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पंजाब सरकार-राज्यपाल विवाद: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी-गवर्नर को कुछ अंदेशा भी है... वो आग से खेल रहे हैं

Fri, 10 Nov 2023 01:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 10 Nov 2023 01:54 PM IST
सार

चीफ जस्टिस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर संविधान में कहां लिखा है कि राज्यपाल स्पीकर द्वारा बुलाए गए विधानसभा सत्र को अवैध करार दे सकते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि मेरे सामने राज्यपाल के लिखे दो पत्र हैं जिसमें उन्होंने सरकार को कहा कि चूंकि विधानसभा का सत्र ही वैध नहीं तो वो बिल पर अपनी मंजूरी नहीं दे सकते हैं।

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Supreme Court comments on dispute between Punjab government and Governor Banwari Lal Purohit
पंजाब सरकार-गवर्नर विवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब सरकार और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के बीच चल रहे विवाद पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस ने कड़ी टिप्पणी की। चीफ जस्टिस ने कहा कि क्या राज्यपाल को इस बात का जरा भी अंदेशा है कि वो आग से खेल रहे हैं? अगर राज्यपाल को लगता भी है कि बिल गलत तरीके से पास हुआ है तो उसे विधानसभा अध्यक्ष को वापस भेजना चाहिए। 

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सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मौजूदा राज्यपाल के रहते विधानसभा का सत्र बुलाना असंभव सा है। मुख्य न्यायाधीश ने पंजाब राज्यपाल के वकील से पूछा कि अगर विधानसभा का कोई सत्र अवैध घोषित हो भी जाता है तो सदन द्वारा पास किया गया बिल कैसे गैरकानूनी हो जाएगा? अगर राज्यपाल इसी तरीके से बिल को गैरकानूनी ठहराते रहे तो क्या देश में संसदीय लोकतंत्र बचेगा?
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल राज्य का सांविधानिक मुखिया होता है, लेकिन पंजाब की स्थिति को देखकर लगता है कि सरकार और उनके बीच बड़ा मतभेद है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के वकील से पूछा कि आप किसी बिल को अनिश्चित काल के लिए नहीं रोक रख सकते हैं। सिंघवी ने पंजाब सरकार की तरफ से कहा कि बिल रोकने के बहाने राज्यपाल बदला ले रहे हैं। 

चीफ जस्टिस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर संविधान में कहां लिखा है कि राज्यपाल स्पीकर द्वारा बुलाए गए विधानसभा सत्र को अवैध करार दे सकते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि मेरे सामने राज्यपाल के लिखे दो पत्र हैं जिसमें उन्होंने सरकार को कहा कि चूंकि विधानसभा का सत्र ही वैध नहीं तो वो बिल पर अपनी मंजूरी नहीं दे सकते हैं। राज्यपाल ने ये कहा कि वो इस विवाद पर कानूनी सलाह के रहे हैं, हमें कानून के मुताबिक ही चलना होगा। केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि राज्यपाल का पत्र आखिरी फैसला नहीं हो सकता है। केंद्र सरकार इस विवाद को सुलझाने के लिए रास्ता निकाल रही है।


राज्यपाल का सम्मान करता हूं, यह हार-जीत का मामला नहींः मान
विधेयकों को मंजूरी देने में देरी पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को फटकार लगाए जाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि वह राज्यपाल पुरोहित का बहुत सम्मान करते हैं और यह अदालत में जीतने या हारने का मामला नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से राज्यपाल को दिए गए कड़े निर्देशों पर प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राज्य को ठीक से चलाना मेरी जिम्मेदारी है। मैं पंजाब के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं। मुझे सदन में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करने होंगे और राज्यपाल को तदनुसार मंजूरी देनी होगी। मैं राज्यपाल का बहुत सम्मान करता हूं और यह अदालत में जीतने या हारने का मामला नहीं है।

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