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सरकारी स्कूलों में नौवीं में दाखिले के लिए देना होगा टेस्ट
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चंडीगढ़। जिला शिक्षा अधिकारी ने वीरवार को सरकारी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक की दाखिला प्रक्रिया को लेकर दिशानिर्देश जारी किए गए। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि पहली से आठवीं तक के बच्चों का दाखिला आरटीई एक्ट के तहत किया जाएगा। नौवीं कक्षा में दाखिले के लिए टेस्ट लिया जाएगा।
इन निर्देशों के अनुसार स्कूल के एक किमी के दायरे में रहने वाले और अगर सीट खाली रहती है तो इसके बाद तीन किमी और पांच किमी के दायरे में रहने वाले बच्चे को दाखिला में प्राथमिकता मिलेगी। अगर स्कूल को सीटों से अधिक दाखिला आवेदन मिलते हैं तो ऐसी स्थिति में ड्रा प्रक्रिया के आधार पर दाखिला दिया जाएगा।
निर्देशों में आगे लिखा है कि दूसरी कक्षा से दसवीं कक्षा तक बच्चों को प्रमोशन के आधार पर अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। वहीं अगर नौवीं में नए दाखिले टेस्ट के आधार पर किए जाएंगे। नौवीं में खाली सीटों के लिए टेस्ट में अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा का विषय शामिल होगा। इसमें मेरिट के आधार पर बच्चे को दाखिला मिलेगा। स्कूलों में पहली से पांचवीं के प्रत्येक सेक्शन में 40 सीट और पांचवीं से दसवीं तक प्रत्येक सेक्शन में 45 सीटें होंगी। एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में दाखिला पाने के लिए लोकल माइग्रेशन नहीं दिया जाएगा। अगर बच्चे को इमरजेंसी होती है तो ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग की अनुमति के बाद ही स्कूल माइग्रेशन देगा। स्कूलों को दाखिला कार्यक्रम तैयार कर अपने नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा।
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इन निर्देशों के अनुसार स्कूल के एक किमी के दायरे में रहने वाले और अगर सीट खाली रहती है तो इसके बाद तीन किमी और पांच किमी के दायरे में रहने वाले बच्चे को दाखिला में प्राथमिकता मिलेगी। अगर स्कूल को सीटों से अधिक दाखिला आवेदन मिलते हैं तो ऐसी स्थिति में ड्रा प्रक्रिया के आधार पर दाखिला दिया जाएगा।
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निर्देशों में आगे लिखा है कि दूसरी कक्षा से दसवीं कक्षा तक बच्चों को प्रमोशन के आधार पर अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। वहीं अगर नौवीं में नए दाखिले टेस्ट के आधार पर किए जाएंगे। नौवीं में खाली सीटों के लिए टेस्ट में अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा का विषय शामिल होगा। इसमें मेरिट के आधार पर बच्चे को दाखिला मिलेगा। स्कूलों में पहली से पांचवीं के प्रत्येक सेक्शन में 40 सीट और पांचवीं से दसवीं तक प्रत्येक सेक्शन में 45 सीटें होंगी। एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में दाखिला पाने के लिए लोकल माइग्रेशन नहीं दिया जाएगा। अगर बच्चे को इमरजेंसी होती है तो ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग की अनुमति के बाद ही स्कूल माइग्रेशन देगा। स्कूलों को दाखिला कार्यक्रम तैयार कर अपने नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा।
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