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Chandigarh News: समय पर फ्लैट न देने पर राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंसल बिल्डर पर लगाया पचास हजार का हर्जाना

Mon, 30 Oct 2023 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Oct 2023 02:12 AM IST
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State Consumer Commission imposed a compensation of fifty thousand rupees on Ansal Builder for not delivering the flat on time.
चंडीगढ़। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने तय समय पर फ्लैट का कब्जा न देने पर मोहाली स्थित अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही आयोग ने शिकायतकर्ता की ओर से फ्लैट के लिए ली गई 29 लाख 25 हजार रुपये की लोन की रकम और उनकी ओर से दिए गए 9 लाख 63 हजार 506 रुपये की रकम 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर से लौटाने के आदेश दिए हैं। दायर मामले के तहत मोहाली के रहने वाले दंपती ने उक्त बिल्डर के खिलाफ हाउसिंग प्रोजेक्ट में खरीदे गए फ्लैट के लिए 42 लाख रुपये का भुगतान किया था। समझौते के अनुसार बिल्डर को 30 महीने के भीतर शिकायतकर्ता दंपती को अपार्टमेंट तैयार कर देना था। इसके बावजूद आरोपी बिल्डर की ओर से उन्हें समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया। इसे लेकर पीड़ित दंपती की ओर से आयोग में याचिका दायर की गई थी। मामले में सामने आए तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद आयोग ने यह फैसला सुनाया।
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मोहाली सेक्टर-81 के रहने वाले दंपती कौशिक चट्टोपाध्याय व उनकी पत्नी अरुणिका ने आयोग में बिल्डर के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2011 में अंसल बिल्डर के खरड़-लांडरां रोड पर स्थित विक्टोरिया फ्लोर्स, गोल्फ लिंक्स-2 के नाम से तैयार किए जा रहे हाउसिंग प्रोजेक्ट के प्रथम तल पर चार लाख रुपये भुगतान करते हुए फ्लैट बुक कराया था, जिसकी कुल कीमत 42 लाख 95 हजार 734 रुपये तय हुई थी। दंपती ने तय की गई फ्लैट की कीमत का भुगतान करने के लिए एक निजी बैंक से 29 लाख 25 हजार रुपये का लोन लिया और 9 लाख 63 हजार 506 रुपये का भुगतान अपने पास मौजूद रकम से किया। दंपती ने आरोप लगाया कि उन्हें बैंक लोन की किस्तें जेब से देनी पड़ रही थीं। शिकायतकर्ताओं ने दिसंबर 2020 में प्रोजेक्ट का दौरा किया, तब भी बिल्डर ने उक्त अपार्टमेंट का कब्जा सौंपने में असमर्थता जताई। इसके बाद दंपती ने आयोग को बिल्डर के खिलाफ शिकायत दी थी।
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