यूपी में सात तो पंजाब में छह वेटलैंड साइट, नंबर वन बनने की तैयारी में जुटा वन विभाग
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रामसर प्रोजेक्ट में उत्तर प्रदेश को हराने के लिए पंजाब तैयारी कर रहा है। भारत के कुल 37 रामसर स्थल (वेटलैंड) में अभी पंजाब-यूपी से सिर्फ एक वेटलैंड साइट से पिछड़ा हुआ है। 2020 में तीन और वैटलेंड साइट शामिल होने के बाद पंजाब में इनकी संख्या छह हो गई है, जिससे वह अब देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। देश में पहला स्थान पाने के लिए वन विभाग ने राज्य में और वेटलैंड साइट की तलाश शुरू कर दी है।
विश्व स्तर पर नम भूमि के संरक्षण के लिए रामसर प्रोजेक्ट चलाया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे देश में 2019 से पहले 26 रामसर क्षेत्र थे। 2019 में सुंदर वन डेल्टा (पश्चिम बंगाल) को शामिल कर लेने से इनकी संख्या 27 हो गई थी। इस वर्ष (2020) में 10 और क्षेत्रों के इसमें शामिल किया गया है, जिसके बाद भारत में रामसर क्षेत्र की संख्या बढ़ कर 37 हो गई है। जिसमें पंजाब की तीन साइटों को शामिल किया गया है। जिसके बाद पंजाब देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश में अभी सात वेटलैंड क्षेत्र रामसर में शामिल हैं, जिसके कारण वह अभी तक नंबर वन पर है। सूबे के वन विभाग ने नंबर वन का स्थान हासिल करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं, सब कुछ ठीक रहा तो 2021 में पंजाब-उत्तर प्रदेश से आगे निकल पहले स्थान पर काबिज हो जाएगा।
क्या है रामसर प्रोजेक्ट
रामसर नम भूमि के संरक्षण के लिए विश्व स्तरीय प्रयास है। भविष्य के लिए झीलों एवं नम भूमि का संरक्षण विषय पर आधारित इस सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा राजस्थान सरकार एवं इंटरनेशनल लेक एन्वायरन्मेंट कमेटी, जापान के सहयोग से किया गया है।
सभी देशों में झीलों के पुनरुद्धार एवं उनकी जल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सघन प्रयास किए गए हैं। इसी के तहत जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए व्यापक कानून बनाए गए और इसी के साथ विश्व स्तर पर संरक्षण प्रयासों के तहत 1971 में नम भूमि पर आयोजित रामसर कन्वेंशन में भी सक्रिय रूप से भागीदारी की थी।
इस वर्ष पंजाब के तीन नए वेटलैंड हुए शामिल
रामसर प्रोजेक्ट में पंजाब के तीन नए वेटलैंड शामिल हुए हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश के बाद देश में पंजाब के सबसे अधिक वेटलैंड हो गए हैं। 2020 में पंजाब के केशोपुर मिआनी कम्युनिटी रिजर्व, व्यास संरक्षण रिजर्व और नंगल वन्यजीव अभ्यारण्य को शामिल किया गया है। पहले हरिके झील, कंजली झील और रोपड़ के वेटलैंड रामसर प्रोजेक्ट में शामिल थे। अब पंजाब की इस प्रोजेक्ट में संख्या छह हो गई है।
साल भर पानी में डूबे भू-भाग को कहते हैं वेटलैंड
वेटलैंड ऐसा भू-भाग होता है जहां के पारितंत्र का बड़ा हिस्सा स्थायी रूप से या प्रतिवर्ष किसी भी मौसम में जल से डूबा हो। ऐसे क्षेत्रों में जलीय पौधों की मात्रा अधिक रहती है। ऐसा भाग वेटलैंड को परिभाषित करता है। जैव विविधता की दृष्टि से वेटलैंड अत्यंत संवेदनशील होते हैं क्योंकि विशेष प्रकार की वनस्पति व अन्य जीव ही नमभूमि पर उगने और फलने-फूलने के लिये अनुकूलित होते है।
पंजाब के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। विभाग प्रयास कर रहा है कि इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। वन विभाग प्रयास कर रहा है, जल्द ही कामयाबी हासिल होगी। जितेंद्र शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पंजाब