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हरियाणा रोडवेज में तकनीकी कर्मियों का संकट, वोल्वो की मरम्मत पर खर्च नहीं हुए 125 करोड़
Mon, 11 Feb 2019 09:14 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 11 Feb 2019 09:14 AM IST
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हरियाणा रोडवेज (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा रोडवेज में तकनीकी कर्मियों का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा। डी श्रेणी की भर्ती के बाद रोडवेज को कर्मचारी तो मिले, लेकिन नॉन टेक्निकल श्रेणी, जिससे समस्याएं बिल्कुल भी कम नहीं हुई है। वर्ष 2018 में परिवहन के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सिर्फ वोल्वो बसों की मरम्मत के लिए 125 करोड़ रुपये चंडीगढ़ डिपो को जारी किए थे।
बावजूद इसके आज तक दस वोल्वो बसों की मरम्मत पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। तकनीकी कर्मचारियों का भारी संकट होने के कारण 10 वोल्वो बसें लंबे समय से बगैर मरम्मत के खड़ी हैं। इसके अलावा सभी डिपो में सामान्य बसें भी जंग खा रही हैं।
रोडवेज वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों का संकट इतना है कि खराब बसें कई-कई दिन बाद ठीक हो रही हैं। नॉन टेक्निकल कर्मचारी मिलने से परिवहन विभाग की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। अब डी श्रेणी कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनसे ही वर्कशॉप में काम लेना पड़ेगा।
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परिवहन विभाग में चार साल पहले लगभग 950 तकनीकी पदों पर भर्ती निकाली गई थी। आईटीआई व डिप्लोमा धारकों से आवेदन मांगे गए थे। अनेकों पात्र युवाओं ने नौकरी के लिए आवेदन भी किया, मगर सरकार ने भर्ती रद्द कर दी। ग्रुप डी की भर्ती में विभाग को सिर्फ 130 ग्रुप डी कर्मी मिल हैं। जो फिलहाल वर्कशॉप में कोई काम नहीं कर सकते।
तकनीकी कर्मचारी ही किए जाएं नियुक्त
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, सचिव महेंद्र मोहाली व चंद्रभान सोलंकी ने कहा कि नॉन टेक्निकल कर्मचारियों को बसों की मरम्मत करने का कोई ज्ञान नहीं है, जिस कारण विभाग की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरकार तकनीकी पदों पर ट्रेंड आईटीआई व डिप्लोमा धारकों को ही नियुक्ति दे।
समस्या का समाधान करने केलिए उठा रहे कदम : सिंह
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने माना कि वर्कशॉप में तकनीकी कर्मियों की कमी है। उन्होंने कहा कि इसे दूर करने और बसों की मरम्मत समय पर कराने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
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बावजूद इसके आज तक दस वोल्वो बसों की मरम्मत पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। तकनीकी कर्मचारियों का भारी संकट होने के कारण 10 वोल्वो बसें लंबे समय से बगैर मरम्मत के खड़ी हैं। इसके अलावा सभी डिपो में सामान्य बसें भी जंग खा रही हैं।
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रोडवेज वर्कशॉप में तकनीकी कर्मचारियों का संकट इतना है कि खराब बसें कई-कई दिन बाद ठीक हो रही हैं। नॉन टेक्निकल कर्मचारी मिलने से परिवहन विभाग की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। अब डी श्रेणी कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनसे ही वर्कशॉप में काम लेना पड़ेगा।
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परिवहन विभाग में चार साल पहले लगभग 950 तकनीकी पदों पर भर्ती निकाली गई थी। आईटीआई व डिप्लोमा धारकों से आवेदन मांगे गए थे। अनेकों पात्र युवाओं ने नौकरी के लिए आवेदन भी किया, मगर सरकार ने भर्ती रद्द कर दी। ग्रुप डी की भर्ती में विभाग को सिर्फ 130 ग्रुप डी कर्मी मिल हैं। जो फिलहाल वर्कशॉप में कोई काम नहीं कर सकते।
तकनीकी कर्मचारी ही किए जाएं नियुक्त
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, सचिव महेंद्र मोहाली व चंद्रभान सोलंकी ने कहा कि नॉन टेक्निकल कर्मचारियों को बसों की मरम्मत करने का कोई ज्ञान नहीं है, जिस कारण विभाग की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरकार तकनीकी पदों पर ट्रेंड आईटीआई व डिप्लोमा धारकों को ही नियुक्ति दे।
समस्या का समाधान करने केलिए उठा रहे कदम : सिंह
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने माना कि वर्कशॉप में तकनीकी कर्मियों की कमी है। उन्होंने कहा कि इसे दूर करने और बसों की मरम्मत समय पर कराने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।