{"_id":"60ba94898ebc3e5dea6ea61f","slug":"the-claim-is-being-made-to-control-the-third-wave-on-the-basis-of-only-eight-pediatricians-chandigarh-news-pkl415622968","type":"story","status":"publish","title_hn":"महज आठ बाल रोग विशेषज्ञों के दम पर तीसरी लहर पर काबू करने किया जा रहा दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महज आठ बाल रोग विशेषज्ञों के दम पर तीसरी लहर पर काबू करने किया जा रहा दावा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के इस दौर में तीसरी लहर आने की आशंका पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए उनके इलाज की व्यवस्था हर स्तर पर पूरी की जा चुकी है जबकि हकीकत कुछ और ही है। स्वास्थ्य विभाग के पास गिनती के महज आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनके बल पर वे तीसरी लहर को काबू में करने की बात कर रहा है। दूसरी तरफ आलम यह है कि चाहकर भी स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं। इस वजह से यह परेशानी उत्पन्न हो रही है। इसके बावजूद स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विशेषज्ञों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वॉक इंटरव्यू के जरिए उम्मीदवारों को आमंत्रित किया है, लेकिन उसमें भी कुछ खास लाभ होता नजर नहीं आ रहा।
बॉक्स
एक-एक डॉक्टरों के बल पर चल रहा अस्पताल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव की तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में एक-एक विशेषज्ञों के बल पर बेकाबू स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया जा रहा है। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूदा समय में सिर्फ आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें से 5 की तैनाती जीएमएसएच- 16 में की गई है। इसके अलावा मनीमाजरा, सेक्टर 22 व सेक्टर- 45 के सिविल अस्पतालों में एक-एक बाल रोग विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि तीनों सिविल अस्पताल में एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के होने के कारण उनके अवकाश पर जाने से बच्चों का इलाज कराने के लिए जिए मैसेज 16 या किसी दूसरे अस्पताल में जाना पड़ता है।
बॉक्स
सरकारी सेवा से मोह भंग
स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न विशेषज्ञों के पदों पर काफी मशक्कत के बाद भी उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। स्थिति यह है कि कुछ महीनों पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 40 पदों पर विभिन्न विशेषज्ञों की तैनाती की थी। सूत्रों का कहना है कि उनमें से आधे से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
इन विशेषज्ञों की तलाश
विशेषज्ञ जरूरत
बाल रोग 8
मेडिसिन 8
स्त्री रोग 8
एनेस्थीसिया 8
कोट- स्वास्थ विभाग के पास डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन कोरोना की स्थिति को देखते हुए तैयारियां मजबूत करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों की तैनाती की जा रही है। वॉक इंटरव्यू के जरिए विशेषज्ञ रखे जाएंगे।
-डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच- 16
विज्ञापन
बॉक्स
एक-एक डॉक्टरों के बल पर चल रहा अस्पताल
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव की तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में एक-एक विशेषज्ञों के बल पर बेकाबू स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया जा रहा है। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूदा समय में सिर्फ आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें से 5 की तैनाती जीएमएसएच- 16 में की गई है। इसके अलावा मनीमाजरा, सेक्टर 22 व सेक्टर- 45 के सिविल अस्पतालों में एक-एक बाल रोग विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि तीनों सिविल अस्पताल में एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के होने के कारण उनके अवकाश पर जाने से बच्चों का इलाज कराने के लिए जिए मैसेज 16 या किसी दूसरे अस्पताल में जाना पड़ता है।
विज्ञापन
बॉक्स
सरकारी सेवा से मोह भंग
स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न विशेषज्ञों के पदों पर काफी मशक्कत के बाद भी उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। स्थिति यह है कि कुछ महीनों पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 40 पदों पर विभिन्न विशेषज्ञों की तैनाती की थी। सूत्रों का कहना है कि उनमें से आधे से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
इन विशेषज्ञों की तलाश
विशेषज्ञ जरूरत
बाल रोग 8
मेडिसिन 8
स्त्री रोग 8
एनेस्थीसिया 8
कोट- स्वास्थ विभाग के पास डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन कोरोना की स्थिति को देखते हुए तैयारियां मजबूत करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों की तैनाती की जा रही है। वॉक इंटरव्यू के जरिए विशेषज्ञ रखे जाएंगे।
-डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच- 16