फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The Kalagram campus was immersed in the musical symphony of three dozen musical instruments.

Chandigarh News: तीन दर्जन वाद्य यंत्रों की म्यूजिकल सिंफनी में डूबता-उतराता रहा कलाग्राम परिसर

Sat, 29 Nov 2025 12:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
The Kalagram campus was immersed in the musical symphony of three dozen musical instruments.
मनीमाजरा। मनीमाजरा के कलाग्राम में शुक्रवार को 15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की रंगारंग शुरुआत हुई। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और चंडीगढ़ कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इसका आयोजन हो रहा है।
विज्ञापन

उद्घाटन समारोह में मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने ढोल-नगाड़े बजाकर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और विरासत को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करते हैं।
विज्ञापन


उद्घाटन शाम का सबसे बड़ा आकर्षण रही म्यूजिकल सिंफनी, जिसे उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान के निर्देशन में पेश किया गया। इसमें राजस्थान से लेकर कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ तक के लोक वाद्य यंत्रों, खरताल, मोरचंग, रबाब, पुंग, रणसिंगा, करनाल, बांसुरी, ढोल, मादल आदि ने सवाल-जवाब की जुगलबंदी करते हुए ऐसा वातावरण बनाया कि पूरा कलाग्राम तालियों से गूंज उठा। अंत में जब तीन दर्जन से अधिक वाद्य यंत्रों ने एक साथ सुरों का संगम किया, तो दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों का अभिनंदन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेढ़ दर्जन लोक नृत्यों के कोरियोग्राफिक फ्यूजन की धमक
सिंफनी के बाद प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सुशील शर्मा के निर्देशन में कई राज्यों के लोक नृत्यों-गिद्दा, भंगड़ा, गरबा, डुमहल, चौ, डांडिया आदि का आकर्षक कोरियोग्राफिक संगम प्रस्तुत किया गया। पहले एक-एक नृत्य की झलक और फिर सभी का संयुक्त फ्यूजन दर्शकों को मंत्रमुग्ध करता रहा। समूचा मंच रंगों, ताल और ऊर्जा से भर उठा।
अमनदीप के सूफीयाना सुरों ने छुआ अंतर्मन
उद्घाटन दिवस की दूसरी विशेष पेशकश रही पटियाला के प्रसिद्ध सूफी गायक प्रो. अमनदीप सिंह की रूहानी प्रस्तुति। उन्होंने बुल्ले शाह के मैनू कोण पहचाणी…, आवो नी सइयो रल… से लेकर फोक गीतों वजली वजा, नीमे पाणी, गल्लां दो ने तक अपने सुरों से ऐसा आध्यात्मिक वातावरण रचा कि दर्शक देर तक मंत्रमुग्ध रहे। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित स्वरांजलि भी पेश की, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। पुराने और नए संगीत का फ्यूजन प्रस्तुत कर उन्होंने दो पीढ़ियों के बीच सुरों का पुल भी बनाया।
मेले की भव्यता और प्रशासन का सहयोग
उद्घाटन समारोह में कार्मिक सचिव स्वप्निल नाइक, वित्त सचिव दिपर्वा लाकड़ा, प्रमुख सचिव विवेक प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव और कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक सौरभ अरोड़ा उपस्थित रहे।
मेले में विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्पियों के स्टॉल लगे हैं और लगभग 400 लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से ट्राईसिटी को सुर, ताल और रंगों का अनोखा अनुभव कराएंगे। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी द्वारा लगाए गए पुराने कैमरों और टेलीफोनों की अनोखी प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।

फुरकान खान ने मुख्य अतिथि सहित सभी आगंतुकों का आभार जताया और बताया कि यह मेला देश की सांस्कृतिक विविधता का सबसे बड़ा उत्सव है जो हर बार नई ऊंचाइयां छूता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed