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पंजाब की मंडियों में धान की धीमी लिफ्टिंग: जगह की कमी और मौसम खराब, फसल के लिए बढ़ी किसानों की चिंता
Fri, 09 Oct 2026 08:44 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 09 Oct 2026 08:44 AM IST
सार
कुल खरीद का आंकड़ा 3,16,447 क्विंटल बताया गया है। इसके बावजूद 1,64,760 क्विंटल धान का उठान नहीं हो पाया है। नई फसल की आवक लगातार जारी है, जिससे मंडी प्रबंधन के लिए चुनौती बढ़ रही है।
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मोगा मंडी में आई धान
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब की मंडियों में धान की बंपर आवक के बावजूद लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है। खन्ना की दाना मंडी में 7 अक्तूबर तक तीन लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद हो चुकी है। लेकिन लगभग डेढ़ लाख क्विंटल धान का उठान अभी बाकी है। इस स्थिति से मंडियों में जगह की कमी और मौसम खराब होने पर खुले में पड़े धान के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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खरीद एजेंसियां तेजी से धान खरीद रही हैं, लेकिन उठान की गति धीमी है। खन्ना में पनग्रेन ने 1,47,960 क्विंटल धान खरीदा है। पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 1,55,557 क्विंटल धान की खरीद की है। मार्कफेड ने 76,806 क्विंटल और वेयरहाउस ने 34,117 क्विंटल धान खरीदा है। कुल खरीद का आंकड़ा 3,16,447 क्विंटल बताया गया है। इसके बावजूद 1,64,760 क्विंटल धान का उठान नहीं हो पाया है। नई फसल की आवक लगातार जारी है, जिससे मंडी प्रबंधन के लिए चुनौती बढ़ रही है। यदि लिफ्टिंग की रफ्तार नहीं बढ़ी तो मंडियों में धान रखने की जगह की समस्या गंभीर हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता मौसम को लेकर है। बारिश या तेज हवाओं से खुले में पड़ा धान प्रभावित हो सकता है।
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव
खन्ना मंडी में किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिसमें पेयजल व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। वाटर कूलर लगे हैं, पर पानी की शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं। शौचालय की स्थिति भी खराब है। खुले में बनी व्यवस्था से किसानों और मजदूरों को गोपनीयता नहीं मिल पाती। मार्केट कमेटी के सचिव कमलदीप सिंह ने शौचालयों की खस्ता हालत स्वीकार की। उन्होंने कहा कि अगले बजट में सुधार के लिए टेंडर निकाले जाएंगे।
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लुधियाना में भी धीमी लिफ्टिंग
लुधियाना की मंडियों में भी धान की लिफ्टिंग की रफ्तार काफी धीमी है। यहां अब तक 84,949.88 मीट्रिक टन धान पहुंचा है, जिसमें से 79,083.42 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। हालांकि, खरीदे गए धान में से केवल 23,895.98 मीट्रिक टन का ही उठान हुआ है। करीब 55,187.44 मीट्रिक टन खरीदा हुआ धान अभी भी मंडियों में पड़ा है। पंजाब मंडी बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 93 फीसदी धान खरीदा जा चुका है। लेकिन करीब 70 फीसदी खरीदा धान उठान का इंतजार कर रहा है।
अन्य जिलों का हाल
मोगा जिले में 5,920.18 मीट्रिक टन धान की आमद हुई है। इसमें से 4,399.01 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जबकि 381.75 मीट्रिक टन की लिफ्टिंग हुई है। फिरोजपुर की मंडियों में करीब नौ हजार मीट्रिक टन धान पहुंचा है। इसमें से सरकारी एजेंसियों ने लगभग सात हजार मीट्रिक टन धान खरीदा है। अमृतसर जिले में खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान 48,950 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 39,766 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और लिफ्टिंग भी शुरू कर दी गई है।