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Chandigarh News: फिर शुरू हो सकता है सेक्टर-53 का हाउसिंग प्रोजेक्ट, 17 को अहम प्रेजेंटेशन
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चंडीगढ़। सेक्टर-53 में रुका हाउसिंग प्रोजेक्ट फिर से शुरू हो सकता है। 17 जनवरी को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) इस प्रोजेक्ट पर मुख्य सचिव राजीव वर्मा के सामने प्रेजेंटेशन देगा। इसके बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को भी इसकी प्रेजेंटेशन दी जाएगी। साल 2019 से लंबित इस हाउसिंग प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की कोशिशें अब तेज हो गई हैं।
हाल ही में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-53 हाउसिंग प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पहले एक प्रेजेंटेशन देने को कहा था। इस पर कार्य करते हुए सीएचबी 17 जनवरी को मुख्य सचिव राजीव वर्मा को सेक्टर-53 हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर एक प्रेजेंटेशन देगा। बताया जाएगा कि अब तक इस स्कीम को लेकर क्या-क्या हुआ है और किन कारणों की वजह से स्कीम ठप पड़ गई थी। इसके बाद प्रशासक को आखिरी प्रेजेंटेशन दी जाएगी। अगर प्रशासक इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हैं तो चंडीगढ़ में कई वर्षों बाद नई हाउसिंग परियोजना आ सकती है। अगस्त 2023 में पूर्व प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने यह कहते हुए प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था कि फिलहाल इस योजना की जरूरत नहीं है। अब माना जा रहा है कि ये परियोजना फिर रफ्तार पकड़ सकती हैं क्योंकि हाउसिंग बोर्ड ने पहले से ही इन पर काफी काम किया हुआ है। बोर्ड ने तीन श्रेणियों में 340 फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी। सीएचबी ने इसके लिए 200 करोड़ का टेंडर भी जारी कर दिया था लेकिन बाद में रद्द कर दिया गया था।
सीएचबी ने यह रखे थे फ्लैट्स के दाम, अब हो जाएंगे महंगे
सीएचबी ने थ्री बेडरूम फ्लैट की कीमत 1.65 करोड़, टू बेडरूम फ्लैट 1.40 करोड़ रुपये और ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 55 लाख रुपये रखी थी। हालांकि, अब कुछ साल बीत चुके हैं। कंस्ट्रक्शन कॉस्ट भी बढ़ गई है, इसलिए अब अगर स्कीम आएगी तो दाम भी बढ़े हुए होंगे।
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सीएचबी को निजी टेंडरों में हिस्सा लेने के प्रशासक ने दिए हैं निर्देश
सीएचबी पिछले करीब 8 साल से कोई नया हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं लेकर आया है। इस वजह से ही हाल ही में प्रशासक कटारिया ने कहा है कि सीएचबी को विभिन्न राज्यों की ओर से जारी बिल्डिंग निर्माण आदि के टेंडरों में भाग लेना चाहिए। वे अपने पिछले पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को अपनी उपलब्धि के रूप में दिखा सकते हैं। बैठक में कहा गया कि इससे सीएचबी में खाली बैठे कर्मचारियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा और हाउसिंग बोर्ड की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी। बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी ने टीसीआईएल का जिक्र करते हुए कहा था कि वे पहले से ही यह काम कर रहे हैं। बता दें कि टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड एक इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी भारत सरकार का उपक्रम है, जिसकी स्थापना 1978 में दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हुई थी।
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हाल ही में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सेक्टर-53 हाउसिंग प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पहले एक प्रेजेंटेशन देने को कहा था। इस पर कार्य करते हुए सीएचबी 17 जनवरी को मुख्य सचिव राजीव वर्मा को सेक्टर-53 हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर एक प्रेजेंटेशन देगा। बताया जाएगा कि अब तक इस स्कीम को लेकर क्या-क्या हुआ है और किन कारणों की वजह से स्कीम ठप पड़ गई थी। इसके बाद प्रशासक को आखिरी प्रेजेंटेशन दी जाएगी। अगर प्रशासक इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हैं तो चंडीगढ़ में कई वर्षों बाद नई हाउसिंग परियोजना आ सकती है। अगस्त 2023 में पूर्व प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने यह कहते हुए प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था कि फिलहाल इस योजना की जरूरत नहीं है। अब माना जा रहा है कि ये परियोजना फिर रफ्तार पकड़ सकती हैं क्योंकि हाउसिंग बोर्ड ने पहले से ही इन पर काफी काम किया हुआ है। बोर्ड ने तीन श्रेणियों में 340 फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी। सीएचबी ने इसके लिए 200 करोड़ का टेंडर भी जारी कर दिया था लेकिन बाद में रद्द कर दिया गया था।
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सीएचबी ने यह रखे थे फ्लैट्स के दाम, अब हो जाएंगे महंगे
सीएचबी ने थ्री बेडरूम फ्लैट की कीमत 1.65 करोड़, टू बेडरूम फ्लैट 1.40 करोड़ रुपये और ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 55 लाख रुपये रखी थी। हालांकि, अब कुछ साल बीत चुके हैं। कंस्ट्रक्शन कॉस्ट भी बढ़ गई है, इसलिए अब अगर स्कीम आएगी तो दाम भी बढ़े हुए होंगे।
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सीएचबी को निजी टेंडरों में हिस्सा लेने के प्रशासक ने दिए हैं निर्देश
सीएचबी पिछले करीब 8 साल से कोई नया हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं लेकर आया है। इस वजह से ही हाल ही में प्रशासक कटारिया ने कहा है कि सीएचबी को विभिन्न राज्यों की ओर से जारी बिल्डिंग निर्माण आदि के टेंडरों में भाग लेना चाहिए। वे अपने पिछले पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को अपनी उपलब्धि के रूप में दिखा सकते हैं। बैठक में कहा गया कि इससे सीएचबी में खाली बैठे कर्मचारियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा और हाउसिंग बोर्ड की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी। बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी ने टीसीआईएल का जिक्र करते हुए कहा था कि वे पहले से ही यह काम कर रहे हैं। बता दें कि टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड एक इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी भारत सरकार का उपक्रम है, जिसकी स्थापना 1978 में दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हुई थी।