{"_id":"672bdb4292ff635f6404a329","slug":"taking-everyone-along-and-building-an-organization-is-a-challenge-for-baghel-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-556546-2024-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: सभी को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बघेल के लिए चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: सभी को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बघेल के लिए चुनौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जितेंद्र बघेल को कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा का सह प्रभारी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान की ओर से हरियाणा के लगाए गए सह प्रभारी जितेंद्र बघेल के लिए सभी नेताओं को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बड़ी चुनौती होगी। पिछले दस साल से कांग्रेस में न तो संगठन बन पाया है और न ही पार्टी की गुटबाजी खत्म हो पाई है। बल्कि अब विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में धड़े बाजी और बढ़ गई है। एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे नेताओं को एकजुट करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
हरियाणा के लिए कांग्रेस ने जितेंद्र बघेल को बड़ी जिम्मेदारी दी है। हरियाणा के प्रभारी दीपक बाबरिया पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं और वह फिलहाल बीमार चल रहे हैं। हार के कारणों को जानने के लिए हाईकमान की ओर से दो सदस्यीय कमेटी बनाई हुई है। हालांकि, अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ पाई है। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा की जिम्मेदारी जितेंद्र बघेल को दी है।
पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने कहा कि वे खुद संगठन के व्यक्ति हैं, इसलिए अच्छा संगठन बनाने पर जोर रहेगा। सभी नेताओं के साथ सामंजस्य बैठाकर पार्टी को मजबूत किया जाएगा। बघेल ने कहा कि प्रदेश में संगठन खड़ा करना उनकी प्राथमिकता होगी। 9 नवंबर को होने वाली बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि इस बैठक में प्रत्याशियों से हार के कारण जाने जाएंगे और बाद में दस्तावेजों के साथ ईवीएम गड़बड़ी मामले में तथ्य रखे जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान की ओर से हरियाणा के लगाए गए सह प्रभारी जितेंद्र बघेल के लिए सभी नेताओं को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बड़ी चुनौती होगी। पिछले दस साल से कांग्रेस में न तो संगठन बन पाया है और न ही पार्टी की गुटबाजी खत्म हो पाई है। बल्कि अब विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में धड़े बाजी और बढ़ गई है। एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे नेताओं को एकजुट करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
हरियाणा के लिए कांग्रेस ने जितेंद्र बघेल को बड़ी जिम्मेदारी दी है। हरियाणा के प्रभारी दीपक बाबरिया पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं और वह फिलहाल बीमार चल रहे हैं। हार के कारणों को जानने के लिए हाईकमान की ओर से दो सदस्यीय कमेटी बनाई हुई है। हालांकि, अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ पाई है। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा की जिम्मेदारी जितेंद्र बघेल को दी है।
विज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने कहा कि वे खुद संगठन के व्यक्ति हैं, इसलिए अच्छा संगठन बनाने पर जोर रहेगा। सभी नेताओं के साथ सामंजस्य बैठाकर पार्टी को मजबूत किया जाएगा। बघेल ने कहा कि प्रदेश में संगठन खड़ा करना उनकी प्राथमिकता होगी। 9 नवंबर को होने वाली बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि इस बैठक में प्रत्याशियों से हार के कारण जाने जाएंगे और बाद में दस्तावेजों के साथ ईवीएम गड़बड़ी मामले में तथ्य रखे जाएंगे।
विज्ञापन