ये सही नहीं है: चंडीगढ़ के बाजारों में दुकानदारों ने अपने अनुसार लगवाई टाइलें-स्लैब...ऊबड़ खाबड़ हुए रास्ते
कई बाजारों में दुकानदारों ने कंक्रीट की मोटी परत चढ़ा दी है, जो आसपास के क्षेत्र से ऊंची हो गई है। इन ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक चुनौती बन गया है। बुजुर्गों की चाल पहले से धीमी होती है और असमान सतहें उनके संतुलन को बिगाड़ सकती हैं, जिससे वे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।
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चंडीगढ़ की कई मार्केटों में इन दिनों अलग ही खेल चल रहा है। कई शोरूम और बूथ मालिकों ने अपनी दुकानदारी चमकाने के लिए हजारों बुजुर्ग और दिव्यागों की जान मुश्किल में डाल दी है।
मार्केटों के गलियारों में अलग-अलग बूथ और शोरूम मालिकों ने अपने अनुसार ऊबड़-खाबड़ टाइलें बिछा दी हैं। हर दुकान ने अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग टाइलें, संगमरमर के स्लैब और कंक्रीट का इस्तेमाल किया है। इससे रास्ता कहीं ऊंचा तो कहीं नीचा हो गया है।
शहर के विभिन्न मार्केटों के गलियारे और फुटपाथ अब समतल नहीं रहे, बल्कि ऊबड़-खाबड़ और असमान हो गए हैं। इससे न केवल पैदल चलने वाले लोग असहज महसूस कर रहे हैं, बल्कि आए दिन ठोकर खाकर लोग गिर रहे हैं। दुकानदारों ने अपनी सुविधा के हिसाब से टाइलें लगवा ली हैं। कहीं ऊंची टाइलें हैं, तो कहीं नीची और कहीं-कहीं पर तो टाइलें हिलती-डुलती भी नजर आती हैं। कुछ जगहों पर संगमरमर के स्लैब लगाए गए हैं, जो बारिश या सफाई के बाद बेहद फिसलन भरे हो जाते हैं।
व्हीलचेयर या बैसाखी के सहारे कैसे चलें...
यह समस्या अब पूरे शहर की हो गई है। सेक्टर-22, 15, 17, 46, 41 समेत लगभग सभी सेक्टरों के एससीओ और बूथ मार्केट में हालत खराब है। दिव्यांगों के लिए स्थिति और भी विकट हो जाती है। व्हीलचेयर या बैसाखी के सहारे चलने वाले लोगों के लिए समतल रास्ते बेहद जरूरी होते हैं, लेकिन बाजारों में बने ये अव्यवस्थित फर्श उनके लिए चलना लगभग असंभव बना रहे हैं।
असमान फर्श के कारण गलियारे हुए खतरनाकः मेजर जनरल (डॉ.) मंदीप सिंह
सेना अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) मंदीप सिंह ने इस समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। कहा कि उनकी मां, जो कि एक वरिष्ठ नागरिक हैं उन्होंने यह अहम मुद्दा उठाया है। कई शॉपिंग सेंटरों के गलियारे असमान फर्श के कारण खतरनाक हो गए हैं। हर दुकान ने अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग टाइलें, संगमरमर के स्लैब या कंक्रीट का इस्तेमाल किया है। थोड़ी सी भी असमानता गिरने का कारण बन सकती है, जो बुजुर्गों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे इस समस्या का संज्ञान लें।
असंवेदनशीलता चरम पर हैः तिवारी
शहर के सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा कि उनकी दिवंगत मां, जो पीजीआई चंडीगढ़ की डीन रह चुकी हैं, जब पार्षद थीं तो उन्होंने इसी तरह की समस्या उठाई थी। दुर्भाग्य से, कार्यान्वयन एजेंसियों की असंवेदनशीलता चरम पर है। उन्होंने मेजर जनरल (डॉ.) मंदीप सिंह से आग्रह किया कि वे उन्हें एक औपचारिक पत्र भेजें ताकि वे इस मुद्दे को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तक पहुंचा सकें। सांसद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्यपाल, जो खुद एक वरिष्ठ नागरिक हैं, इस पर गंभीरता से विचार करेंगे और समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
चंडीगढ़ में बहुत से वरिष्ठ नागरिक रहते हैं जो इसे अपना घर मानते हैं। मार्केटों में असमान सतह की वजह से उनका संतुलन बिगड़ सकता है और उन्हें गंभीर चोटें लग सकती हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बाजारों में आम जगहों पर समतल फर्श हो। - मनीष तिवारी, सांसद