अभिनंदन ने पाक सीमा के नजदीक इसलिए भरी उड़ान, पड़ोसी को देना था ये संदेश
- अभिनंदन, अपाचे के बहाने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी।
- एक रणनीति के तहत विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की वापसी और अपाचे की लांचिंग के लिए पठानकोट का चयन।
- पाकिस्तान बॉर्डर से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन।
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करीब छह महीने बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की एयरफोर्स में वापसी हो या फिर दुनिया के सबसे घातक हेलीकॉप्टर अपाचे एएच-64 ई की लांचिंग। दो दिन में ये दोनों कार्यक्रम एक बड़ी रणनीति का हिस्सा थे जिसके बूते भारत-पाकिस्तान को वर्तमान तनावग्रस्त हालात में कड़ा संदेश देना चाहता था।
पहले बालाकोट में एयर स्ट्राइक और अब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निष्क्रिय होने के बाद से तिलमिलाया पाकिस्तान बार-बार अजीबोगरीब बयान देकर तल्खी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
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सरहद पर सीजफायर के उल्लंघन से लेकर क्रास बॉर्डर फायरिंग जैसी हिमाकत से भी पाक चूक नहीं रहा। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मानें तो पाक सेना की बॉर्डर पर हरकत के अलावा पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन भी घाटी या देश के कुछ अन्य इलाकों में बड़े आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद एक बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान खुद फिर से पुलवामा जैसे आतंकी हमला होने की बात कह चुके हैं।
इन्हीं परिस्थितियों के मद्देनजर इन दोनों कार्यक्रमों के बहाने भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान को यह बता दिया है कि यदि इस बार पाकिस्तान या फिर पाक समर्थित आतंकी संगठनों ने कोई नापाक हरकत की तो अबकी बार भारतीय सेनाओं का वार बेहद घातक होगा।
एयरफोर्स के एक आला अफसर ने बताया कि अपाचे आने के बाद तो वायुसेना की मारक क्षमता इस कदर खतरनाक हो गई है कि बालाकोट जैसी एयरस्ट्राइक में अब अपाचे खास भूमिका निभा सकता है।
इसलिए चुना गया पठानकोट एयरबेस
विंग कमांडर अभिनदंन वर्धमान की वापसी को लेकर हाईकमान स्तर पर तैयारियां चल रही थीं। इसके लिए एक बेहतरीन मौके की तलाश की जा रही थी। अब भारत-पाक के बीच चल रही तल्खी के मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने सोमवार को विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी पठानकोट एयरबेस से लड़ाकू विमान से करवाई।
अभिनंदन ने वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ के साथ मिग-21 बाइसन उड़ाकर 6 महीने 6 दिन बाद वापसी की। वापसी के दौरान वायुसेना प्रमुख और अभिनंदन ने पाक सीमा की ओर ही उड़ान भरी थी।
इसके अगले ही दिन पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को आठ अपाचे की स्क्वाड्रन से भी लैस कर दिया गया। दरअसल, पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पाकिस्तान बॉर्डर से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने पहले अभिनंदन की वापसी और फिर अपाचे की तैनाती से पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।
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अब चीन के लिए जोरहाट में तैनात होगा अपाचे
बता दें कि अपाचे की पहली खेप पहुंच चुकी है जिसे पठानकोट में तैनात किया गया है। इसकी दूसरी खेप चीन सीमा के नजदीक स्थित जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में तैनात की जाएगी। असम का यह महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है और यहां से चीन बार्डर की दूरी भी कुछ ज्यादा नहीं है। मार्च 2020 तक सभी 22 अपाचे देश को मिल जाएंगे, जिसके बाद इसकी दूसरी स्कॉड्रन जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में तैनात की जाएगी।
अपाचे के आने के बाद इंडियन एयरफोर्स बहुत ताकतवर हो गई है। पाकिस्तान के साथ कैसा माहौल चल रहा है, मैं इस बारे में तो कुछ नहीं कहना चाहूंगा, मगर यह जरूर है कि दुश्मनों के लिए एयरफोर्स अब पहले से ज्यादा खतरनाक है और हमेशा तैयार है।-एयर मार्शल एएस बुटौला, सीनियर मोस्ट अटैक हेलीकॉप्टर पायलट