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#Ladengecoronase: संकट में यही तो इम्तिहान की घड़ी है...हम फेल नहीं हो सकते, घर कैसे बैठ जाएं
Wed, 01 Apr 2020 02:57 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2020 02:57 PM IST
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अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के नाम से हमें भी डर लगता है। लेकिन डरकर सब कुछ बंद तो नहीं किया जा सकता न। जीना मरना तो उस ऊपर वाले के हाथ में है। हमें तो बस अपना फर्ज निभाना है। ये कहना है जीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे सफाई कर्मचारियों का। संक्रमण के डर को बाहर निकालकर दिन रात कोरोना के मरीजों के बीच रहकर साफ सफाई कर रहे हैं। उनका परिवार उनकी रक्षा के लिए हर पल ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है।
हमें मौका दिया है रब ने तो क्यों पीछे हटे
आइसोलेशन वार्ड में एक हफ्ते से ड्यूटी कर रहे सरबन सिंह के जिम्मे सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों के आस पास साफ सफाई करना है। सरबन ने बताया कि उन्हें वार्ड में झाड़ू, पोंछा करने के साथ ही वहां का कूड़ा हटाना और डस्टबिन की सफाई करनी होती है। जब जब डॉक्टर या अन्य पैरामेडिकल वहां राउंड पर आते हैं वे उनकी किट हटाते हैं। सरबन का एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी और बच्चे उन्हें हर रोज ड्यूटी बदलवाने को कहते हैं, लेकिन सरबन उन्हें समझाकर अपने काम पर निकल जाते हैं।
पति की बात अब भी है याद
आइसोलेशन वार्ड में ही सफाई कर्मचारी के तौर पर ड्यूटी कर रही बबली ने बताया कि पति भी जीएमसीएच में सफाई कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद मुझे वही नौकरी मिली। वे हमेशा कहते थे कि जो भी काम मिले उसे पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। आज ऐसा मौका आया है तो मैं पीछे कैसे हट सकती हूं। बबली के परिवार में एक बेटा बहू और एक बेटी है। सभी इन्हें छुट्टी लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं, लेकिन बबली आज भी वैसे ही ड्यूटी कर रही हैं जैसे सामान्य दिनों में करती थीं।
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सावधानी ही बचाव है
सरबन और बबली का कहना है कि सफाई का काम करने वालों के लिए अपने बचाव के मानकों का पालन करना सबसे जरूरी है। वे भी ड्यूटी के समय प्रोटेक्शन किट और अन्य मानकों का पूरा पालन कर रहे हैं। गर्म पानी पीने के साथ ही गर्म पानी से ही नहाना और ड्यूटी वाले कपड़ों को गर्म पानी में धोते हैं। इससे संक्रमण को खत्म किया जा सके।
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हमें मौका दिया है रब ने तो क्यों पीछे हटे
आइसोलेशन वार्ड में एक हफ्ते से ड्यूटी कर रहे सरबन सिंह के जिम्मे सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों के आस पास साफ सफाई करना है। सरबन ने बताया कि उन्हें वार्ड में झाड़ू, पोंछा करने के साथ ही वहां का कूड़ा हटाना और डस्टबिन की सफाई करनी होती है। जब जब डॉक्टर या अन्य पैरामेडिकल वहां राउंड पर आते हैं वे उनकी किट हटाते हैं। सरबन का एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी और बच्चे उन्हें हर रोज ड्यूटी बदलवाने को कहते हैं, लेकिन सरबन उन्हें समझाकर अपने काम पर निकल जाते हैं।
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पति की बात अब भी है याद
आइसोलेशन वार्ड में ही सफाई कर्मचारी के तौर पर ड्यूटी कर रही बबली ने बताया कि पति भी जीएमसीएच में सफाई कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद मुझे वही नौकरी मिली। वे हमेशा कहते थे कि जो भी काम मिले उसे पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। आज ऐसा मौका आया है तो मैं पीछे कैसे हट सकती हूं। बबली के परिवार में एक बेटा बहू और एक बेटी है। सभी इन्हें छुट्टी लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं, लेकिन बबली आज भी वैसे ही ड्यूटी कर रही हैं जैसे सामान्य दिनों में करती थीं।
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सावधानी ही बचाव है
सरबन और बबली का कहना है कि सफाई का काम करने वालों के लिए अपने बचाव के मानकों का पालन करना सबसे जरूरी है। वे भी ड्यूटी के समय प्रोटेक्शन किट और अन्य मानकों का पूरा पालन कर रहे हैं। गर्म पानी पीने के साथ ही गर्म पानी से ही नहाना और ड्यूटी वाले कपड़ों को गर्म पानी में धोते हैं। इससे संक्रमण को खत्म किया जा सके।