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Chandigarh News: नौका का पूजन कर सरोवर में बहाई
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चंडीगढ़। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर में नौका पूजन हुआ। सुबह ही श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे और अपनी-अपनी नौकाओं का पूजन किया। इसके बाद मंदिर परिसर में बने कृत्रिम सरोवर में उसे बहाया गया।
मंदिर को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के सांस्कृतिक सचिव अनिल मलिक ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मंदिर पहुंच गए। वहां बने कृत्रिम सरोवर में अपनी-अपनी नौकाओं को बहाया। मंदिर में पूजा और भगवान के दर्शन के बाद भंडारा का आयोजन हुआ।
मलिक ने बताया कि श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में छोटी-छोटी नौकाएं बनाई थीं। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार ओडिशा के रहने वाले लोग कार्तिक पूर्णिमा से विदेश में जलमार्ग से व्यापार के लिए यात्रा की शुरुआत करते थे। लोग समुद्र के रास्ते व्यापार और आजीविका के लिए अलग-अलग द्वीपों और देशों में जाते थे। उनकी यात्रा सफल हो और वे सही सलामत अपने घर लौटें, इसके लिए पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में नदी नहीं है। ऐसे में मंदिर परिसर में कृत्रिम सरोवर बनाकर उसमें नौका पूजन के बाद बहाई।
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मंदिर को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के सांस्कृतिक सचिव अनिल मलिक ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मंदिर पहुंच गए। वहां बने कृत्रिम सरोवर में अपनी-अपनी नौकाओं को बहाया। मंदिर में पूजा और भगवान के दर्शन के बाद भंडारा का आयोजन हुआ।
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मलिक ने बताया कि श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में छोटी-छोटी नौकाएं बनाई थीं। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार ओडिशा के रहने वाले लोग कार्तिक पूर्णिमा से विदेश में जलमार्ग से व्यापार के लिए यात्रा की शुरुआत करते थे। लोग समुद्र के रास्ते व्यापार और आजीविका के लिए अलग-अलग द्वीपों और देशों में जाते थे। उनकी यात्रा सफल हो और वे सही सलामत अपने घर लौटें, इसके लिए पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में नदी नहीं है। ऐसे में मंदिर परिसर में कृत्रिम सरोवर बनाकर उसमें नौका पूजन के बाद बहाई।
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