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शराब घोटाले की जांच के लिए एसईटी ने मांगा दो महीने का समय, मुख्यमंत्री के पास पहुंची फाइल
Sat, 30 May 2020 10:34 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 30 May 2020 10:34 AM IST
सार
- 31 मई को रिटायर होंगे एडीजीपी सुभाष यादव
- संदीप खिरवार हो सकते है एसईटी में शामिल
- जांच में छह माह तक लग सकता है समय
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
हरियाणा में शराब घोटाले की जांच के लिए गठित एसईटी ने सरकार से 31 मई की समय सीमा दो माह तक बढ़ाने की मांग की है। फाइल मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक समय सीमा बढ़ाया जाना तय है।
इस बीच सरकार की ओर से एसईटी में शामिल एडीजीपी सुभाष यादव के सेवानिवृत्ति के आर्डर जारी कर दिए गए हैं। वे 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पहले ये अटकले थीं कि एसईटी की समय सीमा बढ़ने पर सुभाष यादव को एक्सटेंशन दी जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार को एसईटी में शामिल किए जाने पर विचार हो रहा है।
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माना जा रहा है कि खिरवार पहले से ही इस मामले को देख रहे हैं। उनकी निगरानी में ही शराब घोटाले से संबंधित सभी एफआईआर दर्ज हुई हैं। खिरवार की गिनती हरियाणा के तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों में की जाती है। कुल मिला कर एसईटी की समय सीमा बढ़ी तो यह मामला लंबा खिंचेगा।
सूत्रों के मुताबिक जो काम एसईटी को दिया गया है। वह तय समय सीमा में पूरा हो पाना भी मुश्किल है। जिस स्तर का यह शराब घोटाला है, उस स्तर पर सभी पहलुओं की जांच की जाए तो अभी तीन से छह माह का समय भी लग सकता है। आबकारी और पुलिस महकमे की मिलीभगत को जांचने के लिए भी लंबा समय चाहिए। यह सारा कुछ 31 मई से पहले एसईटी के लिए जांच करना संभव नहीं था।
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इस बीच सरकार की ओर से एसईटी में शामिल एडीजीपी सुभाष यादव के सेवानिवृत्ति के आर्डर जारी कर दिए गए हैं। वे 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पहले ये अटकले थीं कि एसईटी की समय सीमा बढ़ने पर सुभाष यादव को एक्सटेंशन दी जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार को एसईटी में शामिल किए जाने पर विचार हो रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक जो काम एसईटी को दिया गया है। वह तय समय सीमा में पूरा हो पाना भी मुश्किल है। जिस स्तर का यह शराब घोटाला है, उस स्तर पर सभी पहलुओं की जांच की जाए तो अभी तीन से छह माह का समय भी लग सकता है। आबकारी और पुलिस महकमे की मिलीभगत को जांचने के लिए भी लंबा समय चाहिए। यह सारा कुछ 31 मई से पहले एसईटी के लिए जांच करना संभव नहीं था।