{"_id":"66b4d4f7548f1e6b60018863","slug":"there-should-be-a-fair-inquiry-into-the-disqualification-of-vinesh-phogat-mann-chandigarh-news-c-16-1-pkl1082-487648-2024-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी केंद्रः विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की हो निष्पक्ष जांच : मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी केंद्रः विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की हो निष्पक्ष जांच : मान
विज्ञापन
सीएम बोले- सहायक स्टाफ की भूमिका संदिग्ध, निर्धारित समय से पहले वजन नियंत्रित करने के लिए नहीं उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। फोगाट के स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध है, क्योंकि उन्होंने निर्धारित सीमा के भीतर पहलवान का वजन नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना ने बड़े सवाल खड़े किए हैं और निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही इसका जवाब मिलने के साथ घटना की सच्चाई लोगों के सामने आ सकती है। सीएम मान वीरवार को नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे खेल जगत को आहत किया है। इससे लाखों खेल प्रेमियों के दिलों को गहरी ठेस पहुंची है, जिस कारण इसकी निष्पक्ष जांच करवाना जरूरी है। जांच के बाद ही लोगों का पूरे सिस्टम में विश्वास बहाल होगा। ओलंपिक खेलों जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले, जहां देश का सब कुछ दांव पर लगा हो, वहां 100 ग्राम वजन नियंत्रित करना बहुत बड़ा मसला नहीं है। यह सहायक स्टाफ की विफलता है, क्योंकि ऐसे मामलों का ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
मान ने कहा कि वह विनेश फोगाट के कोच व उसके ताऊ महावीर फोगाट से मिले हैं। यह बड़ी दुख की बात है कि जैसे हमारे गोल्ड मेडल की तरफ हाथ बढ़े तो उसे छीन लिया गया। वजन तो पहले भी चेक होता है। प्लेयर के पास अपनी वेट करने वाली मशीन होती है। अगर ऐसा था तो उसके बाल भी काट सकते थे, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। पता नहीं हमारे कोच व फिजियोथेरेपिस्ट वहां क्या करने गए हैं। हम गोल्ड मेडल से वंचित रह गए। फोगाट चैंपियन थीं और चैंपियन रहेगी। इसमें उसकी कोई गलती नहीं है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए। फोगाट के स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध है, क्योंकि उन्होंने निर्धारित सीमा के भीतर पहलवान का वजन नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना ने बड़े सवाल खड़े किए हैं और निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही इसका जवाब मिलने के साथ घटना की सच्चाई लोगों के सामने आ सकती है। सीएम मान वीरवार को नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे खेल जगत को आहत किया है। इससे लाखों खेल प्रेमियों के दिलों को गहरी ठेस पहुंची है, जिस कारण इसकी निष्पक्ष जांच करवाना जरूरी है। जांच के बाद ही लोगों का पूरे सिस्टम में विश्वास बहाल होगा। ओलंपिक खेलों जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले, जहां देश का सब कुछ दांव पर लगा हो, वहां 100 ग्राम वजन नियंत्रित करना बहुत बड़ा मसला नहीं है। यह सहायक स्टाफ की विफलता है, क्योंकि ऐसे मामलों का ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
मान ने कहा कि वह विनेश फोगाट के कोच व उसके ताऊ महावीर फोगाट से मिले हैं। यह बड़ी दुख की बात है कि जैसे हमारे गोल्ड मेडल की तरफ हाथ बढ़े तो उसे छीन लिया गया। वजन तो पहले भी चेक होता है। प्लेयर के पास अपनी वेट करने वाली मशीन होती है। अगर ऐसा था तो उसके बाल भी काट सकते थे, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। पता नहीं हमारे कोच व फिजियोथेरेपिस्ट वहां क्या करने गए हैं। हम गोल्ड मेडल से वंचित रह गए। फोगाट चैंपियन थीं और चैंपियन रहेगी। इसमें उसकी कोई गलती नहीं है।