चंडीगढ़। जिला अदालत ने नशीले इंजेक्शनों की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किए तस्कर को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले दोषी तस्कर की पहचान सेक्टर-56 के रहने वाले कमलप्रीत सिंह उर्फ काली के रूप में हुई है। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने दोषी के पास से 20 नशीले इंजेक्शन बरामद किए थे।
सेक्टर-39 थाने के इलाके में बढ़ रही चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए 28 दिसंबर 2019 को पुलिसकर्मी गश्त ड्यूटी पर थे। इस दौरान सेक्टर-56, डिस्पेंसरी के पास गुजरने वाले वाहनों पर नजर रखी हुई थी। शाम करीब छह बजे एक युवक मोहाली की तरफ से आता हुआ दिखाई दिया। उसके दाहिने हाथ में एक सफेद रंग का पॉलिथीन था। पुलिस पार्टी को देखकर वह घबरा गया और पीछे मुड़कर तेज गति से चलने लगा। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान उसने पॉलिथीन को फेंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पॉलिथीन सहित पकड़ लिया। पॉलिथीन को खोलने पर उसमें प्रतिबंधित दो एमएल के 15 इंजेक्शन और 10 एमएल के पांच प्रतिबंधित इंजेक्शन पाए गए। इंजेक्शनों पर बैच नंबर को काले मार्कर से पोता गया था। पूछने पर उसने अपना नाम सेक्टर-56 के मकान नंबर-341ए में रहने वाले कमलप्रीत सिंह उर्फ काली के रूप में बताई। वह इन इंजेक्शनों को अपने पास रखने के लिए कोई परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।