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Chandigarh News: प्रदूषण कम करने के लिए राज्य सरकार की कार्ययोजना तैयार, स्वर्ण जयंती वर्ष में 50 हॉट स्पाॅट पर काम करेंगी टीमें
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक
मासिक प्रदूषण और पर्यावरण रिपोर्ट संकलित करने के निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य योजना तैयार कर ली है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में कई विभागों की टीमें मिलकर 50 हाॅट स्पाॅट पर प्रदूषण कम करने के लिए काम करेंगी। इनमें स्वास्थ्य, परिवहन, उद्योग, नगर और ग्राम आयोजना, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। साथ ही बोर्ड के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के लिए मासिक प्रदूषण और पर्यावरण रिपोर्ट संकलित करने के निर्देश दिए हैं। ये रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएंगी, उसी के आधार पर आगामी कदम उठाए जाएंगे।
बोर्ड की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वीरवार को यहां हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने समीक्षा बैठक की। बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र राव ने 1974 में बोर्ड की स्थापना के बाद से इसके कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, हालांकि बोर्ड की स्थापना मूल रूप से जल प्रदूषण से निपटने के लिए की गई थी, लेकिन पर्यावरण संबंधित विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए पिछले कुछ सालों में इसकी गतिविधियों में काफी विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सिस्टम की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए बायो मेडिकल अपशिष्ट संग्रह और निपटान की जिम्मेदारी कई एजेंसियों को सौंपने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इन एजेंसियों का दायरा 75 किलोमीटर से कम करने का भी प्रस्ताव रखा।
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बोर्ड ने ये उठाए कदम
पर्यावरण में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बोर्ड ने कई कदम उठाए हैं। एनसीआर जिलों में रेड कैटेगरी के सभी वायु उत्सर्जक उद्योगों को ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी उपकरण (ओसीईएमडी) स्थापित करने का आदेश दिया है। ऐसी लगभग 400 इकाइयां स्थापित की गई हैं। प्रदेशभर में 29 वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र (सीएएक्यूएमएस) स्थापित किए हैं, जिनमें से 21 एनसीआर जिलों में स्थित हैं। साथ ही 46 मैनुअल स्टेशन चालू हैं।
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मासिक प्रदूषण और पर्यावरण रिपोर्ट संकलित करने के निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य योजना तैयार कर ली है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में कई विभागों की टीमें मिलकर 50 हाॅट स्पाॅट पर प्रदूषण कम करने के लिए काम करेंगी। इनमें स्वास्थ्य, परिवहन, उद्योग, नगर और ग्राम आयोजना, शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। साथ ही बोर्ड के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के लिए मासिक प्रदूषण और पर्यावरण रिपोर्ट संकलित करने के निर्देश दिए हैं। ये रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएंगी, उसी के आधार पर आगामी कदम उठाए जाएंगे।
बोर्ड की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वीरवार को यहां हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने समीक्षा बैठक की। बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र राव ने 1974 में बोर्ड की स्थापना के बाद से इसके कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, हालांकि बोर्ड की स्थापना मूल रूप से जल प्रदूषण से निपटने के लिए की गई थी, लेकिन पर्यावरण संबंधित विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए पिछले कुछ सालों में इसकी गतिविधियों में काफी विस्तार हुआ है।
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स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सिस्टम की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए बायो मेडिकल अपशिष्ट संग्रह और निपटान की जिम्मेदारी कई एजेंसियों को सौंपने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इन एजेंसियों का दायरा 75 किलोमीटर से कम करने का भी प्रस्ताव रखा।
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बोर्ड ने ये उठाए कदम
पर्यावरण में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बोर्ड ने कई कदम उठाए हैं। एनसीआर जिलों में रेड कैटेगरी के सभी वायु उत्सर्जक उद्योगों को ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी उपकरण (ओसीईएमडी) स्थापित करने का आदेश दिया है। ऐसी लगभग 400 इकाइयां स्थापित की गई हैं। प्रदेशभर में 29 वायु गुणवत्ता निगरानी केन्द्र (सीएएक्यूएमएस) स्थापित किए हैं, जिनमें से 21 एनसीआर जिलों में स्थित हैं। साथ ही 46 मैनुअल स्टेशन चालू हैं।