{"_id":"646e75a8246c03718b0ed8e4","slug":"the-shortage-of-teachers-in-peck-is-worrying-there-is-a-need-to-improve-research-chandigarh-news-c-16-sml1026-148925-2023-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पेक में शिक्षकों की कमी चिंताजनक, शोध में सुधार की आवश्यकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पेक में शिक्षकों की कमी चिंताजनक, शोध में सुधार की आवश्यकता
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के मुकाबले शिक्षकों की कमी चिंताजनक है। संस्थान के पास विद्यार्थी शिक्षक अनुपात के अनुसार 312 शिक्षक होने चाहिए, जबकि 162 शिक्षक ही हैं। इनमें भी 98 नियमित शिक्षक हैं, जिसमें से 18 पीएचडी नहीं हैं। कई विभागों में शिक्षकों की संख्या 50 प्रतिशत ही रह गई है। शिक्षकों की कमी गेस्ट और अनुबंध शिक्षकों के माध्यम से पूरी की जा रही है। इससे अकादमिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका प्रभाव रैंकिंग पर भी पड़ रहा है। पेक में नवंबर में तीन दिवसीय दौरा करने वाली एक्सटर्नल पीयर रिव्यू कमेटी की ओर से बुधवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में यह रिपोर्ट पेश की गई। बैठक में कमेटी की ओर से दिए गए सुझावों पर भी चर्चा की गई।
पहली बार पेक में बाहरी पीयर रिव्यू कमेटी की ओर से अकादमिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने और संस्थान के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए समीक्षा की गई थी। कमेटी के सदस्यों ने एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के समक्ष पेश किया गया। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान, कमेटी के सदस्यों ने परिसर में विभिन्न विभागों और प्रयोगशालाओं का दौरा कर छात्रों, कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने कंप्यूटर केंद्र, पुस्तकालय, करियर विकास और मार्गदर्शन केंद्र, सेमीकंडकर रिसर्च, केंद्रीय अनुसंधान सहित केंद्रीय सुविधाओं का दौरा किया। पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया ने भी कमेटी के समक्ष एक प्रस्तुति दी थी, जहां उन्होंने संस्थान की ताकत, कमियों, चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। कमेटी ने तीन दिवसीय दौरा 28 से 30 नवंबर तक किया था। कमेटी की अध्यक्षता आयुध अनुसंधान बोर्ड, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष सतीश कुमार ने की थी। इसके अलावा दो एक्सपर्ट इंडस्ट्री, दो बाहरी अकादमिक एक्सपर्ट, एक प्रख्यात शहरवासी और एक पेक एलुमनी शामिल थे।
पेक बीओजी में विभिन्न विभागों में 36 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी
पेक बीओजी की 73वीं बैठक से पहले नवीनतम तकनीक के साथ नवनिर्मित बोर्ड रूम का उद्घाटन बीओजी के अध्यक्ष राजिंदर गुप्ता, पीयू वीसी प्रो. रेणु विज, पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया, बोर्ड सदस्यों और शिक्षकों की अध्यक्षता में किया गया। इसके बाद बैठक में पीयर रिव्यू कमेटी की ओर से पेश की गई टिप्पणियों और सिफारिशों पर चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एक प्रोफेसर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक प्रोफेसर के पद पर चयन के लिए कमेटी की बैठक की मिनिट्स को मंजूरी दी। इसके अलावा अहम एजेंडे के रूप में विभिन्न विभागों में 36 शिक्षकों, जिसमें 21 सहायक प्रोफेसर, 12 एसोसिएट प्रोफेसर और 3 प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बीओजी के सदस्यों की ओर से इसे अनमोदित (अप्रूव) किया गया। बीओजी ने इस सत्र से शुरू होने वाले नए स्नातक डिजाइन और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी और पहले से मौजूद पाठ्यक्रमों में सीटों में कटौती नहीं करने का भी सुझाव दिया। बोर्ड ने अगले सत्र के लिए समान शुल्क संरचना जारी रखने का भी निर्णय लिया है। संकाय की कैरियर उन्नति योजना (कैस) के तहत पदोन्नति, पेक में नए भर्ती किए गए शिक्षकों का प्रोबेशन और स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जैसे कुछ एजेंडे पर अगले बीओजी में चर्चा की जानी है।
विज्ञापन
शोध में सुधार और नियमित सुरक्षा प्रमुख की हो भर्ती
