अमृतसर ट्रेन हादसाः रावण दहन देख रही 2 साल की मासूम की मां संग मौत, दो सगे भाईयों की गई जान
चीख पुकार, चीत्कार और तबाही का दर्दनाक मंजर देख हर शख्स का दिल द्रवित हो उठा। अमृतसर ट्रेन हादसे में पंजाब के फगवाड़ा के गांव भुल्लाराई की रजनी पत्नी गगनदीप (31) और उसकी दो साल की बेटी नवरुप की भी मौत हो गई। गगनदीप ने बताया कि उनकी ससुराल अमृतसर में है। रजनी बेटी नवरुप के साथ मायके में थी और दशहरा देखने गई थी। शनिवार को जैसे ही दोनों के शव गांव पहुंचे, गांव में मातम पसर गया। देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री जोगिंदर सिंह मान, फगवाड़ा के विधायक सोम प्रकाश और मेयर अरुण खोसला ने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के साथ दुख साझा किया। पूर्व मंत्री मान ने कहा कि घटना दुखदायी है। पंजाब सरकार की तरफ से घोषित मुआवजा शीघ्र जारी किया जाएगा। इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष संजीव बुग्गा भी मौजूद थे। विधायक सोम प्रकाश ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच करवा कर घटना के लिए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दो भाइयों की भी गई जान
इसी हादसे में यूपी के हरदोई जिला निवासी दो भाइयों की भी मौत हो गई। शुक्रवार रात रावण दहन के दौरान पंजाब में हुए ट्रेन हादसे में जान गंवाने वालों में हरदोई जिले के बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम सुरजीपुर निवासी गिरीन्द्र (45) और पवन (40) पुत्र आत्माराम भी शामिल हैं।
दोनों भाई अपने परिवारों के साथ लगभग डेढ़ दशक से अमृतसर में रहकर फलों की रेहड़ी लगाते थे। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन अमृतसर रवाना हो गए। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में मातम का माहौल है।