चंद्रयान की सफलता पर जश्न: पांच मिनट तक छात्र वंदे मातरम और भारत माता के लगाते रहे जयकारे, तस्वीरों में देखें
पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने इस ऐतिहासिक सफलता पर इसरो और चंद्रयान-3 मिशन की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के साथ भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और साउथ पोल में लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गर्वनमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में गर्वनर बनवारी लाल पुरोहित, सलाहकार धर्मपाल के साथ छात्रों, शिक्षकों ने 41वें दिन बुधवार को चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग देखी। इस क्षण पर छात्रों ने खड़े होकर लगभग पांच मिनट तक वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए और गवर्नर के साथ सभी ने खड़े होकर वैज्ञानिकों का आभार जताया। कॉलेज परिसर में चंद्रयान-3 की लैंडिंग को बड़ी स्क्रीन पर लाइव दिखाने की इंतजाम किया गया था। इस दौरान कॉलेज के साथ जीएमएसएसएस-35, 27 और जीएमएचएस-42, 43 से भी लगभग 400 के करीब छात्र पहुंचे थे।
प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सेक्टर-42 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में बच्चों के साथ चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग देखी। कॉलेज में इस कार्यक्रम की सुबह से ही तैयारियां चल रही थी। इस मौके पर कॉलेज के स्टाफ सहित सभी बच्चे उपस्थित रहे। सभी करीब 5:30 बजे कॉलेज हॉल में पहुंच गए थे। कॉलेज के हाल में प्रोजेक्टर के जरिए बड़े पर्दे पर यह कार्यक्रम लाइव चलाया गया। जब पीएम मोदी ने कहा कि चंदा मामा अब दूर नहीं, चंदा मामा एक टूर के हैं तो सब बच्चे जोर-जोर से जय भारत कहते नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान गृह सचिव नितिन कुमार यादव, शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं लाइव टेलिकास्ट की शुरुआत में एडवाइजर धर्मपाल ने चंद्रयान मिशन के तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत प्रेजेंटेशन दी और इस मिशन से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब दिए।
वहीं गवर्नर ने इस ऐतिहासिक सफलता पर इसरो और चंद्रयान-3 मिशन की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के साथ भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और साउथ पोल के पास लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। चंद्रयान-3 की सफलता नए और साहसिक आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।
बच्चों और अध्यापकों ने की खुशी जाहिर
देश से प्यार पहले भी था लेकिन चंद्रयान-तीन के बाद भारतीय होने पर सीना और भी चौड़ा हो गया है। चंद्रयान-तीन के चांद पर सफलतापूर्वक उतरने पर बच्चों और अध्यापकों ने अपनी खुशी जाहिर की और देश के लिए इसे ऐतिहासिक पल बताया।
बड़े होकर वैज्ञानिक बन नई खोज करना चाहती हूं
बड़े होकर मैं वैज्ञानिक बन नए आविष्कार करना चाहती हूं। आज चंद्रयान-तीन को चांद पर लैंडिंग करता देख बहुत अच्छा लगा। साथ ही वैज्ञानिकों को देखकर लगा कि मैं भी एक दिन वहां बैठकर नई खोज करने में अपना योगदान दूंगी। - प्रिषा, छठी कक्षा की छात्रा।
14 जुलाई से कर रहे थे इस दिन का इंतजार
जब चंद्रयान-तीन को इसरो ने 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया था तब से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। हमें डर था कि कहीं चंद्रयान-दो की तरह यह भी फेल न हो जाए लेकिन जब स्क्रीन पर चंद्रयान-तीन को सफलता से चांद पर उतरते देखा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब घर जाकर पार्टी करेंगे। - सृष्टि, 11वीं कॉमर्स संकाय छात्रा।
चांद पर पहुंचना हमारे लिए बड़ी उपलब्धि
भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश है। यह सोच कर ही बहुत गर्व महसूस होता है कि दुनिया भर में सिर्फ हमारा एक देश ऐसा है जिसने चांद के उस छोर पर अपनी जगह बनाई जहां तक अभी कोई नहीं पहुंच पाया है। - सिमरन, 11वीं कला संकाय छात्रा।
लाइव प्रसारण देखने के लिए मां ने ट्यूशन से दी छुट्टी
भारतीय होने के नाते मां को चंद्रयान-तीन के लॉन्च की इतनी खुशी थी कि हम 40 दिन से इसका इंतजार कर रहे थे। इस समय हमारी ट्यूशन होती है लेकिन लाइव प्रसारण देखने के लिए मां ने ट्यूशन न जाने की छूट दे दी और भारत की उपलब्धि का साक्षी बनने को कहा। - खुशी, 11वीं कॉमर्स संकाय छात्रा।
देश के लिए कुछ ऐसा ही करना है कि सभी खुशी से झूमे
चंद्रयान-तीन का लाइव प्रसारण देखकर लगा कि जीवन में कुछ ऐसा ही करना है कि सभी उस सफलता का हिस्सा बनें और एक साथ जश्न मनाएं। इसरो के वैज्ञानिकों की मेहनत रंग लाई जिसने हमें भी बड़े लक्ष्य साधने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है। - मीनाक्षी, 11वीं कला संकाय छात्रा।
बच्चों की विज्ञान के प्रति बढ़ेगी रुचि
पहले जिन बच्चों को विज्ञान में रुचि नहीं थी उनका भी इसके प्रति रुझान बढ़ेगा। बतौर भारतीय नागरिक और वैज्ञानिक शिक्षक होने के नाते यह अनुभव मेरे लिए बहुत खास है। - अमिता, विज्ञान शिक्षिका।
बच्चों के लिए खुले नए आयाम
आज भारत भर में खुशी की लहर है। भारत को अपनी उपलब्धि पर जश्न मनाता देख बच्चे भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उनकी नन्ही आंखों में देश के लिए कुछ कर-गुजरने की भावना और चांद तक पहुंचने की चाह पक्की हो गई है। - सुमंगला, राजनीतिक विज्ञान शिक्षिका।
मोमबत्तियां जलाकर जाहिर की चंद्रयान की खुशी
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव कमलजीत सिंह पंछी ने चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के शुभ अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए अपने घर की बालकनी में मोमबत्तियां जलाईं। उन्होंने इस मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। पंछी ने कहा कि इस सफल लैंडिंग मिशन के साथ भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस उपलब्धि पर भारत के हर नागरिक को गर्व है।