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डॉ. गुलाटी की सलाह, PGI के डाक्टर जरा हैंडराइटिंग पर ध्यान दें...
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 28 Jan 2018 09:45 AM IST
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sunil grover
- फोटो : File Photo
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अभिनेता और कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने पीजीआई में आयोजित कल्चरल प्रोग्राम में दर्शकों को एक बार फिर अपने लोकप्रिय टीवी किरदार मशहूर डा.गुलाटी से खूब गुदगुदाया। पहली बार कल्चरल प्रोग्राम में इतनी बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। डॉक्टर व स्टूडेंट ने न सिर्फ सुनील का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, बल्कि बीच-बीच में हूटिंग कर सुनील को पंच मारने में मजबूर कर दिया। भार्गव आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि डाक्टरों की हैंडराइटिंग पर चुटकी लेते हुए कहा कि निवेदन है कि डाक्टर अपनी हैंड राइटिंग पर ध्यान दें। कंडक्टर और डाक्टर की हैंडराइटिंग में कोई खास फर्क नहीं होता।
उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि पीजीआई के डाक्टर 36-36 घंटे काम करते हैं। काफी तनाव में रहते हैं। जेनिथ जैसे फेस्टिवल डाक्टरों में एनर्जी भरते हैं। इससे वे चार्ज होते हैं और उनका तनाव भी दूर होता है। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में डॉक्टरों के सूख रहे कपड़ों पर भी उन्होंने अपनी कॉमेडी की फायरिंग की। उन्होंने कि वे यह देखकर हैरान हो गए कि डाक्टर के हास्टल में लेडीज और जेंट्स के कपड़े एक साथ सूख रहे हैं। यह सुनकर डाक्टरों के हंसी के फव्वारे छूट पड़े।
खुशनसीब हूं कि बुलाया, वरना चार बजे लाइन लगानी पड़ती
पीजीआई में मरीजों की भीड़ से सुनील वाकिफ थे। जेनिथ में बुलाए जाने पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वह खुशनसीब हैं कि उन्हें डॉक्टरों ने बुलाया। वरना डाक्टरों से मिलने के लिए सुबह चार बजे ओपीडी में लाइन लगानी पड़ती। यह सुनकर लोगों ने खूब ठहाके लगाए। भार्गव आडिटोरियम में उमड़ी भीड़ पर पंच मारते हुए उन्होंने कहा कि पीजीआई का अपना एक कैरेक्टर होता है। वार्ड में जितनी जगह होती है, उससे ज्यादा पेशेंट एडमिट कर लेते हैं। यही हाल ओपीडी का है और ऐसा ही कुछ भार्गव आडिटोरियम में देखने को मिल रहा है। 1500 लोगों की कुर्सियां हैं और बुला लिया हैं तीन हजार लोगों को।
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डाक्टर गुलाटी का लिवर चेक करने का तरीका
डाक्टर गुलाटी ने कहा कि चंडीगढ़ में डाक्टर लिवर का टेस्ट करते हैं तो हजार रुपये का टेस्ट लिख देते हैं, जबकि वे 500 रुपये में लिवर की जांच कर देते हैं। वे अपने मरीजों को पांच बियर की बोतल खरीदकर देते हैं। यदि मरीज एक बोतल बियर पीकर उल्टी कर दे तो उसका लिवर खराब है। यदि कोई पांच बोतल पी जाए तो उसका लिवर ठीक है। कोई पांच बोतल पीने के बाद बोले कि मेरा टेस्ट ठीक से नहीं हुआ और एक बोतल और दे दो तो समझ जाना कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी का कोई छात्र है और यदि कोई कहे कि मैं नहीं पीता हूं तो यह कह दो बियर पी जाए तो समझ जाना कि वह पीजीआई का कोई जूनियर डाक्टर है।
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उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि पीजीआई के डाक्टर 36-36 घंटे काम करते हैं। काफी तनाव में रहते हैं। जेनिथ जैसे फेस्टिवल डाक्टरों में एनर्जी भरते हैं। इससे वे चार्ज होते हैं और उनका तनाव भी दूर होता है। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में डॉक्टरों के सूख रहे कपड़ों पर भी उन्होंने अपनी कॉमेडी की फायरिंग की। उन्होंने कि वे यह देखकर हैरान हो गए कि डाक्टर के हास्टल में लेडीज और जेंट्स के कपड़े एक साथ सूख रहे हैं। यह सुनकर डाक्टरों के हंसी के फव्वारे छूट पड़े।
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खुशनसीब हूं कि बुलाया, वरना चार बजे लाइन लगानी पड़ती
पीजीआई में मरीजों की भीड़ से सुनील वाकिफ थे। जेनिथ में बुलाए जाने पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वह खुशनसीब हैं कि उन्हें डॉक्टरों ने बुलाया। वरना डाक्टरों से मिलने के लिए सुबह चार बजे ओपीडी में लाइन लगानी पड़ती। यह सुनकर लोगों ने खूब ठहाके लगाए। भार्गव आडिटोरियम में उमड़ी भीड़ पर पंच मारते हुए उन्होंने कहा कि पीजीआई का अपना एक कैरेक्टर होता है। वार्ड में जितनी जगह होती है, उससे ज्यादा पेशेंट एडमिट कर लेते हैं। यही हाल ओपीडी का है और ऐसा ही कुछ भार्गव आडिटोरियम में देखने को मिल रहा है। 1500 लोगों की कुर्सियां हैं और बुला लिया हैं तीन हजार लोगों को।
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डाक्टर गुलाटी का लिवर चेक करने का तरीका
डाक्टर गुलाटी ने कहा कि चंडीगढ़ में डाक्टर लिवर का टेस्ट करते हैं तो हजार रुपये का टेस्ट लिख देते हैं, जबकि वे 500 रुपये में लिवर की जांच कर देते हैं। वे अपने मरीजों को पांच बियर की बोतल खरीदकर देते हैं। यदि मरीज एक बोतल बियर पीकर उल्टी कर दे तो उसका लिवर खराब है। यदि कोई पांच बोतल पी जाए तो उसका लिवर ठीक है। कोई पांच बोतल पीने के बाद बोले कि मेरा टेस्ट ठीक से नहीं हुआ और एक बोतल और दे दो तो समझ जाना कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी का कोई छात्र है और यदि कोई कहे कि मैं नहीं पीता हूं तो यह कह दो बियर पी जाए तो समझ जाना कि वह पीजीआई का कोई जूनियर डाक्टर है।