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स्मार्ट सिटी: अब क्लाइमेट के अनुसार तय होगी रेटिंग, बनाए गए 5 मानक और नई गाइडलाइन
Fri, 19 Jul 2019 02:35 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Jul 2019 02:35 PM IST
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स्मार्ट सिटी
देश की सभी स्मार्ट सिटी के लिए अब मिनिस्ट्री ऑफ हाउसेज एंड अफेयर्स क्लाइमेट के अनुसार रेटिंग जारी करेगी। क्लाइमेट स्मार्ट असिसमेंट स्कीम के तहत पांच मानकों को आधार बनाकर रेटिंग तय की जाएगी। अक्तूबर में इसका रिजल्ट घोषित होगा। कम रेटिंग वाले स्मार्ट शहरों को मंत्रालय से गाइड लाइन जारी होगी, ताकि वह अपने क्षेत्र की कमियों को दूर कर सकें।
31 जुलाई तक प्रत्येक स्मार्ट सिटी को मानकों के अनुसार अपने शहर की जलवायु का आंकड़ा मंत्रालय की वेबसाइट पर फीड करना है। स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हाउसेज एंड अफेयर्स स्मार्ट सिटी की जलवायु को बिल्कुल शुद्ध करना चाहती है। इसके लिए शहर के वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट, एनर्जी मैनेजमेंट, वाटर मैनेजमेंट, अर्बन प्लानिंग मैंनेजमेंट को आधार मानकर डाटा फीड करना है।
इसके लिए प्रत्येक विभाग से जानकारी ली जा रही है। जल्द ही डाटा फीड कर दिया जाएगा। लगभग दो माह बाद इसका रिजल्ट आएगा। इसके आधार पर तय होगा कि किस स्मार्ट सिटी में जलवायु को बेहतर करने के लिए क्या आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों को शुद्ध हवा और पानी देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
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31 जुलाई तक प्रत्येक स्मार्ट सिटी को मानकों के अनुसार अपने शहर की जलवायु का आंकड़ा मंत्रालय की वेबसाइट पर फीड करना है। स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हाउसेज एंड अफेयर्स स्मार्ट सिटी की जलवायु को बिल्कुल शुद्ध करना चाहती है। इसके लिए शहर के वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट, एनर्जी मैनेजमेंट, वाटर मैनेजमेंट, अर्बन प्लानिंग मैंनेजमेंट को आधार मानकर डाटा फीड करना है।
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इसके लिए प्रत्येक विभाग से जानकारी ली जा रही है। जल्द ही डाटा फीड कर दिया जाएगा। लगभग दो माह बाद इसका रिजल्ट आएगा। इसके आधार पर तय होगा कि किस स्मार्ट सिटी में जलवायु को बेहतर करने के लिए क्या आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों को शुद्ध हवा और पानी देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
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डाटा फीड के रिजल्ट के हिसाब से आगे होगा काम
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि इस बार डाटा फीड करने के बाद जो रिजल्ट आएगा उसके हिसाब से आगे काम करेंगे। उसके 6 माह बाद फिर से यही प्रक्रिया शुरू होगी। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रीन हाउस गैसों को किस तरह से रिड्यृूस किया जाए, क्योंकि एसी में बैठकर हम स्वयं तो ठंडी हवा लेते रहते हैं, लेकिन उसकी मशीन बाहर जो गर्म हवाएं रिड्यूस करती हैं, वह हमारे लिए काफी हानिकारक है। इसलिए शहर की हवा का आंकलन भी इस प्रक्रिया में किया जाएगा।
हरियाली के बावजूद शहर में बढ़ रहा पॉल्यूशन
चंडीगढ़ में हरियाली के बावजूद बढ़ते प्रदूषण से लोगों की चिंता बढ़ने लगी थी। वहीं कई अन्य स्मार्ट सिटी में भी यही हालात पैदा हो रहे थे। ऐसे में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसेज एंड अर्बन अफेयर्स ने पांच मानक बनाकर वहां के क्लाइमेंट को बेहतर करने की योजना बनाई है ताकि सिटी के स्मार्ट होने के साथ साथ लोग बेहतर वातावरण में जी सकें। कमिश्नर ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सेग्रीगेट कचरे को प्लांट में भेजने की व्यवस्था हो रही है। वहीं पार्कों में भी जैविक खाद बनाकर पत्तों के निस्तारण की व्यवस्था फिर से शुरू करेंगे।
हरियाली के बावजूद शहर में बढ़ रहा पॉल्यूशन
चंडीगढ़ में हरियाली के बावजूद बढ़ते प्रदूषण से लोगों की चिंता बढ़ने लगी थी। वहीं कई अन्य स्मार्ट सिटी में भी यही हालात पैदा हो रहे थे। ऐसे में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसेज एंड अर्बन अफेयर्स ने पांच मानक बनाकर वहां के क्लाइमेंट को बेहतर करने की योजना बनाई है ताकि सिटी के स्मार्ट होने के साथ साथ लोग बेहतर वातावरण में जी सकें। कमिश्नर ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सेग्रीगेट कचरे को प्लांट में भेजने की व्यवस्था हो रही है। वहीं पार्कों में भी जैविक खाद बनाकर पत्तों के निस्तारण की व्यवस्था फिर से शुरू करेंगे।