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Chandigarh News: सीएम के ओएसडी से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
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आधी रात 1:42 बजे एसएलपी, हाईकोर्ट के सीबीआई जांच आदेश को दी चुनौती; तत्काल सुनवाई से इन्कार
बुधवार या वीरवार को सुनवाई संभव, फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने सोमवार आधी रात 1:42 बजे स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल की। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को बुधवार या वीरवार को सूचीबद्ध करने की बात कही। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाई गई है।
हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग तथा संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को भी कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट में विकास सिंह ने मामला अधिकारियों के तबादलों, पोस्टिंग और अन्य आरोपों से जुड़ा बताते हुए आगामी विधानसभा चुनावों का हवाला दिया और जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने इसे संघीय ढांचे से जुड़ा मामला भी बताया।
ईडी की सूचना पर शुरू हुआ मामला
ईडी ने पंजाब पुलिस से घुम्मन के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की थी। ईडी के अनुसार, निजी व्यक्ति नितिन गोहल कथित तौर पर घुम्मन और सरकारी लाभ लेने के इच्छुक लोगों के बीच मध्यस्थ था। आरोपों में तबादलों, गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच, हथियार लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने से जुड़े भ्रष्टाचार का जिक्र है। पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज न किए जाने पर अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने ईडी की सामग्री को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की ओर इशारा करने वाला मानते हुए एफआईआर और उचित जांच की जरूरत बताई थी।
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बुधवार या वीरवार को सुनवाई संभव, फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने सोमवार आधी रात 1:42 बजे स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल की। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को बुधवार या वीरवार को सूचीबद्ध करने की बात कही। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगाई गई है।
हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग तथा संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को भी कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट में विकास सिंह ने मामला अधिकारियों के तबादलों, पोस्टिंग और अन्य आरोपों से जुड़ा बताते हुए आगामी विधानसभा चुनावों का हवाला दिया और जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने इसे संघीय ढांचे से जुड़ा मामला भी बताया।
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ईडी की सूचना पर शुरू हुआ मामला
ईडी ने पंजाब पुलिस से घुम्मन के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की थी। ईडी के अनुसार, निजी व्यक्ति नितिन गोहल कथित तौर पर घुम्मन और सरकारी लाभ लेने के इच्छुक लोगों के बीच मध्यस्थ था। आरोपों में तबादलों, गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच, हथियार लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने से जुड़े भ्रष्टाचार का जिक्र है। पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज न किए जाने पर अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने ईडी की सामग्री को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की ओर इशारा करने वाला मानते हुए एफआईआर और उचित जांच की जरूरत बताई थी।
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