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लड़कियां खुद से वादा करें, शराब पीने वाले से नहीं करेंगी शादी: श्री श्री
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:10 AM IST
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Sri Sri Ravi Shankar
- फोटो : अमर उजाला
ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने लड़कियों से कहा कि वे खुद से वादा करें कि शराब पीने वाले व्यक्ति से शादी नहीं करेंगी। नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए और बचपन में ही यह प्रतिज्ञा ले लेनी चाहिए। श्रीश्री अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान राजभवन में मौजूद थे। इस दौरान कई स्कूलों के बच्चों ने धर्म गुरू श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की।
श्रीश्री ने बच्चों से कहा कि उन्हें हमेशा सवाल पूछते रहना चाहिए। साथ ही एक सलाह दी कि खेल को कभी युद्ध का मैदान नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा बचपन शरारत करने केलिए है और अगर बच्चे शरारत न करें तो बचपन खराब हो जाता है। हालांकि कोई ऐसी शरारत नहीं करनी चाहिए जिससे किसी को नुकसान हो।
शरारत बचपन का एक महत्वपूूर्ण लक्षण है। वहीं नशे के खिलाफ आर्ट ऑफ लिविंग की मुहिम पर श्रीश्री ने कहा कि उन्होंने विश्व की अलग-अलग जेलों में बंद कैदियों को जाना है और उन्हें सुधार का रास्ता दिखाया है। 80 फीसदी ऐसे अपराधी हैं, जिन्होंने नशे में कोई न कोई अपराध किया है।
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श्रीश्री ने बच्चों से कहा कि उन्हें हमेशा सवाल पूछते रहना चाहिए। साथ ही एक सलाह दी कि खेल को कभी युद्ध का मैदान नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा बचपन शरारत करने केलिए है और अगर बच्चे शरारत न करें तो बचपन खराब हो जाता है। हालांकि कोई ऐसी शरारत नहीं करनी चाहिए जिससे किसी को नुकसान हो।
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शरारत बचपन का एक महत्वपूूर्ण लक्षण है। वहीं नशे के खिलाफ आर्ट ऑफ लिविंग की मुहिम पर श्रीश्री ने कहा कि उन्होंने विश्व की अलग-अलग जेलों में बंद कैदियों को जाना है और उन्हें सुधार का रास्ता दिखाया है। 80 फीसदी ऐसे अपराधी हैं, जिन्होंने नशे में कोई न कोई अपराध किया है।
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हर कोई खुद को धर्मगुरु का तमगा लगा लेता है
Sri Sri Ravi Shankar
हर कोई खुद को धर्मगुरु का तमगा लगा लेता है
राजभवन केबाद श्रीश्री रवि शंकर चंडीगढ़ प्रेस क्लब भी पहुंचे। यहां जब उनसे पूछा गया कि क्या धर्मगुरु बनने के लिए कोई तय मापदंड होने चाहिएं? तो इस पर उन्होंने कहा कि आजकल हर कोई खुद को धर्मगुरु का तमगा लगा लेता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसकेलिए बाकायदा एक कमेटी बननी चाहिए। जो समय-समय पर सभी धार्मिक संस्थानों और उनसे बनी कमेटियों की जांच करे।
शिक्षित करना और अनदेखी करना मेरा काम
श्रीश्री रविशंकर से जब पूछा गया कि क्या वे किसी पार्टी केलिए काम कर रहे हैं? तो उनका जवाब था कि वह किसी पार्टी के नहीं हैं, बल्कि लोगों के जीवन में पार्टी का माहौल लाते हैं। उन्हें खुश रहने का सलीका सिखाते हैं। उनका काम समाज को शिक्षित करना और बेकार की बहस को अनदेखा करना है। वहीं अयोध्या के मसले पर कांग्रेस के आरोप नकारते हुए श्रीश्री ने कहा कि दोनों समुदाय के लोग उनसे मिले और वे सिर्फ मध्यस्थता केजरिए कोई रास्ता निकालने का काम कर रहे हैं। कई देशों केबिगड़े हुए मसले वे सुलझा चुके हैं। भारत को खुशहाल बनाना भी उनका काम है। दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि श्रीश्री बीजेपी केलिए काम कर रहे हैं।
राजभवन केबाद श्रीश्री रवि शंकर चंडीगढ़ प्रेस क्लब भी पहुंचे। यहां जब उनसे पूछा गया कि क्या धर्मगुरु बनने के लिए कोई तय मापदंड होने चाहिएं? तो इस पर उन्होंने कहा कि आजकल हर कोई खुद को धर्मगुरु का तमगा लगा लेता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसकेलिए बाकायदा एक कमेटी बननी चाहिए। जो समय-समय पर सभी धार्मिक संस्थानों और उनसे बनी कमेटियों की जांच करे।
शिक्षित करना और अनदेखी करना मेरा काम
श्रीश्री रविशंकर से जब पूछा गया कि क्या वे किसी पार्टी केलिए काम कर रहे हैं? तो उनका जवाब था कि वह किसी पार्टी के नहीं हैं, बल्कि लोगों के जीवन में पार्टी का माहौल लाते हैं। उन्हें खुश रहने का सलीका सिखाते हैं। उनका काम समाज को शिक्षित करना और बेकार की बहस को अनदेखा करना है। वहीं अयोध्या के मसले पर कांग्रेस के आरोप नकारते हुए श्रीश्री ने कहा कि दोनों समुदाय के लोग उनसे मिले और वे सिर्फ मध्यस्थता केजरिए कोई रास्ता निकालने का काम कर रहे हैं। कई देशों केबिगड़े हुए मसले वे सुलझा चुके हैं। भारत को खुशहाल बनाना भी उनका काम है। दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि श्रीश्री बीजेपी केलिए काम कर रहे हैं।