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फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाला दुकान का मालिक गिरफ्तार
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चंडीगढ़। जिला अपराध प्रकोष्ठ ने सेक्टर-38 मोटर मार्केट के एक दुकानदार को फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी 350 रुपये की नंबर प्लेट के एक हजार से दो हजार रुपये वसूलता था। आरोपी की पहचान सेक्टर-41 निवासी तुषार अग्रवाल (36) के रूप में हुई है।
पुलिस ने वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जिला अपराध प्रकोष्ठ के प्रभारी नरेंद्र पटियाल ने बताया कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए दिल्ली से सामान लेकर आता था। रिमांड के दौरान तुुषार को दिल्ली लेकर जाना है और पता लगाना है कि वह किस दुकान से सामान खरीदता था। पटियाल ने कहा कि उन्हें दो तीन ओर लोगों के बारे में पता चला है जो शहर में फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द दबोचा जाएगा।
नरेंद्र पटियाल को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-38 स्थित मोटर मार्केट में फर्जी तरीके से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार की जा रही है। सूचना के बाद बुधवार को एसआई कुलदीप सिंह ने टीम के साथ सेक्टर-38 स्थित मोटर मार्केट में दुकान नंबर 189 में छापा मारा। आरोपी के पास से लगभग 35 फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। पुलिस ने दुकान से कंप्यूटर, सीपीयू, कीबोर्ड, पंचिंग मशीन, प्लॉटर, रैबिट मशीन और अन्य सामान कब्जे में ले लिया।
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आरोपी 2002 से नंबर प्लेट बनाने का काम कर रहा है लेकिन पिछले एक साल से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ नंबर के वाहनों के भी फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का भी काम कर रहा था। आरोपी 250 से ज्यादा फर्जी नंबर प्लेट बना चुका है। मलोया थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
बॉक्स
दोपहिया पर 80 और चारपहिया पर 365 रुपये में लगती है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
दोपहिया वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के 80 रुपये और गाड़ी पर 365 रुपये रुपये लगते हैं। इसके लिए एसडीएम ऑफिस में गाड़ी मालिक को आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद गाड़ी मालिक को नंबर प्लेट लगाने के लिए समय दिया जाता है। गाड़ी के साथ मालिक की फोटो होने के बाद नंबर प्लेट लगती है। नंबर प्लेट पर लगा असली होलोग्राम नहीं उतरता लेकिन आरोपी तुषार जो होलोग्राम लगा रहा था वह उतर जाता था। दो तीन बार हुई बारिश के बाद ही होलोग्राम उतरना शुरू हो जाता था। सिर्फ चालान से बचने और जल्दी लगवाने के कारण लोग आरोप से नंबर प्लेट लगवा रहे थे।
बॉक्स
डाई के ऊपर नंबर प्लेट रखकर डाई मशीन से कर देता था प्रेस
आरोपी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार करने के लिए डाई के ऊपर नंबर प्लेट रखकर डाई मशीन से प्रेस कर देेता था। इसके बाद उस पर होलोग्राम चिपका देता था। साथ ही टेप से आईएनडी लिख देता था। आरोपी यह सारा सामान दिल्ली से लेकर आता था। पुलिस ने उसके पास से ए से लेकर जैड और एक से लेकर 9 अंक तक के डाई बरामद किए हैं। जब से ट्रैफिक पुलिस ने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लोगों के चालान करने शुरू किए तब से आरोपी फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए ओर एक्टिव हो गया था।
वर्जन
वाहनों पर फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड लिया गया है। पूछताछ की जा रही है कि वह दिल्ली में कहां से नंबर प्लेट तैयार करने के लिए फर्जी सामान लेकर आता था।
-कुलदीप चहल, एसएसपी
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पुलिस ने वीरवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जिला अपराध प्रकोष्ठ के प्रभारी नरेंद्र पटियाल ने बताया कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए दिल्ली से सामान लेकर आता था। रिमांड के दौरान तुुषार को दिल्ली लेकर जाना है और पता लगाना है कि वह किस दुकान से सामान खरीदता था। पटियाल ने कहा कि उन्हें दो तीन ओर लोगों के बारे में पता चला है जो शहर में फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द दबोचा जाएगा।
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नरेंद्र पटियाल को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-38 स्थित मोटर मार्केट में फर्जी तरीके से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार की जा रही है। सूचना के बाद बुधवार को एसआई कुलदीप सिंह ने टीम के साथ सेक्टर-38 स्थित मोटर मार्केट में दुकान नंबर 189 में छापा मारा। आरोपी के पास से लगभग 35 फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। पुलिस ने दुकान से कंप्यूटर, सीपीयू, कीबोर्ड, पंचिंग मशीन, प्लॉटर, रैबिट मशीन और अन्य सामान कब्जे में ले लिया।
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आरोपी 2002 से नंबर प्लेट बनाने का काम कर रहा है लेकिन पिछले एक साल से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ नंबर के वाहनों के भी फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का भी काम कर रहा था। आरोपी 250 से ज्यादा फर्जी नंबर प्लेट बना चुका है। मलोया थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
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दोपहिया पर 80 और चारपहिया पर 365 रुपये में लगती है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
दोपहिया वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के 80 रुपये और गाड़ी पर 365 रुपये रुपये लगते हैं। इसके लिए एसडीएम ऑफिस में गाड़ी मालिक को आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद गाड़ी मालिक को नंबर प्लेट लगाने के लिए समय दिया जाता है। गाड़ी के साथ मालिक की फोटो होने के बाद नंबर प्लेट लगती है। नंबर प्लेट पर लगा असली होलोग्राम नहीं उतरता लेकिन आरोपी तुषार जो होलोग्राम लगा रहा था वह उतर जाता था। दो तीन बार हुई बारिश के बाद ही होलोग्राम उतरना शुरू हो जाता था। सिर्फ चालान से बचने और जल्दी लगवाने के कारण लोग आरोप से नंबर प्लेट लगवा रहे थे।
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डाई के ऊपर नंबर प्लेट रखकर डाई मशीन से कर देता था प्रेस
आरोपी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार करने के लिए डाई के ऊपर नंबर प्लेट रखकर डाई मशीन से प्रेस कर देेता था। इसके बाद उस पर होलोग्राम चिपका देता था। साथ ही टेप से आईएनडी लिख देता था। आरोपी यह सारा सामान दिल्ली से लेकर आता था। पुलिस ने उसके पास से ए से लेकर जैड और एक से लेकर 9 अंक तक के डाई बरामद किए हैं। जब से ट्रैफिक पुलिस ने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लोगों के चालान करने शुरू किए तब से आरोपी फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए ओर एक्टिव हो गया था।
वर्जन
वाहनों पर फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड लिया गया है। पूछताछ की जा रही है कि वह दिल्ली में कहां से नंबर प्लेट तैयार करने के लिए फर्जी सामान लेकर आता था।
-कुलदीप चहल, एसएसपी