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Haryana: संदीप सिंह से खेल विभाग छिना, एसआईटी ने की पूछताछ, एक और धारा जोड़ी, महिला कोच के कपड़े जब्त
Sat, 07 Jan 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 07 Jan 2023 03:34 PM IST
सार
चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी प्रभारी डीएसपी पलक अग्रवाल एक पुलिस कर्मचारी के साथ शनिवार को मंत्री के सेक्टर-7 स्थित आवास पर गईं। कर्मचारियो से पूछताछ की। कुछ दस्तावेज जुटाए ।
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संदीप सिंह के विरोध में प्रदर्शन करते आप कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महिला कोच से छेड़छाड़ प्रकरण में पुलिस व सरकार पर चौतरफा दबाव के बाद आखिर हरियाणा के राज्य मंत्री संदीप सिंह पर शिकंजा कसा जाने लगा है। संदीप की ओर से खेल विभाग छोड़ने का पत्र लिखे जाने के छह दिन बाद शनिवार को सरकार ने विभाग वापस लेने की अधिसूचना जारी की है। इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को पहली बार मंत्री से उनकी कोठी में जाकर पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद महिला कोच के वह कपड़े भी जब्त किए हैं जो उसने घटना वाले दिन पहने हुए थे। कोच का आरोप है कि मंत्री ने उसकी टी शर्ट फाड़ दी थी। पुलिस ने मंत्री के खिलाफ दर्ज मामले में एक और धारा (509) भी जोड़ दी है।
मंत्री संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर विधिवत विभाग छोड़ने को कहा था। सीएम ने यह पत्र स्वीकार कर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को भेज दिया। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही शनिवार को इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई। खेल व युवा सेवाएं विभाग अब मुख्यमंत्री के पास रहेगा। हालांकि संदीप सिंह के सरकारी आवास के बाहर से खेल मंत्री की पट्टी अब भी नहीं हटाई गई है। पहले सीएम ने मंत्री के बचाव में कहा था कि महिला कोच ने अनर्गल आरोप लगाए हैं और आरोप लगाने से दोष साबित नहीं हो जाता। इसकी काफी आलोचना हुई थी। आखिर संदीप का विभाग लेना ही पड़ा।
संदीप की कोठी पहुंची एसआइटी
चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी प्रभारी डीएसपी पलक अग्रवाल एक पुलिस कर्मचारी के साथ शनिवार को मंत्री के सेक्टर-7 स्थित आवास पर गईं। कर्मचारियो से पूछताछ की। कुछ दस्तावेज जुटाए । डीएसपी ने बताया कि मंत्री पर लगे आरोपों को लेकर जांच की जा रही है। डीवीआर रिकवर की गई है। संदीप सिंह से भी पूछताछ की जा रही है।
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आइपीसी की 509 धारा जुड़ी
पुलिस ने अब संदीप सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 509 भी जोड़ी है। शब्दों से या शील का अपमान करने के प्रयास के आरोप में यह धारा लगती है। यह जमानती है और अपराध साबित होने पर तीन वर्ष का साधारण कारावास या आर्थिक दंड या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। इससे पहले संदीप पर धारा 342, 354, 354 ए, 354 बी व 506 लगाई गई हैं। इनमें 354 व 354 ए गैर जमानती धाराएं हैं।
बिना विभाग छोड़े नहीं हो सकती थी निष्पक्ष जांच
महिला कोच की ओर से छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के बाद एक जनवरी को संदीप सिंह ने मीडिया में बयान दिया था कि वह खेल विभाग मुख्यमंत्री को सौंप रहे हैं। इस बयान के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं, कोच लगातार यह कह रही थी कि उसके ऊपर दबाव है। विपक्ष भी मंत्री को पद से हटाने की मांग कर रहा था। संदीप सिंह से खेल विभाग वापस लिए बिना इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती थी।
आवास घेरने जा रहे आप वर्करों को पुलिस ने रोका
मंत्री को बर्खास्त व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर चंडीगढ़ में मंत्री का आवास घेरने जा रहे आम आदमी पार्टी के यूथ विंग का कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इस बीच उन्होंने पुलिस से धक्का-मुक्की भी की। माहौल काफी गर्माया रहा।
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मंत्री संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर विधिवत विभाग छोड़ने को कहा था। सीएम ने यह पत्र स्वीकार कर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को भेज दिया। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही शनिवार को इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई। खेल व युवा सेवाएं विभाग अब मुख्यमंत्री के पास रहेगा। हालांकि संदीप सिंह के सरकारी आवास के बाहर से खेल मंत्री की पट्टी अब भी नहीं हटाई गई है। पहले सीएम ने मंत्री के बचाव में कहा था कि महिला कोच ने अनर्गल आरोप लगाए हैं और आरोप लगाने से दोष साबित नहीं हो जाता। इसकी काफी आलोचना हुई थी। आखिर संदीप का विभाग लेना ही पड़ा।
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संदीप की कोठी पहुंची एसआइटी
चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी प्रभारी डीएसपी पलक अग्रवाल एक पुलिस कर्मचारी के साथ शनिवार को मंत्री के सेक्टर-7 स्थित आवास पर गईं। कर्मचारियो से पूछताछ की। कुछ दस्तावेज जुटाए । डीएसपी ने बताया कि मंत्री पर लगे आरोपों को लेकर जांच की जा रही है। डीवीआर रिकवर की गई है। संदीप सिंह से भी पूछताछ की जा रही है।
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आइपीसी की 509 धारा जुड़ी
पुलिस ने अब संदीप सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 509 भी जोड़ी है। शब्दों से या शील का अपमान करने के प्रयास के आरोप में यह धारा लगती है। यह जमानती है और अपराध साबित होने पर तीन वर्ष का साधारण कारावास या आर्थिक दंड या फिर दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। इससे पहले संदीप पर धारा 342, 354, 354 ए, 354 बी व 506 लगाई गई हैं। इनमें 354 व 354 ए गैर जमानती धाराएं हैं।
बिना विभाग छोड़े नहीं हो सकती थी निष्पक्ष जांच
महिला कोच की ओर से छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के बाद एक जनवरी को संदीप सिंह ने मीडिया में बयान दिया था कि वह खेल विभाग मुख्यमंत्री को सौंप रहे हैं। इस बयान के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं, कोच लगातार यह कह रही थी कि उसके ऊपर दबाव है। विपक्ष भी मंत्री को पद से हटाने की मांग कर रहा था। संदीप सिंह से खेल विभाग वापस लिए बिना इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती थी।
आवास घेरने जा रहे आप वर्करों को पुलिस ने रोका
मंत्री को बर्खास्त व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर चंडीगढ़ में मंत्री का आवास घेरने जा रहे आम आदमी पार्टी के यूथ विंग का कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इस बीच उन्होंने पुलिस से धक्का-मुक्की भी की। माहौल काफी गर्माया रहा।