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जेल की दीवार उड़ाने की थी साजिश, पुलिस को शक आतंकियों को भगाने की योजना
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। हाई सिक्योरिटी बुड़ैल जेल की दीवार के पीछे विस्फोटक सामग्री मिलने पर पुलिस को शक है कि यह जेल की दीवार तोड़कर आतंकवादियों को भगाने की योजना हो सकती है। यहां पर डेटोनेटर के साथ एक जली हुई वायर भी मिली है। बुड़ैल जेल में कई गैंगस्टर और अपराधी बंद हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा समेत 5 आतंकी बंद हैं। बता दें कि परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और जगतार सिंह हवारा साल 2004 में बुड़ैल जेल के अंदर से सुरंग बनाकर फरार हो गए थे।
बम की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, एसपी सिटी केतन बंसल, बम डिटेक्शन टीम, अपराध शाखा, जिला अपराध प्रकोष्ठ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचे पुलिस और सेना के अधिकारियों ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी, ताकि कोई घटना न घटे।
अचानक सभी रास्ते किए बंद, सुरक्षा बढ़ाई
बम की सूचना मिलते ही पुलिस ने जेल की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। जेल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। रात को यहां से गुजरने वाले लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। भारी संख्या में पुलिस बल और सेना के जवानों को देखकर वह पूछने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहे थे।
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जेल में मिल चुके हैं कई बार मोबाइल
बुड़ैल जेल कहने के लिए हाई सिक्योरिटी है लेकिन यहां गैंगस्टर और अपराधी आसानी से अपने पास मोबाइल मंगवा लेते हैं। जेल की बैरक में कई बार कैदियों से मोबाइल फोन और सिम मिल चुका है।
जेल में कई आतंकवादी हैं बंद
जेल में जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, लखविंदर लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह जैसे खुंखार आतंकवादी बंद हैं। इनमें से गुरमीत, शमशेर और लखविंदर पैरोल पर बाहर भी जाते रहे हैं। ये तीनों 20 दिन पहले ही पैरोल से लौटे हैं। इससे पुलिस का शक और गहरा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, चेकिंग
बम की सूचना मिलने के बाद आईजी जेल दीपक पुरोहित, जेल सुपरिंटेंडेंट अमनदीप, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रमोद खत्री, परवीन कुमार और मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत जेल की सभी बैरकों में चेकिंग शुरू करवाई। जेल के अंदर और बाहर पूरी तरह से चेकिंग की गई ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर उसे रोका जा सके।
आतंकियों की बैरक से बहुत दूर है मुख्य दीवार
बम जेल की मुख्य दीवार के बाहर मिला। इस दीवार के अंदर 18 फुट दूर और 18 इंच मोटी दीवार है। फिर एक और दीवार है। इसके बाद बैरक वाली दीवार है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था चौकस है। कोई आतंकियों को भगाने का प्रयास भी करेगा तो उसके लिए आसान नहीं है।
जेल के बाहर नहीं लगे कैमरे, डंप डाटा उठा रही पुलिस
जेल के बाहर कैमरे नहीं लगे हैं जबकि अंदर चप्पे चप्पे पर नजर है। पुलिस अब घटनास्थल का डंप डाटा उठा रही है। इससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। जेल अधिकारी ने बताया कि जेल के बाहर दीवार के पास कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही जेल के बाहर कैमरे लग जाएंगेे।
वर्जन
ऑपरेशन सेल और जेल प्रशासन की टीम सुरक्षा के मद्देनजर जेल के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान जेल की दीवार के पास टिफिन बम मिला। इसमें डेटोनेटर पाया गया है। 15-20 दिनों से इनपुट था। समय-समय पर चेकिंग की जा रही थी। जांच चल रही है कि यह बम किस मकसद से रखा गया था।
-कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी
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बम की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, एसपी सिटी केतन बंसल, बम डिटेक्शन टीम, अपराध शाखा, जिला अपराध प्रकोष्ठ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंचे पुलिस और सेना के अधिकारियों ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी, ताकि कोई घटना न घटे।
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अचानक सभी रास्ते किए बंद, सुरक्षा बढ़ाई
बम की सूचना मिलते ही पुलिस ने जेल की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। जेल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। रात को यहां से गुजरने वाले लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। भारी संख्या में पुलिस बल और सेना के जवानों को देखकर वह पूछने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहे थे।
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जेल में मिल चुके हैं कई बार मोबाइल
बुड़ैल जेल कहने के लिए हाई सिक्योरिटी है लेकिन यहां गैंगस्टर और अपराधी आसानी से अपने पास मोबाइल मंगवा लेते हैं। जेल की बैरक में कई बार कैदियों से मोबाइल फोन और सिम मिल चुका है।
जेल में कई आतंकवादी हैं बंद
जेल में जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, लखविंदर लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह जैसे खुंखार आतंकवादी बंद हैं। इनमें से गुरमीत, शमशेर और लखविंदर पैरोल पर बाहर भी जाते रहे हैं। ये तीनों 20 दिन पहले ही पैरोल से लौटे हैं। इससे पुलिस का शक और गहरा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, चेकिंग
बम की सूचना मिलने के बाद आईजी जेल दीपक पुरोहित, जेल सुपरिंटेंडेंट अमनदीप, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रमोद खत्री, परवीन कुमार और मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत जेल की सभी बैरकों में चेकिंग शुरू करवाई। जेल के अंदर और बाहर पूरी तरह से चेकिंग की गई ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर उसे रोका जा सके।
आतंकियों की बैरक से बहुत दूर है मुख्य दीवार
बम जेल की मुख्य दीवार के बाहर मिला। इस दीवार के अंदर 18 फुट दूर और 18 इंच मोटी दीवार है। फिर एक और दीवार है। इसके बाद बैरक वाली दीवार है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था चौकस है। कोई आतंकियों को भगाने का प्रयास भी करेगा तो उसके लिए आसान नहीं है।
जेल के बाहर नहीं लगे कैमरे, डंप डाटा उठा रही पुलिस
जेल के बाहर कैमरे नहीं लगे हैं जबकि अंदर चप्पे चप्पे पर नजर है। पुलिस अब घटनास्थल का डंप डाटा उठा रही है। इससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। जेल अधिकारी ने बताया कि जेल के बाहर दीवार के पास कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही जेल के बाहर कैमरे लग जाएंगेे।
वर्जन
ऑपरेशन सेल और जेल प्रशासन की टीम सुरक्षा के मद्देनजर जेल के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान जेल की दीवार के पास टिफिन बम मिला। इसमें डेटोनेटर पाया गया है। 15-20 दिनों से इनपुट था। समय-समय पर चेकिंग की जा रही थी। जांच चल रही है कि यह बम किस मकसद से रखा गया था।
-कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी

बम को डिफ्यूज करने पहुंची आर्मी। - फोटो : CHANDIGARH