और पूर्व मार्ग के जंक्शन ट्रांसपोर्ट चौक पर पीक ऑवर में 10572 पीसीयू निकलते हैं। राइट्स की गणना में एक बस को तीन कार और एक दोपहिया वाहन को 0.5 कार के बराबर माना गया है।
विज्ञापन
गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी
मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग और पूर्व मार्ग शहर के प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर हैं। इन पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। तेज गति से चल रहे वाहनों के सामने गड्ढा आते ही चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे सफर मुश्किल होता है।
विज्ञापन
मध्य मार्ग पर ट्रांसपोर्ट एरिया लाइट प्वाइंट से पंचकूला सीमा तक, दक्षिण मार्ग पर जीरकपुर से ट्रिब्यून चौक और सेक्टर-23/36 से सारंगपुर यूटी सीमा तक तथा पूर्व मार्ग पर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 की लाइट प्वाइंट तक रीकार्पेटिंग की जाएगी।
तीन साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी
रीकार्पेटिंग के बाद सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी ठेकेदार की तीन साल तक होगी। सड़क खराब होने पर ठेकेदार को ही इसकी मरम्मत करवानी होगी।
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि इन सड़कों की हालत खराब हो चुकी है और रीकार्पेटिंग का काम जल्द शुरू होगा। टेंडर अलॉट किए जा चुके हैं। शहर की वी-3 सड़कों की रीकार्पेटिंग 9 सितंबर से शुरू कर दी गई है।
निगम भी 70 करोड़ से अंदरूनी सड़कें सुधार रहा
नगर निगम की तीन रोड डिवीजन में से दो ने शहर की अंदरूनी वी-4, वी-5 और वी-6 सड़कों की रीकार्पेटिंग शुरू कर दी है। निगम ने इन सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग के लिए 70 करोड़ रुपये के काम अलॉट किए हैं। कुल 855 किलोमीटर अंदरूनी सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग होनी है। जुलाई तक 220 किलोमीटर काम पूरा हुआ था। अब सेक्टर-28 की वी-4, वी-5, वी-6 सड़कों और मार्केट पार्किंग की रीकार्पेटिंग शुरू की गई है। एक डिवीजन धनास की सड़कों पर भी काम कर रहा है।
दूसरे राज्यों में काम बंद, इसलिए बिटुमन की उपलब्धता
बरसात के कारण उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड में सड़क रीकार्पेटिंग का काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में ठेकेदारों को फिलहाल बिटुमन उपलब्ध हो रहा है। इन राज्यों में काम शुरू होने के बाद इसकी उपलब्धता कम हो सकती है। वहीं, युद्ध के कारण बिटुमन की आपूर्ति प्रभावित होने से इसकी उपलब्धता पहले ही सीमित है।