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हार पर सम्मान: रोहतक में सरपंच चुनाव हारे प्रत्याशी को समर्थकों ने दिए 2.11 करोड़ रुपये और स्कॉर्पियो

Sun, 20 Nov 2022 02:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 20 Nov 2022 02:25 PM IST
सार

काला चेयरमैन का कहना है कि हार-जीत मायने नहीं रखती, बल्कि लोगों के दिलों के अंदर सम्मान मायने रखता है। समर्थकों द्वारा किए गए सम्मान से वह अचंभित है, क्योंकि उन्हें भी बाद में पता चला कि यू चंदा एकत्रित किया जा रहा है।

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Supporters honored defeated candidate Rs 2.11 crore and Scorpio in Village Chidi of Rohtak
रोहतक के गांव चिड़ी में हारे प्रत्याशी का सम्मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोहतक में लाखनमाजरा खंड के गांव चिड़ी में समर्थकों को अपने चहेते प्रत्याशी काला चेयरमैन की सरपंच चुनाव में हार बर्दाश्त नहीं हुई। समर्थकों ने एकत्रित होकर उम्मीदवार को 2.11 करोड़ रुपये और स्कॉर्पियो गाड़ी देकर सम्मानित किया। हारे हुए प्रत्याशी का यह सम्मान इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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चिड़ी रोहतक के बड़े गांवों में शामिल है। यहां 9 हजार के करीब आबादी है। गांव में 12 नवंबर को सरपंच पद के लिए मतदान हुआ, जिसमें आमने-सामने की टक्कर में नवीन कुमार ने काला चेयरमैन को 66 वोटों से हरा दिया। काला चेयरमैन अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रहे थे। हार पर उनके समर्थक मायूस हो गए। इसके बाद 20 से 22 समर्थक एक मकान में एकत्रित हुए और काला चेयरमैन के हार के गम को कम करने के लिए मंथन किया। धीरे-धीरे समर्थकों की संख्या बढ़ती चली गई। 18 नवंबर तक समर्थकों ने ढाई करोड़ रुपये का चंदा एकत्रित किया। उसमें से 22 लाख की स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी और दो करोड़ 11 लाख रुपये सम्मान के तौर पर काला चेयरमैन
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को दिए। इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। 

काला चेयरमैन का कहना है कि हार-जीत मायने नहीं रखती, बल्कि लोगों के दिलों के अंदर सम्मान मायने रखता है। समर्थकों द्वारा किए गए सम्मान से वह अचंभित है, क्योंकि उन्हें भी बाद में पता चला कि यू चंदा एकत्रित किया जा रहा है। वह 2005 से 2010 तक पंचायत समिति के चेयरमैन रहे, जबकि 2010 से 2015 तक उसकी चाची गांव की सरपंच रही। 2016 में गांव में सरपंच पद आरक्षित हो गया। 2022 में उन्होंने खुद सरपंच का चुनाव लड़ा लेकिन हार मिली।
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