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युद्ध में पिता की लालसा और बेटे की सहानुभूति को नाटक में दिखाया
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चंडीगढ़। सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में गुरशरण सिंह नाट उत्सव के चौथे दिन नाटक ऑल माई संस का आयोजन किया गया। नाटक बसरा प्रोडक्शन ने पेश किया। यह ऑर्थर मिलर के नाटक ऑल माई संस का पंजाबी रूपातंरण है।
नाटक में द्वितीय विश्व युद्ध की त्रासदी को वर्तमान समय से जोड़ कर मंच पर पेश किया गया। इसमें युद्ध में पिता की पैसे कमाने की लालसा और उसके उलट बेटे की सहानुभूति को दिखाया गया। नाट उत्सव का आयोजन पंजाब संगीत नाटक अकादमी और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से सुचेतक रंगमंच ने किया।
नाटक की कहानी युद्ध से लौटने वाले बेटे और पिता की परस्पर विरोधी मानसिकता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो उस भयानक स्थिति में भी व्यावसायिक लाभ की लालसा का शिकार था। ऑर्थर मिलर की यह रचना सालों बाद भी समकालीन स्थिति से जुड़ी प्रतीत होती है, इसलिए नाटक को क्षेत्रीय भाषा में निर्देशक ने बखूबी पेश किया, क्योंकि मानव जाति सभी प्रयासों के बावजूद युद्ध के संकट से छुटकारा नहीं पा सकी और युद्ध में मुनाफे की भूख अभी भी बनी हुई है। नाटक में दलजिंदर बसरान, डॉ. दलजीत, संतोष, गुरमुख गिन्नी ने नाटक में अभिनय में प्रमुख भूमिका निभाई।
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नाटक में द्वितीय विश्व युद्ध की त्रासदी को वर्तमान समय से जोड़ कर मंच पर पेश किया गया। इसमें युद्ध में पिता की पैसे कमाने की लालसा और उसके उलट बेटे की सहानुभूति को दिखाया गया। नाट उत्सव का आयोजन पंजाब संगीत नाटक अकादमी और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से सुचेतक रंगमंच ने किया।
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नाटक की कहानी युद्ध से लौटने वाले बेटे और पिता की परस्पर विरोधी मानसिकता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो उस भयानक स्थिति में भी व्यावसायिक लाभ की लालसा का शिकार था। ऑर्थर मिलर की यह रचना सालों बाद भी समकालीन स्थिति से जुड़ी प्रतीत होती है, इसलिए नाटक को क्षेत्रीय भाषा में निर्देशक ने बखूबी पेश किया, क्योंकि मानव जाति सभी प्रयासों के बावजूद युद्ध के संकट से छुटकारा नहीं पा सकी और युद्ध में मुनाफे की भूख अभी भी बनी हुई है। नाटक में दलजिंदर बसरान, डॉ. दलजीत, संतोष, गुरमुख गिन्नी ने नाटक में अभिनय में प्रमुख भूमिका निभाई।
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