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Chandigarh News: सैकड़ों बैटरियों को ठंडा रखने के लिए न एसी की व्यवस्था थी न वेंटिलेशन

Thu, 12 Oct 2023 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 01:47 AM IST
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There was neither AC nor ventilation to keep hundreds of batteries cool.
चंडीगढ़। पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन अस्पताल के जिस बैटरी वाले रूम में आग लगने की घटना सामने आई है, उसमें न तो बैटरी से निकलने वाली गर्मी को मेनटेन करने के लिए एसी की व्यवस्था थी और न ही वेंटिलेशन था। इतना ही नहीं, उस कमरे का ताला भी महीनों से नहीं खोला गया था। एक छोटी सी लापरवाही ने देखते ही देखते सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में डाल दी।
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पीजीआई ने साल 2012-13 में सी डेक कंपनी के साथ अनुबंध कर जिम्मेदारी सौंपी थी। अनुबंध के तहत कंपनी वार्षिक देखरेख के साथ अपने कर्मचारियों को तैनात कर छोटी-मोटी गड़बड़ी को दूर कर रही थी लेकिन एक वर्ष पहले संस्थान ने कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त कर बैटरी वाले कमरे की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग के बायोमेडिकल डिवीजन को सौंप दी है। तबसे एक बार भी उस रूम का ताला नहीं खुला। वहीं, वेंटिलेशन के लिए लगाया एग्जास्ट भी खराब पड़ा था। यह भी कहा जा रहा है कि अगर जांच हुई तो सामने नहीं आ पाएगा कि वहां लगा 20 साल पुराना एसी चल भी रहा था या नहीं क्योंकि सब कुछ जलकर राख हो चुका है।
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बता दें कि बैटरी वाले कमरे से पीजीआई के नेहरू अस्पताल समेत ट्रॉमा, इमरजेंसी और डेंटल में लगाए गए कंप्यूटर में सप्लाई दी जा रही थी लेकिन अग्निकांड के बाद व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसे इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों ने कुछ ही समय में बहाल कर दिया था। वहीं, बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक तौर पर डीजल जनरेटर से जोड़ दिया गया है, ताकि आपूर्ति बाधित होने पर कंप्यूटर का डाटा बरकरार रहे।
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बॉक्स

फायर सेफ्टी यूनिट को भी पता नहीं चला

आग लगने की घटना को लेकर पीजीआई के अधिकारी और कर्मचारी फायर सेफ्टी यूनिट के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं। कहा जा रहा है कि फायर सेफ्टी के मानकों के अनुसार विभाग को उन सभी यूनिटों का प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट देना होता है, जहां कहीं ऐसी घटना होने की आशंका होती है। ऐसे में अगर विभाग के कर्मचारियों ने बैटरी वाले रूम का भी निरीक्षण किया होता तो उन्हें दुर्घटना से पहले ही गड़बड़ी नजर आ गई होती।



आज आएगी रिपोर्ट

पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने डीन एकेडमिक प्रो. नरेश पांडा के नेतृत्व में सोमवार को जांच कमेटी बनाई थी, जो वीरवार को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच कमेटी में प्रो. समीर अग्रवाल, प्रो. संजय जैन, प्रो. विपिन कौशल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर गुरशरण सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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