{"_id":"635c2eb20704c575842601c9","slug":"three-died-due-to-fever-and-low-platelets-in-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: बुखार और प्लेटलेट्स कम होने से एक किशोर और दो बच्चों की मौत, घर-घर में लोग बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: बुखार और प्लेटलेट्स कम होने से एक किशोर और दो बच्चों की मौत, घर-घर में लोग बीमार
Sat, 29 Oct 2022 01:06 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 29 Oct 2022 01:06 AM IST
सार
डॉक्टरों के अनुसार इस सीजन में डेंगू का खतरा अधिक बढ़ जाता है और वायरल फीवर भी गंभीर रूप धारण कर लेता है। ऐसे में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने और समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत हो सकती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पानीपत में संदिग्ध बुखार और प्लेटलेट्स कम होने पर दो दिन में एक किशोर और दो बच्चों की जान चली गई। पानीपत निवासी 17 वर्षीय वीरेंद्र की गुरुवार तो भैंसवाल मोड़ निवासी सात वर्षीय रूबी और नांगलखेड़ी निवासी 11 वर्षीय खुशी की शुक्रवार को मौत हुई। तीनों अस्पताल में भर्ती थे और उपचार चल रहा था। परिजन अपनी मर्जी से बिना पोस्टमार्टम कराए अपने बच्चों के शवों को ले गए।
विज्ञापन
वीरेंद्र मूलरूप से बिहार का रहने वाला था। उसे कई दिनों से बुखार था। परिजन तीन दिन पहले नागरिक अस्पताल में लेकर आए थे। इसी तरह रूबी भी तीन दिन से बीमार थी। परिजनों ने निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया लेकिन आराम नहीं हुआ। गुरुवार शाम को परिजन उसे नागरिक अस्पताल में लेकर आए थे। खुशी को भी बुखार था और लगातार प्लेटलेट्स गिर रही थी। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. जसमीन कौर ने बताया कि बच्चों को सिविल अस्पताल लाया गया था। वे बुखार से ग्रस्त थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन अपनी मर्जी से बिना पोस्टमार्टम कराए शवों को ले गए।
विज्ञापन
वायरल फीवर भी गंभीर: डॉक्टर
डॉक्टरों के अनुसार इस सीजन में डेंगू का खतरा अधिक बढ़ जाता है और वायरल फीवर भी गंभीर रूप धारण कर लेता है। ऐसे में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने और समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत हो सकती है। डॉक्टरों ने लोगों से बुखार होने पर लापरवाही न करने और चिकित्सकीय जांच कराकर परामर्श लेने की अपील की है।
विज्ञापन
शहर के 130 अस्पतालों की ओपीडी आठ हजार से अधिक
फिलहाल शहरवासी वायरल फीवर की चपेट में हैं। हर घर में बुखार के रोगी हैं। शहर के 130 निजी अस्पतालों में प्रतिदिन की ओपीडी आठ हजार से अधिक है। सिविल अस्पताल में हर रोज बुखार खांसी और जुकाम की ओपीडी 300 से अधिक है। हर रोज सिविल अस्पताल में 40-50 डेंगू के टेस्ट हो रहे हैं। जिले में अब तक डेंगू के 169 कंफर्म केस हो चुके हैं।