{"_id":"67c9f83d485bc04a2f0111db","slug":"started-business-by-taking-a-loan-of-10-thousand-gave-employment-to-11-women-now-earning-lakhs-chandigarh-news-c-87-1-pk11006-120249-2025-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: 10 हजार लोन लेकर शुरू किया व्यापार, 11 महिलाओं को दिया रोजगार, अब हो रही लाखों की कमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: 10 हजार लोन लेकर शुरू किया व्यापार, 11 महिलाओं को दिया रोजगार, अब हो रही लाखों की कमाई
विज्ञापन
पंचकूला। शादी के बाद से बहुत सी महिलाएं परिवार के दबाव में अपनी इच्छाओं को मार देती हैं। अगर पति का सपोर्ट नहीं मिलता है तो वह अपने अंदर के टैलेंट को भूल जाती हैं। अगर महिलाओं को सपोर्ट मिले तो वह हर क्षेत्र में कामयाब हो सकती हैं। पति की कमाई से घर का खर्च पूरा नहीं हो रहा था। इसके बाद पति से बात और उनकी सपोर्ट से शादी के 11 साल बाद 10 हजार लोन लेकर घर पर ही खाना बनाने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे छह वर्षों में 11 महिलाओं को रोजगार दिया। अब साल में पांच से छह लाख की कमाई हो रही है। यह कहना है पिंजौर आईटीआई कालेज में कैंटीन चलाने वाली जिला पंचकूला के गांव टिक्कर निवासी पूजा का।
ऐसे शुरू किया व्यापार
पंचकूला के गांव टिक्कर निवासी पूजा ने बताया कि आर्थिक तंगी दूर करने के लिए 2019 में स्वयं सहायता समूह की महिला ग्रुप से जुड़ी और छोटे रोजगार के बारे में ट्रेनिंग ली। कुछ दिनों तक समूह के साथ कैंटीन में काम करने लगी। एक साल बाद 10 हजार का लोन लेकर घर से ही फूड डिलीवरी का काम काम शुरू किया। ऑर्डर आने पर डिलीवरी पहुंचाने लगी। एक साल में लोन चुकाने के बाद फिर से तीस हजार का लोन लेकर कारोबार आगे बढ़ाया।
चार लाख का लोन लेकर शुरू की कैंटीन
2021 में दूसरा लोन अदा करने के बाद कमाई के हिसाब से दो महिलाओं को काम पर रखा। तीन साल के बाद ग्रामीण बैंक से चार लाख का लोन लिया। कैंटीन चलाने के लिए गांव की 11 महिलाओं को जोड़कर दिसंबर 2024 से आईटीआई कॉलेज की कैंटीन चलाने लगी। कैंटीन का संचालन करने से साल में लाखों की कमाई हो जाती है। आने वाले साल में और भी महिलाओं को जोड़कर कैंटीन के काम का विस्तार करना है।
विज्ञापन
फूड बिजनेस के बारे में ली ट्रेनिंग
पूजा ने बताया कि 2008 में शादी हो गई थी। पति सोमनाथ की कमाई से शुरू में खर्च पूरा हो जाता था लेकिन बच्चे होने के बाद खर्च बढ़ गया। दो बच्चों के बाद पढ़ाई और खाने का खर्च पूरा करने में पति को दिक्कत होने लगी तो तभी समूह की महिलाओं के साथ जुड़कर काम करने लगी। उन्हीं के साथ फूड बिजनेस के बारे में ट्रेनिंग लेकर काम करना शुरू किया। परिवार का साथ मिलने से काम चलने लगा। कमाई होने से घर की आर्थिक तंगी भी दूर हो गई। दोनों बच्चों के स्कूल और घर का खर्च पूरा करने के बाद भी बचत हो जाती है।
महिलाओं के लिए कोई काम कठिन नहीं
पूजा का कहाना है कि हर महिला को काम करना चाहिए। अगर पति का साथ मिले तो उन्हें समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए। समाज में अपने दम पर पहचान बनाने वाली महिलाओं से प्रेरणा लेकर कारोबार के लिए शुरुआत करनी चाहिए। ऐसा करने से घर का खर्च उठाने में बराबर की हकदार होती हैं।
विज्ञापन
ऐसे शुरू किया व्यापार
पंचकूला के गांव टिक्कर निवासी पूजा ने बताया कि आर्थिक तंगी दूर करने के लिए 2019 में स्वयं सहायता समूह की महिला ग्रुप से जुड़ी और छोटे रोजगार के बारे में ट्रेनिंग ली। कुछ दिनों तक समूह के साथ कैंटीन में काम करने लगी। एक साल बाद 10 हजार का लोन लेकर घर से ही फूड डिलीवरी का काम काम शुरू किया। ऑर्डर आने पर डिलीवरी पहुंचाने लगी। एक साल में लोन चुकाने के बाद फिर से तीस हजार का लोन लेकर कारोबार आगे बढ़ाया।
विज्ञापन
चार लाख का लोन लेकर शुरू की कैंटीन
2021 में दूसरा लोन अदा करने के बाद कमाई के हिसाब से दो महिलाओं को काम पर रखा। तीन साल के बाद ग्रामीण बैंक से चार लाख का लोन लिया। कैंटीन चलाने के लिए गांव की 11 महिलाओं को जोड़कर दिसंबर 2024 से आईटीआई कॉलेज की कैंटीन चलाने लगी। कैंटीन का संचालन करने से साल में लाखों की कमाई हो जाती है। आने वाले साल में और भी महिलाओं को जोड़कर कैंटीन के काम का विस्तार करना है।
विज्ञापन
फूड बिजनेस के बारे में ली ट्रेनिंग
पूजा ने बताया कि 2008 में शादी हो गई थी। पति सोमनाथ की कमाई से शुरू में खर्च पूरा हो जाता था लेकिन बच्चे होने के बाद खर्च बढ़ गया। दो बच्चों के बाद पढ़ाई और खाने का खर्च पूरा करने में पति को दिक्कत होने लगी तो तभी समूह की महिलाओं के साथ जुड़कर काम करने लगी। उन्हीं के साथ फूड बिजनेस के बारे में ट्रेनिंग लेकर काम करना शुरू किया। परिवार का साथ मिलने से काम चलने लगा। कमाई होने से घर की आर्थिक तंगी भी दूर हो गई। दोनों बच्चों के स्कूल और घर का खर्च पूरा करने के बाद भी बचत हो जाती है।
महिलाओं के लिए कोई काम कठिन नहीं
पूजा का कहाना है कि हर महिला को काम करना चाहिए। अगर पति का साथ मिले तो उन्हें समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए। समाज में अपने दम पर पहचान बनाने वाली महिलाओं से प्रेरणा लेकर कारोबार के लिए शुरुआत करनी चाहिए। ऐसा करने से घर का खर्च उठाने में बराबर की हकदार होती हैं।