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Hindi News ›   Chandigarh ›   Smart Police unable to resolve the Snatching and theft incidents

स्मार्ट पुलिस भी बेबस, नहीं थम रही स्नैचिंग व चोरी की वारदातें, देखें रिपोर्ट

Mon, 29 Aug 2016 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 29 Aug 2016 09:33 AM IST
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Smart Police unable to resolve the Snatching and theft incidents
चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : file photo
स्नैचिंग व चोरियों के मामले सुलझाने में यूटी पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इन मामलों को सुलझाने में पुलिस का रिकॉर्ड इतना बेहतर नहीं है, जितना कि अन्य मामलों को सुलझाने में है।
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इस वर्ष का अब तक का पुलिस का रिकॉर्ड देखें तो पुलिस तीन में से एक ही स्नैचिंग के केस सुलझा पाई है। 31 जुलाई तक शहर में कुल 62 स्नैचिंग हो चुकी है और पुलिस ने सिर्फ 21 मामलों को सुलझाने में सफलता पाई है।
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वाहन चोरी के मामलों में भी पुलिस ने इस वर्ष अब तक कुछ अधिक सफलता नहीं पाई है। इस वर्ष जुलाई तक शहर में 384 वाहन चोरी के मामले सामने आए और सिर्फ 86 वाहन चोरी के मामले ही निपटे हैं।
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जेल से बाहर आने वाले ही करते हैं वारदात
पुलिस विभाग का कहना है कि वाहन चोरी और स्नैचिंग को अंजाम देने वाले अधिकतर पुराने अपराधी ही होते हैं। पुलिस उनको पकड़ती है। कोर्ट में केस चल रहा होता है। आरोपी जमानत पर बाहर आते ही वारदातें शुरू कर देते हैं।

ऐसे में पुलिस भी असहाय नजर आती है। पुलिस लोगों से ही अपील करती है कि वह ही सावधानियां बरतें, जिससे स्नैचिंग न हो सके। वाहन चोरियों में भी पुलिस का मानना है कि वह देर रात तक नाके लगाती है।

कई बार चोरी कर वाहन ले जाते आरोपियों को नाकों से पकड़ा भी गया है। अधिकारी कहते हैं कि पुलिस हर समय हर जगह तैनात नहीं हो सकती है। लोग अगर घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए या फिर गाड़ियों में ही सुरक्षा के उपकरण लगाकर रखें तो चोरियों में कमी आ सकती है।

वारदात में कोई एक अकेला गैंग नहीं

Smart Police unable to resolve the Snatching and theft incidents
चंडीगढ़ पुलिस
पुलिस अधिकारी कहते हैं कि स्नैचिंग की वारदात में ऐसा नहीं होता कि कोई एक अकेला गैंग है जो वारदात कर रहा हो। कई ऐसे भी पकड़े गए हैं जो कि शहर के नहीं होते। आरोपी मोहाली, पंचकूला और हिमाचल के हैं। जो यहां वाहन चोरी या स्नैचिंग कर शहर से निकल जाते हैं और कुछ समय बाद फिर वारदात करने आ जाते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में कई बार तो अय्याशी के लिए अच्छे-अच्छे घरों के भी युवक पकड़े गए हैं।

वारदात सुलझाने में पूरा प्रयास रहता है : डीएसपी
डीएसपी क्राइम पवन कुमार का कहना है कि स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस का पूरा प्रयास रहता है। रात को नाके लगाए जाते हैं। लोगों को सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कई मामले सीसीटीवी कैमरे से सुलझे हैं। जब भी शहर में इस तरह की वारदात बढ़ती हैं तो पुलिस पुराने आरोपियों का रिकॉर्ड खंगालती है।

हर में अभी छह स्नैचर पकड़े थे, जिनसे कई मामले सुलझे थे। इनमें कई आरोपियों पर पहले से स्नैचिंग के केस दर्ज थे। इसी तरह शहर से लग्जरी गाड़ियां चोरी करने वाला इंटर स्टेट गैंग भी पकड़ा गया था। जिनसे आठ लग्जरी कारें बरामद हुईं थीं। जो मामले अनसुलझे हैं, उनको भी सुलझा लिया जाएगा।
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