{"_id":"5e5194378ebc3ef3af498487","slug":"students-beat-guard-in-pu-hostel-absconding-chandigarh-news-pkl367387479","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी में ठीक नहीं माहौल, तीन नकाबपोशों ने हॉस्टल के गार्ड को धुना, पार्किंग बनी वजह","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी में ठीक नहीं माहौल, तीन नकाबपोशों ने हॉस्टल के गार्ड को धुना, पार्किंग बनी वजह
Sun, 23 Feb 2020 10:51 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 10:51 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी में आजकल माहौल ठीक नहीं चल रहा है। कभी छात्र आपस में भिड़ रहे हैं तो कभी टीचर के खिलाफ अभद्रता की शिकायतें हो रही हैं। यहां तक की पीयू की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे गार्ड भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह 11.00 बजे कार पर स्कूटर के नंबर लगाकर आए तीन नकाबपोश छात्रों ने एक गार्ड की जमकर पिटाई की और फरार हो गए। सुरक्षा कर्मी ने पीयू के सुरक्षा अधिकारियों से शिकायत की है। पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को पीयू के पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के पीछे बनी पार्किंग में सुरक्षा कर्मी कमलेश कुमार की ड्यूटी थी। ह्ममन राइट विभाग के तीन छात्र गाड़ी लेकर पहुंचे। वह गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रहे थे। इसके लिए मना किया तो वह विरोध करने लगे और मारपीट शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मी की वर्दी तक फाड़ दी, लेकिन लोग बीचबचाव में आए और मामला रफा दफा हो गया। समझौता भी कराया गया, लेकिन उन्होंने गोली मारने की धमकी दी। इस प्रकरण को पीयू प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन इसे हवा में उड़ा दिया गया।
शुक्रवार को सुरक्षा कर्मी कमलेश की ड्यूटी ब्वॉयज हॉस्टल नंबर 8 में थी। उसी दौरान कमलेश के पास किसी अनजान नंबर से फोन आया और उन्हें पार्किंग में आने को कहा। कमलेश ने कहा कि वह ड्यूटी पर हैं, कहीं दूसरी जगह नहीं आ सकते। मना करने के दस मिनट बाद तीन नकाबपोश लोग दीवार कूदकर हॉस्टल में घुस गए और कमलेश पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद फरार हो गए। सुरक्षा कर्मी को अंदरूनी चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले छात्र अपनी कार पर स्कूटर का नंबर लगाकर आए थे। नंबर की प्लेट बहुत छोटी थी।
विज्ञापन
कमलेश ने कहा कि उन्हें जान का खतरा है। इस प्रकरण को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। पुलिस में शिकायत दी है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। नकाबपोश एक छात्र का नकाब चेहरे से हटा तो उन्होंने उसे पहचान लिया। वह ह्यूूमन राइट विभाग का ही है जो पहले मारपीट कर चुके हैं।
ऐसे घटनाओं में तुरंत एक्शन ले पीयू प्रशासन
पीयू में इस समय माहौल खराब है। वीरवार आधी रात को एबीवीपी और एसएफएस के कार्यकर्ता आपस में भिड़े और इसमें दो छात्र घायल हो गए। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। बेशक बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। लेकिन अभी भी इस घटना से तनातनी बनी हुई है। पीयू प्रशासन को चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तुरंत एक्शन ले।
सुरक्षा कर्मी कमलेश के साथ तीन छात्रों ने मारपीट की है। सुरक्षा कर्मी ही यहां सुरक्षित नहीं हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को चिट्ठी लिखी गई है। साथ ही आरोपी छात्रों पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
- डॉ. विशाल शर्मा, वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर आठ
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को पीयू के पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के पीछे बनी पार्किंग में सुरक्षा कर्मी कमलेश कुमार की ड्यूटी थी। ह्ममन राइट विभाग के तीन छात्र गाड़ी लेकर पहुंचे। वह गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रहे थे। इसके लिए मना किया तो वह विरोध करने लगे और मारपीट शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मी की वर्दी तक फाड़ दी, लेकिन लोग बीचबचाव में आए और मामला रफा दफा हो गया। समझौता भी कराया गया, लेकिन उन्होंने गोली मारने की धमकी दी। इस प्रकरण को पीयू प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन इसे हवा में उड़ा दिया गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुरक्षा कर्मी कमलेश की ड्यूटी ब्वॉयज हॉस्टल नंबर 8 में थी। उसी दौरान कमलेश के पास किसी अनजान नंबर से फोन आया और उन्हें पार्किंग में आने को कहा। कमलेश ने कहा कि वह ड्यूटी पर हैं, कहीं दूसरी जगह नहीं आ सकते। मना करने के दस मिनट बाद तीन नकाबपोश लोग दीवार कूदकर हॉस्टल में घुस गए और कमलेश पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद फरार हो गए। सुरक्षा कर्मी को अंदरूनी चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले छात्र अपनी कार पर स्कूटर का नंबर लगाकर आए थे। नंबर की प्लेट बहुत छोटी थी।
विज्ञापन
कमलेश ने कहा कि उन्हें जान का खतरा है। इस प्रकरण को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। पुलिस में शिकायत दी है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। नकाबपोश एक छात्र का नकाब चेहरे से हटा तो उन्होंने उसे पहचान लिया। वह ह्यूूमन राइट विभाग का ही है जो पहले मारपीट कर चुके हैं।
ऐसे घटनाओं में तुरंत एक्शन ले पीयू प्रशासन
पीयू में इस समय माहौल खराब है। वीरवार आधी रात को एबीवीपी और एसएफएस के कार्यकर्ता आपस में भिड़े और इसमें दो छात्र घायल हो गए। इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। बेशक बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। लेकिन अभी भी इस घटना से तनातनी बनी हुई है। पीयू प्रशासन को चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तुरंत एक्शन ले।
सुरक्षा कर्मी कमलेश के साथ तीन छात्रों ने मारपीट की है। सुरक्षा कर्मी ही यहां सुरक्षित नहीं हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को चिट्ठी लिखी गई है। साथ ही आरोपी छात्रों पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
- डॉ. विशाल शर्मा, वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर आठ