रिव्यू कमेटी ने सुझाव दिया कि पेक में नियमित शिक्षकों की कमी का प्रभाव सीधे तौर पर शोध पर पड़ रहा है। पेक में उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शोध नहीं हो रहे हैं। पेक में शिक्षकों के लिए नियमित कौशल सुधार कार्यक्रम आयोजित नहीं करवाए जा रहे हैं। प्रयोगशालाओं में नवीनीकरण की आवश्यकता है, इसके साथ ही छात्रों की बढ़ती संख्या के अनुसार पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्टर नहीं है। इनका निरफ रैंकिंग पर सीधे तौर पर प्रभाव पड़ता है। पेक में नियमित सुरक्षा प्रमुख भी नहीं है, जिसकी प्राथमिकता के तौर पर भर्ती करवाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
पहली बार पेक में बाहरी पीयर रिव्यू कमेटी की ओर से अकादमिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने और संस्थान के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए समीक्षा की गई थी। कमेटी के सदस्यों ने एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के समक्ष पेश किया गया। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान, कमेटी के सदस्यों ने परिसर में विभिन्न विभागों और प्रयोगशालाओं का दौरा कर छात्रों, कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने कंप्यूटर केंद्र, पुस्तकालय, करियर विकास और मार्गदर्शन केंद्र, सेमीकंडकर रिसर्च, केंद्रीय अनुसंधान सहित केंद्रीय सुविधाओं का दौरा किया। पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया ने भी कमेटी के समक्ष एक प्रस्तुति दी थी, जहां उन्होंने संस्थान की ताकत, कमियों, चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। कमेटी ने तीन दिवसीय दौरा 28 से 30 नवंबर तक किया था। कमेटी की अध्यक्षता आयुध अनुसंधान बोर्ड, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष सतीश कुमार ने की थी। इसके अलावा दो एक्सपर्ट इंडस्ट्री, दो बाहरी अकादमिक एक्सपर्ट, एक प्रख्यात शहरवासी और एक पेक एलुमनी शामिल थे।
विज्ञापन
पेक बीओजी में विभिन्न विभागों में 36 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी
पेक बीओजी की 73वीं बैठक से पहले नवीनतम तकनीक के साथ नवनिर्मित बोर्ड रूम का उद्घाटन बीओजी के अध्यक्ष राजिंदर गुप्ता, पीयू वीसी प्रो. रेणु विज, पेक निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया, बोर्ड सदस्यों और शिक्षकों की अध्यक्षता में किया गया। इसके बाद बैठक में पीयर रिव्यू कमेटी की ओर से पेश की गई टिप्पणियों और सिफारिशों पर चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एक प्रोफेसर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक प्रोफेसर के पद पर चयन के लिए कमेटी की बैठक की मिनिट्स को मंजूरी दी। इसके अलावा अहम एजेंडे के रूप में विभिन्न विभागों में 36 शिक्षकों, जिसमें 21 सहायक प्रोफेसर, 12 एसोसिएट प्रोफेसर और 3 प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बीओजी के सदस्यों की ओर से इसे अनमोदित (अप्रूव) किया गया। बीओजी ने इस सत्र से शुरू होने वाले नए स्नातक डिजाइन और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी और पहले से मौजूद पाठ्यक्रमों में सीटों में कटौती नहीं करने का भी सुझाव दिया। बोर्ड ने अगले सत्र के लिए समान शुल्क संरचना जारी रखने का भी निर्णय लिया है। संकाय की कैरियर उन्नति योजना (कैस) के तहत पदोन्नति, पेक में नए भर्ती किए गए शिक्षकों का प्रोबेशन और स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जैसे कुछ एजेंडे पर अगले बीओजी में चर्चा की जानी है।
विज्ञापन
शोध में सुधार और नियमित सुरक्षा प्रमुख की हो भर्ती
रिव्यू कमेटी ने सुझाव दिया कि पेक में नियमित शिक्षकों की कमी का प्रभाव सीधे तौर पर शोध पर पड़ रहा है। पेक में उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शोध नहीं हो रहे हैं। पेक में शिक्षकों के लिए नियमित कौशल सुधार कार्यक्रम आयोजित नहीं करवाए जा रहे हैं। प्रयोगशालाओं में नवीनीकरण की आवश्यकता है, इसके साथ ही छात्रों की बढ़ती संख्या के अनुसार पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्टर नहीं है। इनका निरफ रैंकिंग पर सीधे तौर पर प्रभाव पड़ता है। पेक में नियमित सुरक्षा प्रमुख भी नहीं है, जिसकी प्राथमिकता के तौर पर भर्ती करवाई जानी चाहिए।