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पढ़िए, आशियाना ढूंढते 3 बेरोजगार लड़कों की कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 24 Aug 2014 02:15 PM IST
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प्रसिद्ध कहानीकार सरवेश्वर दयाल की लिखी कहानी हवालात का मंचन पंजाब कला भवन के ओपन ऑडिटोरियम में हुआ। नाटक का निर्देशन रंजीत रॉय ने किया।
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कहानी तीन लड़कों की है जो बेरोजगार हैं, तीनों एक सर्द रात में अपने लिए एक आशय ढूंढने की कोशिश करते हैं, लेकिन विफल रहते हैं।
इस बीच उन्हें एक युक्ति सूझती है और वह हवालात में रात बिताने का प्लॉन बनाते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने आपको कसूरवार सिद्ध करना होता है।
इसी बीच नाटक में एंट्री होती है पुलिस के एक कारिंदे की जो इन तीनों लड़कों से टकराता है। तीनों लड़के उसको कहते हैं कि वह शातिर चोर हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाए, लेकिन पुलिस वाला उनकी बात न मान कर उन्हें यह सिद्ध करवाने की बात कहता है।
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नाटक आगे बढ़ता है और तीनों लड़के अपने आपको चोर सिद्ध करने में नाकाम होते हैं, इस पर हवलदार उनसे रिश्वत मांगता है, रिश्वत न देने की सूरत में हवलदार उन्हें उसी सड़क पर छोड़ देता है। नाटक में रंजीत रॉय, गुरकीरत सिंह, करण बिस्ट और शुभम ने अभिनय किया।
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