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बच्चों को ऐसे बनाया ढाल, याद आए 'रामपाल'

Sun, 14 Dec 2014 03:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Sun, 14 Dec 2014 03:09 PM IST
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school management behaved his children like that sant rampal

रामपाल प्रकरण को अभी एक महीना भी नहीं बीता कि सिरसा के एक प्राइवेट स्कूल ने इस प्रकरण की फिर से यादें ताजा कर दी। हुआ यूं कि जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी न्यू हाउसिंग बोर्ड में पानी के बिलों की रिकवरी के लिए गए थे। दोपहर साढे़ 12 बजे जन स्वास्थ्य विभाग के 25 लोगों की टीम रिकवरी के दौरान यहां स्थित हाई स्कूल पहुंची।

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कर्मचारियों ने स्कूल की ओर से एक लाख नौ हजार रुपये बकाया की वसूली न देने पर स्कूल का कनेक्शन काटना चाहा तो स्कूल मैनेजमेंट ने नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों को बाहर गेट पर खड़ा कर दिया और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को स्कूल में नहीं जाने दिया।
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स्कूल की प्रिंसिपल रेणु खुराना कर्मचारियों से बात करने लगी पर कर्मचारी बिल नहीं भरने पर कनेक्शन काटने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान मैनेजमेंट के इशारे पर बच्चों ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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बच्चों की ओर से बढ़ते दवाब के कारण कर्मचारी कनेक्शन नहीं काट सके। मौके पर पहुंचे स्कूल मैनेजमेंट ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन से बात कर दो घंटे के अंदर बिल भरने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद कर्मचारी वहां से लौट आए। हालांकि, शुक्रवार शाम तक स्कूल प्रबंधन की ओर से बकाया बिल नहीं भरा गया।

मैडम की रक्षा के लिए गए बच्चे

school management behaved his children like that sant rampal

स्कूल मैनेजमेंट ने विद्यार्थियों को ढाल बनाने की बात से इंकार करते हुए कहा कि कर्मचारी तेज आवाज में पि्रंसिपल से बोल रहे थे, इसलिए बच्चों ने सोचा कि कर्मचारी मैडम से लड़ाई तो नहीं कर रहे। इसलिए बच्चे मैडम के लिए बाहर गए थे।

स्कूल की तरफ से उनको बाहर गेट पर खड़ा होने के लिए नहीं कहा गया। जब स्कूल के बच्चों से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता। वे तो मैडम के कहने पर ही बाहर आकर खड़े हुए हैं। जब कर्मचारियों ने मैनेजमेंट से आराम से बैठकर बात करने को कहा तो प्रिंसिपल के कहने पर बच्चे अंदर चले गए।

छात्र बोले, जो प्रिंसिपल ने कहा वही किया
स्कूल के विद्यार्थियों से बात की उन्होंने कहा कि वे अपने मर्जी से गेट पर आकर नहीं खड़े हुए। स्कूल पि्रंसिपल ने बोला था कि कोई अपने स्कूल का पानी का कनेक्शन आया है, जाकर गेट पर खड़े हो जाओ।

कनेक्शन कट गया तो पानी कहां से पीयोगे। इसलिए वे सब गेट पर आकर खड़े हो गए। छात्रों ने कहा प्रिंसिपल ने ही जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में मैडम के कहने पर ही वे स्कूल के अंदर गए। वे अपनी मर्जी से बाहर नहीं आए थे और न ही अंदर अपनी मर्जी से गए। जो मैडम ने कहा, उन्होंने वही किया।

नहीं मिला कोई नोटिस

school management behaved his children like that sant rampal

इस संबंध में स्कूल मैनेजर रोहताश शर्मा ने बताया कि स्कूल बने 25 साल हो गए, लेकिन यहां किसी तरह का कोई पानी का बिल नहीं आया है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूल मैनेजमेंट को कोई नोटिस नहीं मिला है। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बिना नोटिस के अचानक कनेक्शन काटने आए थे, यह गलत है। बच्चों को ढाल नहीं बनाया गया।

स्कूल के बाहर शोर मचने पर वे खुद ही बाहर गए थे, स्कूल मैनेजमेंट ने उन्हें नहीं भेजा। कर्मचारी पानी का कनेक्शन काटने की आड़ में स्कूल का रैंप तोड़ रहे थे और वे बात ही नहीं सुनना चाहते थे। कुछ कर्मचारी स्कूल मैनेजमेंट से दुश्मनी निकाल रहे हैं।

कई बाद दिया नोटिस
स्कूल प्रबंधन को कई बार पानी का बिल भरने के कई नोटिस दिए गए थे। उन्होंने एक भी नोटिस रिसीव नहीं किया। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन प्रदीप पुनिया के कहने पर पानी के बिलों की बकाया राशि वसूलने के लिए शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड गए थे। उसी के तहत स्कूल का भी एक लाख नौ हजार रुपये का बिल बकाया था। बिन नहीं भरने पर पानी का कनेक्शन काटने गए थे। स्कूल प्रबंधन ने रामपाल की तरह बच्चों को ढाल बनाया जो गलत है।
समीर कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, सिरसा

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