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एसजीपीसी सिर्फ किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरे सिख संगत की साझी : पन्नू
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फोटो सहित....
बोले, संस्था पर नहीं, कमेटी के पदों का दुरुपयोग करने वालों पर उठा रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने मंगलवार को एसजीपीसी सराय में बहरीन की महिला के रहने को लेकर हुए विवाद पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पन्नू ने साफ किया है कि कोई भी एसजीपीसी संस्था पर हमला नहीं कर रहा है, बल्कि सवाल उन लोगों पर उठ रहे हैं जो इसे चलाने के लिए जिम्मेदार हैं और जिन पर अपने पदों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं। पन्नू मंगलवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे सिख समुदाय की संस्थान है, जिन्होंने इस संस्था को बनाने और चलाने के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि यह संस्था सिर्फ प्रधान धामी की नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि एसजीपीसी को यह साफ करना चाहिए कि जब महिला अमृतसर सराय आई थी, तो उसके लिए कमरा बुक करने की सलाह किसने दी थी। उन्होंने पूछा कि अगर एसजीपीसी के पास श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर में उन कमरों का रिकॉर्ड है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पन्नू ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो उस पर उंगली उठाने का मतलब संस्था को नुकसान पहुंचाना नहीं है। जो लोग संस्था चलाने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें इसके कामकाज के बारे में सवालों के जवाब देने होंगे। पन्नू ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस नतीजे पर पहुंचने की कोशिश की जा रही है कि महिला मानसिक तौर पर परेशान थी। उन्होंने सवाल किया कि यह असली सवालों के जवाब देने से बचने का बहाना बनाया जा रहा है।
एसजीपीसी के 15 दिन की फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश पर सवाल उठाते हुए पन्नू ने पूछा कि क्या कमेटी ने मैनेजर, स्टाफ और मामले में शामिल दूसरे लोगों से पूछताछ और गाड़ियों के मूवमेंट रिकॉर्ड चेक है। इस बारे में कुछ भी नहीं बताया जा रहा है। बता दें कि बहरीन से धार्मिक यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब आई एक महिला ने एसजीपीसी के सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
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बोले, संस्था पर नहीं, कमेटी के पदों का दुरुपयोग करने वालों पर उठा रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने मंगलवार को एसजीपीसी सराय में बहरीन की महिला के रहने को लेकर हुए विवाद पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पन्नू ने साफ किया है कि कोई भी एसजीपीसी संस्था पर हमला नहीं कर रहा है, बल्कि सवाल उन लोगों पर उठ रहे हैं जो इसे चलाने के लिए जिम्मेदार हैं और जिन पर अपने पदों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं। पन्नू मंगलवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे सिख समुदाय की संस्थान है, जिन्होंने इस संस्था को बनाने और चलाने के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि यह संस्था सिर्फ प्रधान धामी की नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि एसजीपीसी को यह साफ करना चाहिए कि जब महिला अमृतसर सराय आई थी, तो उसके लिए कमरा बुक करने की सलाह किसने दी थी। उन्होंने पूछा कि अगर एसजीपीसी के पास श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर में उन कमरों का रिकॉर्ड है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पन्नू ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो उस पर उंगली उठाने का मतलब संस्था को नुकसान पहुंचाना नहीं है। जो लोग संस्था चलाने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें इसके कामकाज के बारे में सवालों के जवाब देने होंगे। पन्नू ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस नतीजे पर पहुंचने की कोशिश की जा रही है कि महिला मानसिक तौर पर परेशान थी। उन्होंने सवाल किया कि यह असली सवालों के जवाब देने से बचने का बहाना बनाया जा रहा है।
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एसजीपीसी के 15 दिन की फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश पर सवाल उठाते हुए पन्नू ने पूछा कि क्या कमेटी ने मैनेजर, स्टाफ और मामले में शामिल दूसरे लोगों से पूछताछ और गाड़ियों के मूवमेंट रिकॉर्ड चेक है। इस बारे में कुछ भी नहीं बताया जा रहा है। बता दें कि बहरीन से धार्मिक यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब आई एक महिला ने एसजीपीसी के सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
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